पांडुका में शराब दुकान दोबारा खोलने की मांग, ग्राम सभा में सैकड़ों ग्रामीणों ने सरपंच को सौंपा आवेदन, इधर नशे की गर्त से बाहर निकालने नशामुक्ति की शपथ
Demand raised to reopen the liquor shop in Panduka; hundreds of villagers submitted a memorandum to the Sarpanch during the Gram Sabha, while a pledge for de-addiction was also taken to help people break free from the grip of substance abuse.
पांडुका में शराब दुकान दोबारा खोलने की मांग
गरियाबंद : ग्राम पंचायत पांडुका में शुक्रवार को आयोजित ग्राम सभा में शराब दुकान को लेकर एक बार फिर ग्रामीणों की राय खुलकर सामने आई. ग्राम सभा के दौरान बड़ी तादाद में ग्रामीण इकठ्ठा हुए और गांव में शराब दुकान को पुनः संचालित किए जाने की मांग करते हुए सरपंच सुश्री भानु ध्रुव को सामूहिक आवेदन सौंपा.
ग्रामीणों का कहना है कि शराब दुकान बंद होने के बाद क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री बढ़ गई है. जिससे कानून-व्यवस्था और सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है. उनका कहना था कि अधिकृत दुकान के संचालन से अवैध कारोबार पर रोक लगाने में मदद मिलेगी आयर शासन को कमाई भी बढ़ेगी.
ग्राम सभा में मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों ने एकमत होकर अपनी मांग का समर्थन किया और प्रशासन से इस विषय पर सकारात्मक फैसला लेने की अपील की. आवेदन में शराब दुकान को पुनः संचालित करने की मांग करते हुए आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया गया.
इस दौरान सरपंच सुश्री भानु ध्रुव ने ग्रामीणों से प्राप्त आवेदन स्वीकार करते हुए कहा कि ग्राम सभा में रखी गई जनभावना और प्रस्ताव को नियमानुसार संबंधित विभाग और प्रशासन के सामने भेजा जाएगा, ताकि शासन स्तर पर आवश्यक निर्णय लिया जा सके.
ग्राम सभा में बड़ी तादाद में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं पंचायत के पदाधिकारी उपस्थित रहे. पूरे कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण वातावरण में ग्रामीणों ने अपनी बात रखी और सामूहिक रूप से अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने का फैसला लिया.
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भूमसेनी पूजा पर ऐतिहासिक फैसला: देवरगांव बिट्टटोला में शराब पीने पर लगेगा 10 हजार का जुर्माना, समाज ने ली नशामुक्ति की शपथ
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : मठ बाबा परिसर देवरगांव बिट्टटोला में आयोजित भूमसेनी पूजा के मौके पर सर्व आदिवासी समाज और ग्रामवासियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए एक ऐतिहासिक और कड़ा संकल्प लिया है. कार्यक्रम में सामूहिक रूप से फैसला लिया गया कि अब से गांव और सामाजिक भंडारे में शराब के उपयोग और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के जिला सचिव राजकुमार धुर्वे की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया. फैसले के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सामाजिक नियमों का उल्लंघन कर शराब पीते हुए पाया जाता है. तो उस पर ₹10,000 का सामाजिक दंड (जुर्माना) लगाया जाएगा. इसके बाद भी अगर कोई सुधार नहीं होता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जिसकी जिम्मेदारी उसकी खुद की होगी
आने वाली पीढ़ी को संस्कार देने का प्रयास
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस पहल का मकसद सिर्फ शराबबंदी तक सीमित रहना नहीं है. बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी को सही सोच, सकारात्मक दिशा और अच्छे संस्कार देना है. समाज को एकजुट रखना, युवाओं को शिक्षा से जोड़ना, नशे की गर्त से बाहर निकालना और संगठन को मजबूत करना ही इस ऐतिहासिक फैसले का मुख्य लक्ष्य है.
वरिष्ठ जन और युवाओं की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण सामाजिक निर्णय के दौरान नरपाल सिंह धुर्वे, अमृत धुर्वे, सुकलाल, महादेव धुर्वे, सरपंच पुरान धुर्वे, तीरथ, भगतराम, नीलम पोर्ते, आनंद पोटाम, कृपाल पोर्ते, परसोत्तम, बजरंग सहित बड़ी तादाद में आदिवासी समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, युवा और ग्रामीण उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन समाज की एकता, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ.
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