नौकरी का झांसा देकर लाखों की ठगी, फर्जी नाम-दस्तावेज और काले खेल का पर्दाफाश, शातिर जॉब फ्रॉड मास्टरमाइंड राकेश गिरफ्तार
Lakhs of rupees were defrauded by promising jobs, fake names and documents and black market exposed, vicious job fraud mastermind Rakesh arrested.
बिलासपुर : सिटी कोतवाली पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है. आरोपी खुद को प्रभावशाली अधिकारियों का करीबी बताकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देता था और लोगों से मोटी रकम वसूल करता था.
मिली जानकारी के मुताबिक प्रार्थी अभय किशोर तिवारी, निवासी सूरजपुर (वर्तमान निवास दयालबंद, बिलासपुर), वर्ष 2022 से बिलासपुर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था. इसी दौरान उसकी पहचान आरोपी राकेश कुमार देवांगन उर्फ दुर्गेश उर्फ गोलू उर्फ मोनू से हुई. आरोपी ने खुद को बड़े अधिकारियों से परिचित बताते हुए पहले अमीन पटवारी पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर ₹4 लाख की मांग की, जिसे प्रार्थी ने UPI के माध्यम से ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद केमिस्ट पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने ₹1 लाख 25 हजार और वसूल लिया. इस तरह कुल ₹5 लाख 25 हजार की ठगी की गई.
प्रार्थी की शिकायत पर थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 83/2026 धारा 318(4) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु की गई. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल एवं नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश की गई। लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने आरोपी को दयालबंद क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया.
पूछताछ में आरोपी ने फर्जी नामों और दस्तावेजों के सहारे लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करना कबूल किया. जांच में सामने आया कि आरोपी ने आदर्श महंत नामक व्यक्ति के नाम से बैंक खाता खुलवाया था. जिसकी पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम अपने पास रखकर ठगी की रकम का लेन-देन करता था. आरोपी द्वारा फर्जी पहचान पत्र और प्रमाण पत्रों का उपयोग भी किया जा रहा था.
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से फर्जी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की प्रतियां, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जप्त किए हैं. अपराध की गंभीरता को देखते हुए मामले में धारा 338, 336(3), 340(2), 341(2) BNS जोड़ी गई है. आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया. जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
पुलिस ने आमजन से अपील किया कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को रकम देने से पहले उसकी सत्यता की जांच अजरुर करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की खबर फौरन पुलिस को दें.
आरोपी
राकेश कुमार देवांगन उर्फ दुर्गेश उर्फ गोलू उर्फ मोनू उम्र 35 साल निवासी ग्राम नवापारा हथबंद, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा
वर्तमान निवासी नारियल कोठी, दयालबंद
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