रेंजर की कथित प्रताड़ना से महिला वन श्रमिक परेशान, वेतन रोकने सहित लगाया गंभीर आरोप, सुशासन शिविर में लगाई इंसाफ की गुहार
Female forest workers are upset due to alleged harassment by the ranger, made serious allegations including withholding of salary, pleaded for justice in the good governance camp
धमतरी/नगरी : धमतरी जिले के सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र रिसगांव में पदस्थ एक दैनिक वेतनभोगी श्रमिक महिला को वहा के रेंजर के द्वारा प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है. जिसमे रेंजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए महिला ने सुशासन समाधान शिविर में इंसाफ की गुहार लगाई है. पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि रेंजर के द्वारा कार्यालयीन कार्यों के अलावा मुझसे निजी घरेलू का कार्य करवाए जाते है जैसे – कपड़े धुलवाना, और रात में खाना बनाने, बर्तन साफ करने के लिए कहते हैं.
वही इस मामले पर मिडिया ने दूरभाष पर रेंजर से पक्ष जानने के लिए चर्चा किया तो रेंजर ने महिला के द्वारा लगाई गई पूरे आरोप को झूठा बताया.
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला के अन्तर्गत सीतानदी उदंती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र रिसगांव में पदस्थ एक महिला दैनिक वेतनभोगी श्रमिक ने वहां के रेंजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए सुशासन समाधान शिविर में इंसाफ की गुहार लगाई है.
पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि रेंजर कार्यालयीन कार्यों के अलावा उससे निजी घरेलू का जैसे – कपड़े धुलवाना, और रात में खाना बनाने और बर्तन साफ करने के लिए बुलाते हैं. महिला का आरोप ये भी है कि कपड़े धोने के लिए दिए जाने वाले वस्त्रों में आपत्तिजनक सामग्री भी होती थी. जिससे वह मानसिक रुप से बहुत परेशान है उसके मुताबिक जब उसने इन कार्यों से इंकार किया. तो रेंजर ने उसे दो महीने से वेतन नहीं दिया और आर्थिक रुप से प्रताड़ित किया.
पीड़िता ने मामले की शिकायत पहले सिहावा थाने में दर्ज कराई. लेकिन उसका कहना है कि उसकी बातों को पुलिस द्वारा सही तरीके से बयान में दर्ज नहीं किया गया. इस बात से आहत होकर पीड़िता के समर्थन में नगरी सिहावा क्षेत्र के यादव समाज के सैकड़ों लोग 22 मई गुरुवार को थाना सिहावा और एसडीओपी कार्यालय नगरी पहुंचे. उन्होंने महिला को इंसाफ दिलाने की मांग की. इस पर एसडीओपी नगरी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला का दोबारा बयान दर्ज करवाया और मामले की जांच के निर्देश दिए.
अब देखना होगा कि जांच में सच्चाई क्या सामने आती है और क्या पीड़िता को इंसाफ मिल पाता है. इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है. वहीं समाज और प्रशासन दोनों की निगाहें निष्पक्ष जांच पर टिकी है.
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