घर के पंखे से लटकता मिला युवक का शव, इधर यौन उत्पीड़न का आरोप के बाद खुदकुशी, महिला के खिलाफ परिजनों ने की कार्यवाही की मांग
A young man's body was found hanging from a ceiling fan in his home. He also committed suicide after being accused of sexual harassment. Family members demanded action against the woman.
घर के पंखे से लटकता मिला युवक का शव
जांजगीर-चांपा : नवागढ़ ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कुथुर में एक नव युवक द्वारा फांसी लगाने से गांव में सनसनी फैल गई. पूरे गांव में शोक का माहौल है. फिलहाल आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया है. पामगढ़ पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
मिली जानकारी के मुताबिक रात को सभी लोग एक साथ खाना खाकर अपने-अपने कमरों में सोने चले गए. इसी दौरान खेलन बघेल ने अपने घर में लगे सीलिंग पंखे से फांसी लगा ली. मृतक खेलन बघेल उम्र 28 साल रायपुर में एक मेडिकल स्टोर में काम करता था और रविवार को ही अपने गांव कुथुर आया था. उसका धान मंडी में टोकन भी कटा हुआ था. इसी वजह से वह गांव आया था. घटना की खबर मिलते ही पामगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और जांच कर रही है. फिलहाल आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक का माहौल है. पामगढ़ पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB
केरल के कोझिकोड में 42 साल के दीपक ने खुदकुशीकर ली. एक महिला ने बस में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उस पर वीडियो बनाया था. सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल होने के बाद उस आदमी ने खुदकुशी कर ली. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
मिली जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले एक महिला ने एक वीडियो बनाया था. जिसने उसमें इस आदमी पर स्थानीय बस में यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था. यह वीडियो देखते ही देखते लाखों लोगों तक पहुंच गया और इसके बाद दीपक को भारी ऑनलाइन ट्रोलिंग और सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़ा.
विवार सुबह दीपक के माता-पिता जब सुबह उन्हें जगाने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा नहीं खुला. कई बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बाद पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया. जहां दीपक मृत पाए गए. इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी.
परिजनों का कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद दीपक गहरे मानसिक तनाव में चले गए थे. सोशल मीडिया पर उन्हें जिस तरह से दोषी ठहराया गया. उसने उन्हें भीतर से तोड़ दिया. परिवार ने आरोप लगाया कि बिना किसी जांच या कानूनी प्रक्रिया के सोशल मीडिया पर उनके चरित्र पर हमला किया गया.
वायरल वीडियो में महिला ने दावा किया था कि यात्रा के दौरान भीड़भाड़ वाली बस में दीपक ने कथित रुप से अनुचित व्यवहार किया. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. वहीं, मृतक के रिश्तेदारों का कहना है कि ऑनलाइन गाली-गलौज और धमकियों ने हालात को और बिगाड़ दिया.
पुलिस ने मामले में अस्वाभाविक मौत का केस दर्ज कर लिया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल आरोप, मानसिक दबाव और घटना के बीच संबंधों की भी पड़ताल की जाएगी. फिलहाल, आरोप लगाने वाली महिला की ओर से दीपक की मौत के बाद कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, हालांकि वह भी सोशल मीडिया ट्रोलिंग का सामना कर रही बताई जा रही है.
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना सही है, जब तक कि जांच पूरी न हो जाए. साथ ही, यह घटना बताती है कि ऑनलाइन ट्रायल और साइबर ट्रोलिंग का मानसिक स्वास्थ्य पर कितना गंभीर असर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में संवेदनशीलता, कानून का पालन और मानसिक स्वास्थ्य सहायता बेहद जरुरी है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB



