प्रधानमंत्री आवास योजना घोटाला, 6 लोगों पर FIR, 2 रोजगार सहायकों की सेवाएं खत्म, शासकीय कार्य में लापरवाही, सहायक ग्रेड-02 सत्यपाल कंवर सस्पेंड
Pradhan Mantri Awas Yojana scam, FIR against 6 people, services of 2 employment assistants terminated, negligence in government work, Assistant Grade-02 Satyapal Kanwar suspended
प्रधानमंत्री आवास योजना घोटाला, 6 लोगों पर FIR, 2 रोजगार सहायकों की सेवाएं खत्म
कोरबा : कोरबा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-G) के तहत गबन का मामला सामने आया है, जिसमें 86 लाख रुपये की हेराफेरी की गई। अधूरे आवासों को पूर्ण दिखाकर सरकारी धन का दुरुपयोग करने वाले 3 ठेकेदार, 2 रोजगार सहायक और 1 आवास मित्र के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इसके साथ ही, दो रोजगार सहायकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं.
जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत श्यांग, सिमकेदा और सोलवा में 72 आवासों का निर्माण अधूरा था, लेकिन इन्हें पूर्ण दिखाकर 86 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस गड़बड़ी में ठेकेदार राजाराम चौहान, मेघनाथ विश्वकर्मा और लखनलाल बैगा, रोजगार सहायक प्रकाश चौहान और किरण महंत, और पूर्व आवास मित्र चंद्रशेखर मंझवार शामिल थे.
FIR दर्ज: 6 लोगों के खिलाफ IPC की धारा 420, 409, 120-B, 34 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. रोजगार सहायकों की सेवा समाप्त: प्रकाश चौहान और किरण महंत की सेवाएं खत्म की गई. FIR की सिफारिश: तत्कालीन विकासखंड समन्वयक लम्बोदर कौशिक और कलेश्वर चौहान पर भी FIR के निर्देश दिया गया है.
सीईओ जिला पंचायत ने साफ किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है. इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी. शासन स्तर पर इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच की जाएगी और बाकी दोषियों पर भी कड़ी कार्रवाई की संभावना है.
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शासकीय कार्य में लापरवाही, सहायक ग्रेड-02 सत्यपाल कंवर सस्पेंड
कोरबा : कोरबा में शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में सहायक ग्रेड-02 सत्यपाल कंवर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी टी. पी. उपाध्याय ने यह कार्रवाई की.
दिसंबर 2024 में संभाग आयुक्त कार्यालय के अंकेक्षकों ने कोरबा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का ऑडिट किया. इस दौरान वित्तीय अभिलेखों में गड़बड़ी पाई गई. इसके बाद 22 जनवरी को संभाग आयुक्त महादेव कांवरे ने जब रोकड़ पंजी की मांग की तो संबंधित अधिकारी सत्यपाल कंवर बिना अनुमति के कार्यालय से गैरहाजिर थे. जिससे पंजी पेश नहीं की जा सकी. इस लापरवाही पर संभाग आयुक्त ने सख्त नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश दिया.
वित्तीय अभिलेखों में गड़बड़ी मिलने के बावजूद सत्यपाल कंवर ने संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया. कारण बताओ नोटिस जारी करने के बावजूद 3 दिन में जवाब पेश नहीं किया. छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियमों के उल्लंघन के तहत कार्रवाई की गई. सत्यपाल कंवर का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कटघोरा रहेगा.
निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगाजिला शिक्षा अधिकारी ने साफ़ किया है कि शासकीय कार्यों में लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. यह कार्रवाई सरकारी तंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए की गई है.
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