शंकराचार्य जी का अपमान सनातनी परंपराओं पर आघात -महंत, सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा सरकार माफी मांगे- सुखचंद बेसरा
Insulting Shankaracharya is an attack on Sanatan traditions - Mahant, BJP government drowned in the arrogance of power should apologize - Sukhchand Besra
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आज गरियाबंद स्थित विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई. इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने प्रयागराज माघ मेले में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने की घटना की कड़ी निंदा की.
सुखचंद बेसरा ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य का अपमान सीधे-सीधे सनातन धर्म का अपमान है. उन्होंने आरोप लगाया कि खुद को हिंदुत्व का ठेकेदार बताने वाली भाजपा सरकार का असली चेहरा अब सामने आ गया है. जहां हिंदू संतों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 साल से लगातार शाही स्नान करते आ रहे हैं और यह पहली बार है जब उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया. मौनी अमावस्या का शाही स्नान सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा है. जिसे रोकना धार्मिक भावनाओं पर सीधा आघात है.
सुखचंद बेसरा ने कहा कि शंकराचार्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंकाएं बनी हुई हैं और वे पिछले 36 घंटों से अनशन पर बैठे हैं. लेकिन सरकार की तरफ से अब तक संवाद का कोई प्रयास नहीं किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य के शिष्यों के साथ मारपीट की गई और उन्हें बाल पकड़कर घसीटा गया. जो बहुत निंदनीय है.
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जिस परंपरा को न मुगलों ने रोका और न अंग्रेजों ने, उसे रोकने का दुस्साहस आज की सरकार कैसे कर सकती है. उन्होंने कहा कि एक ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है. वहीं दूसरी तरफ शंकराचार्य के समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है.
सुखचंद बेसरा ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का “अपराध” सिर्फ इतना है कि वे सरकार से सवाल करते हैं. चाहे वह अयोध्या में अधूरे राम मंदिर का मुद्दा हो, महाकुंभ की अव्यवस्थाएं हों या कोविड काल में गंगा में तैरती लाशों का सच.. इन्हीं सवालों से असहज होकर भाजपा सरकार उनका अपमान कर रही है.
इस मौके पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अमित मिरी शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रेम सोनवानी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कृष्ण कुमार शर्मा श्रद्धा राजपूत पार्षद छगन यादव पूर्व पार्षद योगेश बघेल सहित अन्य कांग्रेसी नेता मौजूद रहे.
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छत्तीसगढ़ विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के साथ पुलिस प्रशासन द्वारा किए गए दुर्व्यवहार और उन्हें संगम स्नान से रोके जाने की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है. उन्होंने इस कृत्य को भारतीय संत परंपरा का अपमान और लोकतंत्र के लिए काला दिन बताया है.
डॉ. महंत ने एक जारी बयान में कहा कि, मैं स्वयं एक कबीरपंथी हूँ और हमारे संस्कारों में संतों का स्थान सर्वाेपरि है. कबीर साहब ने सिखाया है कि साधु भूखा भाव का, धन का भूखा नाहिं लेकिन बड़े खेद का विषय है कि वर्तमान सरकार धन और बल के अहंकार में संतों का सत्कार भूल गई है. जो संत सत्ता की कमियों पर सवाल उठाते हैं. उन्हें कभी सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता है तो कभी पुलिस बल के जरिए प्रताड़ित किया जाता है.
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि. सरकार सिर्फ उन संतों को पलकों पर बैठाती है जो उनके राजनीतिक एजेंडे का समर्थन करते हैं. जो अपनी परंपरा और धर्म की रक्षा के लिए स्वतंत्र आवाज उठाते हैं. उन्हें अपमानित किया जाता है. नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि शंकराचार्य जी को पालकी से स्नान के लिए जाने से रोकना सदियों पुरानी परंपराओं को कुचलने जैसा है की सत्ता खुद को भगवान से भी बड़ा समझने लगी है. एक संत का स्थान राजा के सिंहासन से हमेशा ऊपर होता है. लेकिन पुलिस के जरिए संतों और बटुकों के साथ जो धक्का-मुक्की की गई, वह पराकाष्ठा है.
डॉ. चरण दास महंत ने मांग की है कि, उत्तर प्रदेश प्रशासन और केंद्र सरकार इस शर्मनाक घटना के लिए अविलंब माफी मांगे. उन्होंने साफ किया कि सनातनी परंपराओं और संतों के सम्मान के साथ कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं किया जाएगा.
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