कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, रायपुर समेत देश भर में तक सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, विधानसभा में सत्‍यमेव जयते लिखी तख्‍तियां लेकर पहुंचे विधायक

Congress party workers took to the streets across the country, including Raipur, and MLAs arrived at the Assembly carrying placards reading "Satyameva Jayate."

कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, रायपुर समेत देश भर में तक सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता, विधानसभा में सत्‍यमेव जयते लिखी तख्‍तियां लेकर पहुंचे विधायक

रायपुर : नेशनल हेराल्ड केस में फौरी राहत के बाद संसद से सड़क तक कांग्रेस ने प्रदर्शन किया है. रायपुर में भी नेशनल हेराल्ड केस को लेकर कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. पंडरी इलाके में बड़ी तादाद में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता इकठ्ठा हुए और नारेबाजी करते हुए भाजपा कार्यालय की ओर मार्च निकाला. जबकि अलग-अलग राज्यों में भी कांग्रेस नेता और समर्थक सड़क पर उतरे. अहमदाबाद में भी प्रदर्शन हुआ. चंडीगढ़ और रायपुर में भी कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला.
प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेश बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत, पीसीसी चीफ दीपक बैज, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, पूर्व विधायक अनिता शर्मा और विकास उपाध्याय समेत NSUI के कई नेता और कार्यकर्ता शामिल रहे. मेकाहारा चौक के पास पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई. इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ता बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने लगे. हालांकि कुछ दूरी पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया.
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोतकर विरोध दर्ज कराया. पुलिस और प्रशासन की सतर्कता के बीच कांग्रेस का यह मार्च कुछ दूरी तक ही बढ़ पाया और बाद में प्रदर्शनकारी वहीं से लौट गए.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने ED और EOW की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जिस पप्पू बंसल की गवाही के आधार पर उनके बेटे को जेल भेजा गया. उसे पहले फरार घोषित किया गया और बाद में बयान के लिए ईडी द्वारा कोर्ट में पेश किया गया. लेकिन वकीलों के विरोध के बाद वह वहां से भाग निकला. अब एजेंसियां भी भागने लगी हैं और यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है. कांग्रेस का कहना है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर केंद्र सरकार राजनीतिक संदेश देना चाहती है, जिसके खिलाफ पूरे देश में आवाज उठाई जाएगी.

नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी को कोर्ट से राहत मिली है. दिल्ली की अदालत द्वारा नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय की याचिका पर संज्ञान लेने से इंकार कर दिया. कांग्रेस ने इसे अपनी नैतिक और राजनीतिक जीत बताया है. हालांकि कोर्ट से फौरी राहत मिलने के बावजूद कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन आज सड़कों पर देखने को मिला.
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के अंदर भी ED की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया. सभी कांग्रेस विधायक हाथों में “सत्यमेव जयते” लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे. कांग्रेस विधायकों ने दावा किया कि कोर्ट ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी को राहत दी है और ED की कार्रवाई पूरी तरह से राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है.
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी नेताओं के पोस्टरों पर काली स्याही फेंकी और बड़ी तादाद में रायपुर में बीजेपी हेडक्वार्टर की ओर मार्च किया. प्रदर्शनकारियों ने पार्टी ऑफिस का घेराव करने की कोशिश की और बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना और केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया.
जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा कि यह सत्य की जीत है और केंद्र की मोदी सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध व बदले की भावना पूरी तरह बेनकाब हो गई है. उन्होंने कहा कि माननीय अदालत ने यंग इंडियन मामले में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को अवैध और दुर्भावनापूर्ण पाया है. अदालत ने साफ़ किया कि ईडी का मामला क्षेत्राधिकार से बाहर है और बिना प्राथमिकी (एफआईआर) के कोई मामला बनता ही नहीं है.
इस फैसले के विरोधाभास में भाजपा की कथित अलोकतांत्रिक नीतियों के खिलाफ, प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं सहित धमतरी जिले से बड़ी तादाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया.
तारिणी चंद्राकर ने आगे कहा कि पिछले एक दशक से मुख्य विपक्षी दल के खिलाफ मोदी सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाइयां पूरी तरह राजनीतिक द्वेष से प्रेरित रही हैं. न तो धनशोधन का कोई मामला है. न अपराध से अर्जित आय और न ही संपत्ति का कोई हस्तांतरण ये सभी आरोप निराधार साबित हुए हैं और आज धराशायी हो गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की लोकप्रिय भूपेश बघेल सरकार को हटाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया गया. वर्तमान में प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए कांग्रेस नेताओं को प्रताड़ित कर जेल भेजने का काम कर रही है. कांग्रेस पार्टी और उसका नेतृत्व सत्य, संविधान और हर भारतीय के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. हमें कोई डरा नहीं सकता. क्योंकि हम सत्य के लिए लड़ते हैं.
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मनरेगा का नाम बदले जाने से कांग्रेस आक्रामक मूड में नजर आई. छत्तीसगढ़ में तो पूर्व सीएम भूपेश बघेल और नेता प्रतिप्रक्ष चरण दास महंत की अगुवाई में विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने सत्‍यमेव जयते लिखी तख्‍तियां लेकर प्रदर्शन किया. जिस पर खूब हंगामा देखने को मिला.
सत्ता पक्ष के विधायकों ने सदन में पोस्टर लेकर आने पर आपत्ति दर्ज कराई. आसंदी ने विधानसभा की परंपरा और व्यवस्था का हवाला देते हुए निर्देश दिया कि पोस्टर और बैनर बाहर रखकर ही प्रश्नकाल में भाग लिया जाए.
यह विरोध यंग इंडिया से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच पर दिल्ली की एक अदालत के हालिया फैसले से प्रेरित था. कांग्रेस का कहना है कि अदालत ने स्पष्ट रुप से माना कि ईडी की कार्रवाई उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर थी और बिना किसी एफआईआर के ऐसा कोई केस बनता ही नहीं. पार्टी नेताओं ने इसे केंद्र सरकार की दुर्भावनापूर्ण और अवैध हरकत करार दिया. जिसका मकसद प्रमुख विपक्षी दल और उसके शीर्ष नेतृत्व को बदनाम करना था.
कांग्रेस विधायकों का कहना था कि एजेंसियों का उपयोग विपक्षी दलों को दबाने और परेशान करने के लिए हो रहा है। इसी मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए उन्होंने स्थगन प्रस्ताव पेश किया. लेकिन सभापति द्वारा इसे अस्वीकार कर देने पर कांग्रेस विधायक सदन के बीच में आकर नारे लगाने लगे। नतीजतन, विपक्ष के 34 सदस्यों को कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया, हालांकि थोड़ी देर बाद सभापति ने निलंबन वापस ले लिया.
वरिष्ठ नेता डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि न्याय की जीत हुई है और अदालत ने साबित कर दिया कि कानून सबसे ऊपर है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी यही बात दोहराई कि कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा खड़ी रहेगी. और सत्य के रास्ते पर चलते हुए हर भारतीय के हक की लड़ाई जारी रखेगी.
शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए बघेल ने आरोप लगाया कि विपक्ष को कुचलने के लिए एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा है. उन्होंने राज्य की आर्थिक अपराध इकाई (ईओडब्ल्यू) पर पहले से तैयार बयान को असली दस्तावेज बताकर अदालत में पेश करने और गवाहों को धमकाने का भी इल्जाम लगाया.
सदन शुरु होते ही कांग्रेस सदस्य ‘सत्यमेव जयते’ लिखे कपड़े पहनकर आए और एजेंसियों के दुरुपयोग के खिलाफ नारे लगाए. जिससे प्रश्नकाल पूरी तरह प्रभावित हो गया. इस पर भाजपा के एक विधायक ने सवाल उठाया कि सदन में पोस्टर जैसे कपड़े पहनकर आने की इजाजत किस नियम से है.
इससे पहले भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि एजेंसियों के गलत उपयोग से दस साल तक राष्ट्रीय नेतृत्व की छवि खराब करने की कोशिश के बाद अब भाजपा बेनकाब हो गई है.
अदालत ने ईडी को फटकार लगाते हुए कहा कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत किसी पर भी नेशनल हेराल्ड में मनी लॉन्ड्रिंग का केस नहीं बनता. भाजपा जिस तरह विपक्ष को डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है. उसके खिलाफ हम सभी एकजुट हैं और विधानसभा में ‘सत्यमेव जयते’ के संकल्प को दोहराया.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय का घेराव किया. भूपेश बघेल से एक्‍स पर पोस्‍ट कर कहा कि भाजपा के नेता कान खोल कर सुन लें कि इन हथकंडों से हम डरने वाले नहीं हैं. भारतीय संविधान और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हेतु हम हर लड़ाई लड़ने को तैयार हैं.
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