भारतमाला मुआवजा घोटाला, सस्पेंड SDM निर्भय साहू गिरफ्तार, ED ने किया 23 करोड़ की संपत्ति जब्त, करोड़ों के फर्जी भुगतान का राजफाश

Bharatmala compensation scam: Suspended SDM Nirbhay Sahu arrested; ED seizes assets worth Rs 23 crore; exposes fraudulent payments worth crores

भारतमाला मुआवजा घोटाला, सस्पेंड SDM निर्भय साहू गिरफ्तार, ED ने किया 23 करोड़ की संपत्ति जब्त, करोड़ों के फर्जी भुगतान का राजफाश

रायपुर : भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले में एडिशनल कलेक्टर निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है. निर्भय कुमार साहू पर आरोप है कि अभनपुर में भूमि अधिग्रहण के दौरान एसडीएम और भू अर्जन प्राधिकारी रहते हुए सुनियोजित तरीके से अन्य लोगों के साथ मिलकर मुआवजा घोटाले को अंजाम देते हुए शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई थी.
घोटाले के आरोप में मार्च 2025 में जगदलपुर नगर निगम आयुक्त रहते हुए सस्पेंड कर दिया गया था. राज्य सरकार ने प्रकरण की जांच ईओडब्लू को सौंपी थी. एफआईआर होने के बाद से निर्भय कुमार साहू फरार चल रहे थे. इस बीच सुप्रीम कोर्ट से भी उनकी जमानत खारिज हो गई थी. अब उन्हें गिरफ्तार कर एसीबी ने पूछताछ के लिए 13 दिनों का रिमांड लिया है.
ब्यूरो में विवेचनाधीन अपराध क्रमांक 30/2025, धारा 409, 467, 468, 471, 420, 120बी, भा.द.वि. एवं 7 सी, 12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 यथासंशोधित अधिनियम 2018 में रायपुर-विशाखापट्नम एवं दुर्ग-बायपास भारतमाला परियोजना सड़क निर्माण के मामले में महत्वपूर्ण फरार आरोपी निर्भय कुमार साहू, तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी / सक्षम प्राधिकारी, भू-अर्जन अभनपुर, जिला रायपुर द्वारा पद का दुरूपयोग कर आपराधिक षडयंत्रपूर्वक अपने अधीनस्थ पटवारी, राजस्व निरीक्षक, जमीन कारोबारी हरमीत सिंह खनूजा, उमा तिवारी व अन्य के साथ सांठगांठ कर सुनियोजित तरीके से तहसील अभनपुर के ग्राम नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह, टोकरो (तहसील अभनपुर, जिला रायपुर) के प्रभावित भूमि को पिछली तिथि में विभिन्न उपखंडो में विभक्त कर वास्तविक मुआवजा से कई गुना ज्यादा मुआवजा राशि वितरित की गई और नायकबांधा जलाशय की पूर्व में अधिग्रहित भूमि को भारतमाला परियोजना के लिये पुनः अधिग्रहित कर मुआवजा प्रदान किया गया. जिससे शासन को करोड़ो रूपये की आर्थिक हानि हुई.
लगातार तलाश के बाद आखिरकार जांच एजेंसी ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. उसे विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया. जहां से 17 मार्च से 30 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड मंजूर किया गया है. इस दौरान उससे घोटाले में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क को लेकर गहन पूछताछ की जाएगी. जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ में इस बहुचर्चित घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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