हाथी-मानव द्वंद रोकना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता - CM साय, ई-ऑक्शन प्रणाली से काष्ठ के नीलामी में आएगी प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता

Name of Chhattisgarh Chamber of Commerce recorded in Golden Book of World Records stopping elephant-human conflict is our top priority - CM Sai

हाथी-मानव द्वंद रोकना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता - CM साय, ई-ऑक्शन प्रणाली से काष्ठ के नीलामी में आएगी प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता

छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

रायपुर : छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी के नेतृत्व में 11200 से अधिक चेम्बर सदस्य बनने पर चेंबर का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया. इस उपलब्धि पर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चेंबर अध्यक्ष अमर पारवानी एवं उनकी टीम को स्मृतिचिन्ह एवं मेडल भेंट कर सम्मानित किया.
मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि के लिए चेंबर अध्यक्ष अमर परवानी, सभी चेंबर पदाधिकारीगण एवं सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश को नई पहचान दिलाई है जो विकसित छत्तीसगढ़ के प्रतिरुप को दर्शाता है.
चेंबर प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी भावुक होते हुए कहा कि कि आज का दिन बड़े हर्ष का दिन है यह हम सब का सौभाग्य है कि हम आज इस दिन के साक्षी बने हैं. गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में चेंबर का नाम शामिल होना प्रदेश के व्यापारियों के लिए बड़े गर्व की बात है. इस इस उपलब्धि और सम्मान को चेंबर टीम प्रदेश के 12 लाख व्यापारियों को समर्पित करता है.
इस अवसर पर चेंबर सलाहकार सुरिंदर सिंह, जितेंद्र दोशी, परमानंद जैन, प्रदेश अध्यक्ष अमर पारवानी, कोषाध्यक्ष उत्तमचंद गोलछा, कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र जग्गी, विक्रम सिंहदेव, राम मंधान, मनमोहन अग्रवाल, कार्यकारी महामंत्री कपिल दोशी, चेंबर आईटी सेल प्रभारी कैलाश खेमानी, उपाध्यक्ष महेश दरियानी, कन्हैयालाल गुप्ता, हीरा माखीजा, मनोज कुमार जैन, नरेन्द्र हरचंदानी, भरत जैन, मंत्री, निलेश मुंदडा, शंकर बजाज, जितेंद्र गोलछा जैन, प्रशांत गुप्ता, राजेंद्र खटवानी, जनक वाधवानी, विजय पटेल, अजय अग्रवाल, युवा चेंबर महामंत्री कांति पटेल, उपाध्यक्ष हिमांशु वर्मा, जयेश पटेल, गोल्डी लुनिया, जयराज गुरनानी, कार्यकारी अध्यक्ष कैट वासु मखीजा, युवा कैट अध्यक्ष अवनित सिंह सहित “गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड” टीम से छत्तीसगढ़ हेड सोनम शर्मा एवं अधिकृत संवादाता राजेश शर्मा प्रमुख रुप से मौजूद रहे.
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हाथियों के संरक्षण में भारत की अग्रणी भूमिका

