जान जोखिम में डाल मां ने हाथी से छीन लिया बच्चा, लेकिन नहीं बचा पाई 5 माह के मासूम की जान, गांव में मातम और वन विभाग के खिलाफ आक्रोश

A mother risked her life to snatch her child from the elephant, but could not save the 5-month-old, sparking mourning in the village and anger against the forest department.

जान जोखिम में डाल मां ने हाथी से छीन लिया बच्चा, लेकिन नहीं बचा पाई 5 माह के मासूम की जान, गांव में मातम और वन विभाग के खिलाफ आक्रोश

सूरजपुर : सूरजपुर जिले में हाथियों के हमले से लगातार ग्रामीणों की मौत के मामले बढ़ते जा रहें. वह डर के साए में जीने को मजबूर हैं. ताजा मामला सोनगरा के चिकनी गांव से सामने आया है, जहां गुड़ फैक्ट्री में मजूदरी करने आए परिवार के लोग सो रहे थे. इसी दौरान अचानक हाथी पहुंच गया. “हाथी ने 5 महीने के मासूम को अपनी सूंड में उठा लिया. मां ने पूरी हिम्मत जुटाकर अपने बच्चे को हाथी से छीन लिया. हालांकि तब तक उसकी मौत हो गई थी.
मिली जानकारी के मुताबिक हाथी को देखकर सो रहे लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे. वहीं 5 महीने के मासूम बच्चे को हाथी अपने सूंड में उठा लिया था. मासूम की मां उसे बचाने के लिए हाथी के पास पहुच गई. उसने हाथी से बच्चे को छुड़ा भी लिया लेकिन तब तक मासूम ने दम तोड़ दिया था. घटना से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है.
वहीं वन आमला की टीम मौके पर पहुंची. वहीं हाथियों के हमले से लगातार हो रही मौत से वन विभाग के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही और हमलों के बावजूद वन विभाग द्वारा ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं.
लगातार हो रही मौतों से स्थानीय लोगों में वन विभाग के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों की मूवमेंट की समय पर सूचना नहीं दी जाती और न ही सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाते हैं. कई गांवों में न तो सोलर फेंसिंग है और न ही रात्रि गश्त की समुचित व्यवस्था, जिससे लोग पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t