डीएड अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन, 81वें दिन सड़कों पर लेटे डीएड अभ्यर्थी, दंडवत प्रणाम करते नियुक्ति की मांग लेकर विधानसभा घेरने से पहले पुलिस का पहरा

A unique protest by D.Ed candidates; D.Ed candidates lay down on the streets for the 81st day, prostrating themselves before the police laid a watch on them as they surrounded the Assembly demanding appointment.

डीएड अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन, 81वें दिन सड़कों पर लेटे डीएड अभ्यर्थी, दंडवत प्रणाम करते नियुक्ति की मांग लेकर विधानसभा घेरने से पहले पुलिस का पहरा

रायपुर : इंसाफ की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे डीएड अभ्यर्थियों का सब्र शनिवार को जवाब दे गया. अपने आमरण अनशन के 81वें दिन, ये छात्र शांतिपूर्ण तरीके से दंडवत प्रणाम करते हुए विधानसभा का घेराव करने निकले. हालांकि पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा घेरा कड़ा करते हुए उन्हें गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया. सड़कों पर प्रदर्शनकारियों और भारी पुलिस बल के बीच घंटों गहमागहमी बनी रही.
सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थियों (Ded Candidate) का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. अभ्यर्थियों के आमरण अनशन का शनिवार को 81वां दिन रहा.
मिली जानकारी के मुताबिक डीएड अभ्यर्थी न्याय की मांग को लेकर दण्डवत प्रणाम करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से छत्तीसगढ़ विधानसभा घेराव के लिए निकले थे. अभ्यर्थी जमीन पर लेटकर एक-एक इंच आगे बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस की भारी मौजूदगी ने उनकी रफ्तार थाम दी. मौके पर तैनात एसडीएम ने साफ किया कि आंदोलनकारी एक कानूनी बॉन्ड के तहत अनशन पर बैठे हैं. नियम के मुताबिक, उन्हें अनशन स्थल छोड़कर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं है. साथ ही आगे बढ़ने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई.
पुलिस ने दोटूक शब्दों में कहा कि अगर अभ्यर्थी बैरिकेड्स पार करने की कोशिश करते हैं तो उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. 81 दिनों की शारीरिक थकान के बावजूद अभ्यर्थी घंटों सड़क पर ही डटे रहे.
गौरतलब है कि डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से नया रायपुर के तूता माना धरना स्थल परअनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हैं. उनकी मांग है कि 2300 सहायक शिक्षक पदों पर उन्हें नियुक्ति दी जाए.
अभ्यर्थियों का कहना है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 28 अगस्त 2024 को और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 2 अप्रैल 2024 तथा 26 सितंबर 2025 को स्पष्ट आदेश दिया था कि 2621 बर्खास्त बीएड सहायक शिक्षकों के स्थान पर डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए.
आरोप है कि शिक्षा विभाग की लापरवाही की वजह से आज भी बड़ी तादाद में पात्र अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हैं. विभाग ने 2621 पदों पर कॉमन मेरिट लिस्ट के आधार पर बिना दस्तावेज सत्यापन के ही स्कूल अलॉटमेंट कर दिया. जिसके कारण कई अपात्र अभ्यर्थियों को भी स्कूल आवंटित हो गया.
इसके चलते सिर्फ 1299 पात्र डीएड अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिल पाई. जबकि 1300 से ज्यादा पात्र अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति का इन्तेजार कर रहे हैं.
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अदालत के आदेश के पालन की मांग को लेकर 81 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं और सरकार से जल्द से जल्द सभी पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं.
81 दिन लंबा अनशन किसी भी लोकतांत्रिक प्रदर्शन के लिए एक बड़ा आंकड़ा है. छात्रों का दंडवत मार्च यह दर्शाता है कि वे अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. प्रशासन द्वारा दी गई ‘दंडात्मक कार्रवाई’ की चेतावनी से माहौल और गरमा सकता है. आगामी 24 घंटों में अगर सरकार की तरफ से कोई ठोस पहल नहीं होती, तो यह विरोध प्रदर्शन रायपुर की कानून-व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है. अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक इंसाफ नहीं मिलता, वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.
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