सड़क पर लगे जन्मदिन की बधाई के फ्लैक्स से टकराकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, नगर निगम की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

A bike rider died tragically after colliding with a birthday greeting flex on the road, serious questions raised on the inaction of the Municipal Corporation

सड़क पर लगे जन्मदिन की बधाई के फ्लैक्स से टकराकर बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, नगर निगम की निष्क्रियता पर उठे गंभीर सवाल

बिलासपुर : बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में तड़के हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई. हादसा महामाया चौक के पास उस वक्त हुआ जब शुभम मिश्रा अपने दोस्त के साथ बाइक से लौट रहा था. बाइक का हैंडल सड़क किनारे बिजली के खंभे में भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला के जन्मदिन के मौके पर लगे एक फ्लैक्स से टकरा गया. जिससे बाइक असंतुलित हो गई और दोनों युवक डिवाइडर से टकराकर गिर पड़े. शुभम मिश्रा के सिर और पूरे शरीर में गंभीर चोट लगने की वजह से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. जबकि अनुपम घायल हो गया. जिसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उसका इलाज चल रहा है. इस मामले में अब नगर निगम के अगले स्टेप पर सबकी नजर बनी हुई है.
किसी की खुशी का मौका क्या किसी के आपदा के लिए वजह भी बन सकता है. समर्थकों द्वारा अपनी निष्ठा दिखाने के लिए लगाए गए जन्मदिन के पोस्टर बैनर से एक युवा की जान चली गई. भला अब इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?. न तो यातायात पुलिस और ना ही नगर निगम इस पर कोई बात कर रही है.
बेलतरा के भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला के जन्मदिन के मौके पर सरकंडा क्षेत्र में लगाए गए बेतरतीब बैनर पोस्टर से महामाया चौक के पास टकराकर तड़के शुभम मिश्रा की मौत हो गई. शहर के सीपत रोड स्थित शंकर हार्डवेयर का वह संचालक था. जो अपनी बड़ी बहन सौम्या के साथ रहता था. माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है. इस हादसे के बाद उसकी बहन अब अकेली रह गई है. घायल युवक अनुपम कोरबा का निवासी है और दो दिन बाद उसके माता-पिता की शादी की 25वीं सालगिरह थी.
चश्मदीदों के मुताबिक जिस फ्लैक्स से बाइक टकराई वह हाल ही में मनाए गए एक जन्मदिन समारोह से जुड़ा था. जिसमें शहर भर में पोस्टर और बैनर लगाए गए थे. यह साफ नहीं हो पाया है कि इन पोस्टरों की अनुमति नगर निगम से ली गई थी या नहीं.
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले शहर के युवा निक्कू भंडारी के जन्मदिन पर बिना अनुमति लगाए गए पोस्टरों के लिए नगर निगम ने उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था. ऐसे में अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या इस हादसे को लेकर भी नगर निगम कार्रवाई करेगा या फिर किसी पहुंच पकड़ वाले के साथ हादसा नहीं हुआ है. इसलिए मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा/ निगम के अतिक्रमण विभाग के प्रभारी प्रमिल शर्मा से इस मामले में चर्चा किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह मामला उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा नहीं है.
हालांकि फ्लेक्स और खंभे से टकराकर युवक की मौत के बाद नगर निगम का अतिक्रमण अमला और ज्यादा सक्रिय हो गया और शनिवार की सुबह से शहर भर में इस तरह के बैनर पोस्टर निकाले जाने लगे. वहीं दूसरी तरफ जब इस मामले में उनसे चर्चा की गई तो उन्होंने खुद के पास बैनर पोस्टर का विभाग ना होना बताया. अब यहां पर नगर निगम की दो व्यक्ति दो कानून वाली स्थिति सामने आ रही है. फ्लैक्स-पोस्टर लगवाने वालों पर कार्यवाही होना दूर की कौड़ी है. लेकिन जमीनी स्तर एक युवक की मौत हो जाने पर निगम के फ्लेक्स और जुर्माने की कार्यवाही सवालों से घिर गई है. एक तरह से ये कहा जा सकता है कि नगर नियम जिस पर चाहे कार्रवाई करे और जिसे चाहे अभयदान दे दे.. यानी की मनमानी चरम पर है..
सवाल अब सिर्फ यह नहीं है कि शुभम की मौत का दोषी कौन है. सवाल यह है कि क्या ऐसी मौतें रोकी जा सकती हैं? क्या नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की जिम्मेदारी सिर्फ घटना के बाद कार्रवाई तक सीमित रह गई है?
जब तक बेतरतीब फ्लैक्स और पोस्टर पर सख्त नियम लागू नहीं होते. जब तक अनुमति के बिना लगाए गए प्रचार सामग्री पर तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होती — तब तक ऐसी मौतें होती रहेंगी और सिस्टम सवालों के कटघरे में खड़ा रहेगा.
अब समय है कि जनता भी जागे. क्योंकि अगली बार ये फ्लैक्स किसी और शुभम के लिए जानलेवा साबित न हो जाएं.
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