6.55 करोड़ के 20,586 क्विंटल धान घोटाले का मास्टरमाइंड समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू गिरफ्तार, 4 आरोपी अब भी फरार, तलाश जारी

Committee manager Jaiprakash Sahu, mastermind of the 20,586 quintal paddy scam worth Rs 6.55 crore, arrested; four accused still absconding; search continues.

6.55 करोड़ के 20,586 क्विंटल धान घोटाले का मास्टरमाइंड समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू गिरफ्तार, 4 आरोपी अब भी फरार, तलाश जारी

जशपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर में धान उपार्जन केंद्र में सामने आए 6.55 करोड़ रुपए से ज्यादा के बहुचर्चित धान घोटाला मामले में मुख्य आरोपी और फरार समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू को गिरफ्तार किया. यह मामला तुमला थाना क्षेत्र के कोनपारा धान उपार्जन केंद्र से जुड़ा हुआ है.
मिली जानकारी के मुताबिक जयप्रकाश साहू बेहद शातिर अपराधी है. FIR दर्ज होने के बाद वह लगातार ठिकाने बदलता रहा. जिससे पुलिस को उसकी गिरफ्तारी में काफी मशक्कत करनी पड़ी. पहले वह दमोह (मध्यप्रदेश) भाग गया. इसके बाद कोरबा जिले के विकास नगर, कुसमुंडा क्षेत्र में जाकर छिप गया. आरोपी बार-बार मोबाइल सिम बदलता रहा और अपने परिचितों के नाम से संपर्क में बना रहा.
इस मामले में पुलिस पहले ही फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को 6 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है. जयप्रकाश साहू की गिरफ्तारी के बाद भी इस घोटाले से जुड़े अन्य चार आरोपी अभी फरार हैं.
 उल्लेखनीय है कि इस मामले में 2 जनवरी 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव उम्र 61 साल ने थाना तुमला में रिपोर्ट दर्ज कराई कि धान खरीदी उपकेंद्र कोनपारा में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत कर धान खरीदी में बड़े पैमाने पर हेराफेरी की है.
जांच के दौरान सामने आया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में कंप्यूटर रिकॉर्ड के मुताबिक कोनपारा धान उपार्जन केंद्र में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी. जबकि असल में मिलों और संग्रहण केंद्रों को सिर्फ 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया. इस तरह कुल 20,586.88 क्विंटल धान की भारी कमी पाई गई. गायब धान की कीमत शासन द्वारा निर्धारित 3,100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 6 करोड़ 38 लाख 19 हजार 328 रुपए आंकी गई है. इसके अतिरिक्त धान की पैकिंग में उपयोग किए गए 4,898 नए एवं पुराने बारदाने भी गायब पाए गए. जिनकी कीमत 17 लाख 7 हजार 651 रुपए बताई गई है.
इस तरह इस पूरे घोटाले में शासन को कुल 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए के आर्थिक नुकसान का अनुमान है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और घोटाले से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है.
पहले हो चूका गिरफ्तार
फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव उम्र 39 साल निवासी ग्राम झारमुंडा, थाना तुमला, जिला जशपुर
इन पर हैं आरोप
⦁ भुनेश्वर यादव (खरीदी केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी)
⦁ जयप्रकाश साहू (समिति प्रबंधक)
⦁ शिशुपाल यादव (फड़ प्रभारी)
⦁ जितेंद्र साय (कंप्यूटर ऑपरेटर)
⦁ अविनाश अवस्थी (सहायक फड़ प्रभारी)
⦁ चंद्र कुमार यादव (उप सहायक फड़ प्रभारी)
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