रायपुर : केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में विश्व हाथी दिवस पर स्थानीय होटल में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का शुभारंभ किया.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक ऑक्शन प्रणाली का, वन विभाग द्वारा दो करोड़ रुपए की लागत से निर्मित अत्याधुनिक ऑडिटोरियम ‘दण्डकारण्य‘ का भी शुभारंभ किया.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप और सांसद बृजमोहन अग्रवाल, वन महानिदेशक और विशेष सचिव जितेन्द्र कुमार विशेष अतिथि के रुप में कार्यक्रम में मौजूद थे.
केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए हाथियों के संरक्षण के लिए भारत की भागीदारी से किए गए प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि हाथियों के संरक्षण में भारत की अग्रणी भूमिका रही है. केन्द्रीय मंत्री यादव ने हाथियों के संरक्षण एवं मानव कल्याण सुनिश्चित करने के लिए अंतर-क्षेत्रीय जुड़ाव (क्रॉस सेक्टोरल एंगेजमेंट) की आवश्यकता पर बल दिया.
उन्होंनेे कहा कि अगर हम हाथियों को बचाएंगे तो वन भी समृद्ध होंगे. क्योंकि हाथियों को ‘पारिस्थितिकी तंत्र के इंजीनियर‘ के रुप में जाना जाता है. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने देश में मानव-हाथी द्वंद को कम करने की जरुरत पर बल दिया.
कार्यक्रम में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, हाथी परियोजना के निदेशक रमेश पाण्डेय तथा छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यप्राणी सुधीर अग्रवाल, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वन्यप्राणी विशेषज्ञ, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, कृषि, विद्युत एवं रेल्वे विभाग के अधिकारी मौजूद थे.
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का हाथियों से बहुत पुराना नाता है. हमारे लिए सर्वाेच्च प्राथमिकता हाथी-मानव द्वंद को रोकना है. इसके लिए राज्य सरकार लगातार जागरुकता कार्यक्रम संचालित कर रही है. अनेक नवाचार किए जा रहे हैं. हाथियों के विचरण की जानकारी ग्रामीणों को देने के लिए सरगुजा से हमर हाथी हमर गोठ रेडियो कार्यक्रम का प्रसारण किया जाता है. ग्रामीणों को अपनी तरफ हाथियों की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाने के लिए राज्य सरकार गज यात्रा अभियान चला रही है. ‘गज संकेत एवं सजग’ ऐप के जरिए हाथी के विचरण की जानकारी ग्रामीणों को मिल रही है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाथी-मानव द्वंद को रोकने के लिए पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का प्रबंधन किया जा रहा है. हाथियों द्वारा फसल क्षति के लिए किसानों को दिया जा रहा मुआवजें की राशि कम है. इसे बढ़ाए जाने की जरुरत है. हाथी-मानव द्वंद को कम करने के लिए छत्तीसगढ़ को कामयाबी मिली है.
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि विश्व हाथी दिवस-2024 के राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम छत्तीसगढ़ में हो रहा है. छत्तीसगढ़ की धरती जैव विविधता से समृद्ध है. जंगली भैंसे, पहाड़ी मैना तथा बाघ और हाथी जैसे वन्य जीव हमारे जंगलों की शान हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हाथियों की सुरक्षा को देखते हुए बादल खोल, तमोर पिंगला को एलीफेंट रिजर्व बनाया गया है. अभी हाल ही में हमारी सरकार ने गुरू घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला अभ्यारण्य के क्षेत्रों को मिलाकर टाइगर रिजर्व बनाने का बड़ा फैसला लिया है। यह देश का तीसरा सबसे बड़ा तथा छत्तीसगढ़ का चौथा टाइगर रिजर्व होगा. इसके बनने से न सिर्फ बाघों की तादाद बढे़गी. बल्कि हाथियों को भी सुरक्षित रहवास मिलेगा. इसके बनने से हाथी-मनुष्य द्वंद भी घटेगा. इसके साथ ही लेमरु हाथी रिजर्व क्षेत्र के माध्यम से सरगुजा, कोरबा, रायगढ़ जिलों में हाथियों के संरक्षण पर काम हो रहा है. हमारी छत्तीसगढ़ की संस्कृति में जनजातीय समुदाय हाथियों को बहुत शुभ मानते हैं.
केन्द्रीय मंत्री यादव और मुख्यमंत्री साय ने हाथी संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए विजेताओं को गज गौरव पुरस्कार प्रदान किए. इस कार्यक्रम के दौरान, प्रतिष्ठित गज गौरव पुरस्कार (1) स्वर्गीय बुबुल गोगोई, (मरणोपरांत) महावत, असम (2) दीनबंधु बर्मन, प्रमुख महावत एवं टीम, पश्चिम बंगाल (3) अनय कुमार सामल, पैरा वन कार्यकर्ता, ओडिशा और (4) संघमित्रा महंत, वन रक्षक, ओडिशा को उनकी अनुकरणीय सेवाओं के लिए प्रदान किए गए.
प्रदेश के वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य में हाथी के संवर्धन के लिए यहां के वन अनुकूल है. राज्य में 44 प्रतिशत क्षेत्र वनों से आच्छादित है. जिसमें हाथियों के संरक्षण और संवर्धन के लिए वातावरण उपयुक्त है. यहां के अनुकूल वातावरण के कारण हाथियों की तादाद में वृद्धि हो रही है. राज्य में वनों के संवर्धन के लिए एक पेड़ मां के नाम के लिए सक्रियता से जुटे हुए हैं और विभाग द्वारा 3 करोड़ 80 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है.
उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लाभान्वित महिलाओं को भी इस अभियान से जोड़ा गया है. प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य के लोगों को वन विभाग के माध्यम से जोड़कर पौधरोपण का काम मुस्तैदी से किया जा रहा है.
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ई-ऑक्शन प्रणाली से काष्ठ के नीलामी में आएगी प्रतिस्पर्धा और पारदर्शिता

