मोदी की गारंटी 57,000 शिक्षकों की भर्ती, फिर मात्र 4,700 पदों में भर्ती क्यों? -हाफिज खान, भाजपा सरकार 4,700 पदों में भर्ती कर शिक्षक भर्ती की तैयारी में लगे लाखों युवाओं के साथ धोखा कर रही- टिकेश साहू

Modi guaranteed the recruitment of 57,000 teachers, so why only 4,700 positions? - Hafiz Khan. By recruiting only 4,700 positions, the BJP government is deceiving millions of young people preparing for teacher recruitment - Tikesh Sahu.

मोदी की गारंटी 57,000 शिक्षकों की भर्ती, फिर मात्र 4,700 पदों में भर्ती क्यों? -हाफिज खान, भाजपा सरकार 4,700 पदों में भर्ती कर शिक्षक भर्ती की तैयारी में लगे लाखों युवाओं के साथ धोखा कर रही- टिकेश साहू

गरियाबंद : शिक्षा विभाग में शिक्षकों के मात्र 4,708 पद पर भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज खान और ब्लॉक कांग्रेस मीडिया प्रभारी टिकेश साहू ने कहा कि मोदी की गारंटी 57,000 शिक्षकों की भर्ती की थी. फिर 22 महीना बाद सिर्फ 4,708 पदों पर ही भर्ती क्यों की जा रही है. 57,000 पर भर्ती क्यों नहीं हो रही है? यह तो शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे लाखों युवाओं के साथ धोखा है. सरकार बनने के तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा के भीतर 33,000 पदों पर भर्ती की घोषणा किया था. बजट में 20,000 पदों पर भर्ती का प्रावधान किया गया था. मुख्यमंत्री 5,000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा किए. अब शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव 4,708 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरु कर रहे हैं. जिसमें पूर्व स्वीकृत 146 पद व्याख्याता और कंप्यूटर 146 पद योग प्रशिक्षक उसे भर्ती प्रक्रिया से हटा दिया गया आखिर क्यों?
ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज खान ने कहा कि भाजपा सरकार के हठधर्मीता के चलते शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे युवाओं के मन में निराशा का भाव आया है. जिस तरह से वादा करके वादा खिलाफी की जा रही है. ऐसे में तो हजारों विषय विशेषज्ञ युवक आने वाले समय में सरकारी नौकरी की उम्र सीमा पार कर जाएंगे और परीक्षा से वंचित हो जाएगी और भाजपा सरकार की मनसा तो नौकरी देने की नहीं है. इसलिए भाजपा के जितने मंत्री हैं. उनके शिक्षक भर्ती को लेकर अलग-अलग दावे हैं.
ब्लॉक कांग्रेस मीडिया प्रभारी टिकेश साहू ने कहा कि मोदी की गारंटी में 1 लाख सरकारी नौकरी देने का वादा था 2 साल में ते वादे के मुताबिक अब तक प्रदेश के 40000 युवाओं को सरकारी नौकरी मिल जाना था. लेकिन भाजपा सरकार की नीतियों ने रोजगार दिया नहीं बल्कि रोजगार छिन है जिस तरह से पीएससी एवं व्यापम की परीक्षा में प्रश्न पत्र में त्रुटियां पाई जा रही हैं. परीक्षाएं विवादित पद हो रही है. यह सरकार की लिस्ट समझी राजनीति हैं. ताकि वह अधिक भ्रमित है कि सरकार ने तो भर्ती प्रक्रिया शुरु की थी. लेकिन परीक्षाओं में त्रुटि होने के चलते उन्हें नौकरी नहीं मिला.
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