तोमर बंधुओं के दफ्तर पर चला बुलडोजर, मिनटों में ढहा आलीशान ऑफिस, कई अहम दस्तावेज और सामान जब्त, अब तक फरार हिस्ट्रीशीटर बदमाश
Bulldozer ran on the office of Tomar brothers, luxurious office collapsed in minutes, many important documents and items seized, history sheeter criminals absconding till now
रायपुर : छत्तीसगढ़ राजधानी के भाटागांव इलाके में रविवार को एक बेहद हाई-प्रोफाइल और साहसी प्रशासनिक कार्रवाई को अंजाम दिया गया. पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने उस ऑफिस पर बुलडोजर चलाया. जिसे कुख्यात सूदखोर तोमर बंधु, रोहित और वीरेंद्र तोमर का गढ़ माना जाता था. यह वही जगह थी जहां से सालों से अवैध लेन-देन, सूदखोरी और धमकी का कारोबार चलाया जा रहा था.
इस कार्रवाई के दौरान मकान से कई अहम दस्तावेज मिले हैं. वहीं टीवी, एसी, सोफा, किचेन का सामान भी जब्त किया गया है. पुलिस सभी दस्तावेजों और समान की जांच करेगी.
भाटागांव स्थित यह अवैध कार्यालय न सिर्फ अनधिकृत निर्माण था. बल्कि यहां से तोमर बंधु अपने पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करते थे. इस कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने दफ्तर में रखे फर्नीचर और कागजात को बाहर फेंकना शुरु किया और फिर भवन को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरु की गई. बताया जा रहा है कि यह संपत्ति रोहित तोमर की पत्नी भावना तोमर के नाम से चलाई जा रही थी. लेकिन इसका संचालन पर्दे के पीछे से रोहित और वीरेंद्र खुद करते थे.
पुलिस के मुताबिक रोहित और वीरेंद्र तोमर लंबे समय से फरार हैं. दोनों हिस्ट्रीशीटर हैं और इन पर सूदखोरी, धोखाधड़ी, धमकी और मारपीट जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं. इनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है. लेकिन दोनों गैंगस्टर स्टाइल में फरारी काट रहे हैं. प्रशासन की मानें तो यह कार्रवाई सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है. जिसके तहत गुंडागर्दी और अवैध धंधों पर नकेल कसी जा रही है.
कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर पुलिस बल और स्पेशल यूनिट 'प्रहरी' की तैनाती की गई थी. माहौल बेहद तनावपूर्ण था. लेकिन पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई. स्थानीय लोग इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन के फैसले का समर्थन करते दिखाई दिए.
इस कार्रवाई से पहले पुलिस ने भावना उर्फ रुचि तोमर को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की. पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए. कई प्रॉपर्टी डील, नकदी लेन-देन और लग्जरी वाहनों की जानकारी सामने आई. भावना ने माना कि तोमर बंधु अवैध कमाई से संपत्ति इकट्ठा करते थे और कई मामलों में लोगों को ब्याज के जाल में फंसाकर उनकी संपत्तियों पर कब्जा कर लेते थे.
एक चौंकाने वाला मामला भिलाई निवासी मनोज कुमार वर्मा का है. मनोज ने 5 साल पहले 3 लाख रुपये का कर्ज लिया था. और ब्याज सहित करीब 8 लाख रुपये चुका दिए. इसके बावजूद तोमर बंधुओं ने उसकी जैगुआर कार वापस नहीं की. छापेमारी में यह लग्जरी कार बरामद हुई, जो तोमर गैंग के लालच और दबंगई की प्रतीक बन गई.
यू-ट्यूबर माना निवासी गायत्री सिंह ने तीनों के खिलाफ मारपीट करने, कैमरा तोड़ने और घर में बंधक बनाकर मारपीट करने की थाने में शिकायत दर्ज कराई है. गायत्री ने पुलिस को बताया है कि गुरुवार को वह अपने कैमरामैन के साथ वीरेंद्र के घर के बाहर शूटिंग कर रहे थे. इसी दौरान संगीता तथा प्रभंजन कार से उतरे और उनके साथ गाली-गलौज करते हुए कैमरा जमीन पर पटक दिया और मारपीट करने लगे. इस दौरान वीरेंद्र की पत्नी घर से बाहर निकली और तीनों ने मिलकर गायत्री और उसके कैमरामैन को जबरन घर के अंदर ले जाकर बंधक बनाकर मारपीट की.
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