छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला!, प्रदेश में कब्जाधारी जमीनों का होगा सर्वे, 2017 से रह रहे लोगों को 30 साल तक मिल सकेगा पट्टा, लोगों में उत्साह
Chhattisgarh government takes a major decision! Occupied lands in the state will be surveyed; residents living there since 2017 will be able to get a lease for 30 years, sparking enthusiasm among the people.
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भूमि व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और लंबे समय से कब्जे में रह रहे लोगों को राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. राज्य में वर्ष 2017 से कब्जे में रखी गई जमीनों का सर्वे और जनगणना कार्य शुरू कर दिया गया है. इसके लिए राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गांव-गांव पहुंचकर जमीनों का सत्यापन कर रही है.
सरकारी योजना के मुताबिक जिन लोगों का वर्ष 2017 से किसी शासकीय या निर्धारित भूमि पर कब्जा है और वे वहां लगातार निवास या उपयोग कर रहे हैं. उन्हें नियमानुसार 30 साल तक का पट्टा प्रदान किया जा सकेगा.
राजस्व विभाग की टीमों द्वारा कब्जे वाली जमीनों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है. इसमें कब्जाधारी का नाम, निवास अवधि, जमीन का उपयोग और अन्य जरुरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी. अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान 15 अगस्त 2026 तक चलाया जाएगा.
ग्रामीण क्षेत्रों में इस फैसले को लेकर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है. कई परिवारों को उम्मीद है कि सालों से जिस जमीन पर वे रह रहे हैं. अब उन्हें उसका वैधानिक अधिकार मिल सकेगा.
राजस्व विभाग ने लोगों से अपील किया कि सर्वे के दौरान सही जानकारी और जरुरी दस्तावेज उपलब्ध कराएं. ताकि पात्र लोगों को योजना का लाभ मिल सके.
पात्रता क्या है?
✔️ 2017 से पहले से निवास
✔️ छत्तीसगढ़ का मूल निवासी
✔️ जरूरी दस्तावेज सत्यापन
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