शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को खत्म करने प्रतिनिधि मंडल ने की सांसद से मुलाकात, भविष्य की चिंता में डूबी नौकरी, स्कूलों में पढ़ाई पर हो रहा असर

Delegation meets MP to seek removal of mandatory TET for teachers; jobs at risk and school academics suffering.

शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को खत्म करने प्रतिनिधि मंडल ने की सांसद से मुलाकात, भविष्य की चिंता में डूबी नौकरी, स्कूलों में पढ़ाई पर हो रहा असर

रायपुर : सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश के तकरीबन 25 लाख व प्रदेश भर के 85 हजार नॉन TET सहायक शिक्षकों में इन दिनों भारी मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति बन गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से हजारों शिक्षकों की रातों की नींद उड़ी हुई है.
बताया जा रहा है कि कई शिक्षक स्कूल में बच्चों को पढ़ाने की बजाय दिन भर अपनी नौकरी और भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं. शिक्षकों का कहना है कि उन्होंने 25 से 30 साल शिक्षा विभाग को दिए हैं. अब अचानक अपात्र घोषित करने से परिवार पर संकट आ गया है. स्थानीय स्कूलों में देखा गया कि शिक्षक क्लास में तो मौजूद हैं. लेकिन पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है. आपस में सिर्फ एक ही चर्चा – “अब क्या होगा?” इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है. पालकों ने भी शिकायत की है कि स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
एक पीड़ित शिक्षक ने कहा कि हम सरकार से भीख नहीं मांग रहे हैं, हमें TET पास करने का मौका दिया जाए. एक-दो साल का समय दिया जाए. इस तरह बीच में नौकरी से निकालना इंसाफ नहीं है. मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए नॉन TET शिक्षकों को सेवा सुरक्षा दी जाए और उन्हें ब्रिज कोर्स या विशेष TET परीक्षा का अवसर प्रदान किया जाए. ताकि हजारों परिवारों को बेरोजगारी के अवसाद से बचाया जा सके.
छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश संगठन सचिव आलोक शुक्ला ने बताया कि टीईटी की अनिवार्यता को खत्म करने की मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन एवं सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन का प्रतिनिधि मंडल राजनांदगांव के सांसद संतोष पांडेय से 18 सितंबर की शाम को सांसद कार्यालय राजनांदगांव में मुलाकात कर दस्तावेज पेश किया.
प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के राजेश चटर्जी, सतीश ब्यौहरे, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के संरक्षक मनीष मिश्रा ने सांसद संतोष पांडे से शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, टीईटी की अनिवार्यता को खत्म करने के बारे में सविस्तार सबूत पेश किए. प्रतिनिधि मंडल ने टीईटी की अनिवार्यता के चलते देश के तीस लाख शिक्षकों एवं उनके परिवारों की मानसिक पीड़ा को रखा. शिक्षकों की योग्यता को सिर्फ टीईटी परीक्षा के आधार पर न आंक कर शिक्षकों के सुदीर्घ अनुभव को महत्व देने की बात कही.
प्रतिनिधि मंडल ने सांसद संतोष पांडे से टीईटी के मामले को संसद में उठाने की अपील की. प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि संसद में अध्यादेश लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटा जा सकता है और इस तरह देश के तीस लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को राहत दी जा सकती है. प्रतिनिधि मंडल की बातों को सांसद संतोष पांडे ने गौर से सुना और सकारात्मक रूख देखने को मिला.
सांसद संतोष पांडे ने इस मामले के बारे में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से शिक्षकों के प्रतिनिधि मंडल को मिलाने का भी आश्वासन दिया. प्रतिनिधि मंडल का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय ने देश के लाखों शिक्षकों की दिन की चैन और रात की नींद सीन ली है और सरकार संसद में अध्यादेश लाकर शिक्षकों और उनके परिवारिक जीवन में उम्मीद की नई किरण ला सकते हैं. क्योंकि खुद की नौकरी खोने की चिंता में क्या शिक्षक वर्ग पूरी शिद्दत एवं ईमानदारी से पढ़ा पायेंगे? क्या ऐसे ही भय के माहौल में शिक्षा गुणवत्ता आ सकेगी.
इस प्रतिनिधिमंडल मंडल में छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के संयुक्त तत्वाधान में संतोष पांडेय सांसद राजनांदगांव से टीईटी के संबंध में मुलाकात किया. राजेश चटर्जी प्रांताध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन, मनीष मिश्रा प्रांतीय संयोजक, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन,सतीश ब्यौहरे प्रांतीय प्रमुख महामंत्री, पी आर झाड़े जिला अध्यक्ष, रमेश कुमार साहू जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन राजनांदगांव ,वीरेंद्र कुमार रंगारी सचिव शिक्षक फेडरेशन राजनांदगांव, ओमप्रकाश साहू जिला सचिव, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन राजनंदगांव, ललित प्रताप सिंह जिला उपाध्यक्ष,बंदीशनेम पांडे जिला महासचिव,अमीन कुरैशी जिला प्रवक्ता, सोनेश्री पाटिल जिला मीडिया प्रभारी, रोशन साहू ब्लॉक संयोजक राजनांदगांव, सूरज प्रसाद शर्मा ब्लॉक अध्यक्ष राजनंदगांव, डीसम प्रसाद तिवारी ब्लॉक सचिव राजनांदगांव, सुधांशु सिंह, उत्तम डडसेना,थंगेश्वर साहू राजनांदगांव, चंचल कुमार द्विवेदी जिला अध्यक्ष दुर्ग, लक्ष्मीकांत तिवारी सचिव दुर्ग, हरिशंकर देवांगन उपाध्यक्ष पाटन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे.
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