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केन्द्रीय वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक ऑक्शन प्रणाली का शुभारंभ किया.
इस मौके पर वन विभाग द्वारा दो करोड़ रुपए की लागत से तैयार किए गए अत्याधुनिक ऑडिटोरियम ‘दण्डकारण्य‘ का भी शुभांरभ हुआ. कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक गजेन्द्र यादव और केन्द्रीय वन महानिदेशक एवं भारत सरकार के विशेष सचिव जितेन्द्र कुमार भी शामिल हुए.
ई-ऑक्शन प्रणाली से वन विभाग के विभिन्न काष्ठागारों में काष्ठ के नीलामी में प्रतिस्पर्धा एवं पारदर्शिता आएगी. ई-ऑक्शन की प्रक्रिया में ईओआई के जरिए एमएसटीसी के द्वारा ई-ऑक्शन कार्य किया जा सकेगा. काष्ठागार की काष्ठ नीलामी ई-ऑक्शन के जरिए कराये जाने से शासन एवं बोलीदाता के लिए भुगतान की प्रक्रिया त्वरित एवं पारदर्शी हो जाएगी. इससे राज्य शासन के राजस्व की वृद्धि होगी.
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में वन विभाग के कई काष्ठागारों में ईमारती काष्ठ, बल्ली, व्यापारिक बांस, जलाऊ लकड़ी की नीलामी की जाती है. राज्य में 27 विक्रय डिपो संचालित किए जा रहे हैं. अभी अतिरिक्त भुगतान की प्रक्रिया में कागजी कार्यवाही तथा बहुत सारे रिकार्ड रखे जा रहे थे. अब ई-ऑक्शन प्रणाली के शुभारंभ हो जाने से कागजी कार्रवाई से निजात मिलेगी.
वन विभाग द्वारा करीब दो करोड़ रुपए की लागत से नवनिर्मित इस अत्याधुनिक ऑडिटोरियम में आंतरिक साज-सज्जा, लाइट, साउंड सिस्टम, वातानुकूलित, स्टेज, एल.ई.डी स्क्रीन जैसी सुविधाओं के साथ 140 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. वन मुख्यालय में समय-समय पर होने वाले सेमिनार, वर्कशॉप, मैदानी अमले, संयुक्त वन प्रबंधन समिति सदस्यों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए इसकी जरुरत थी. इसके शुभारंभ हो जाने से वन विभाग द्वारा अब मुख्यालय स्तर पर आयोजित किए जाने वाले कई कार्यक्रम एक ‘स्टेट ऑफ आर्ट सभागार‘ में किए जा सकेंगे. कार्यक्रम में प्रधान वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, मुख्य वन संरक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
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रायपुर के इंडोर स्टेडियम में 13 अगस्त को जोहार तिरंगा कार्यक्रम का होगा आयोजन

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य में स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित हर घर तिरंगा अभियान के तहत आज 13 अगस्त को रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित इंडोर स्टेडियम में जोहार तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन होगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगीमें यह कार्यक्रम संध्या 6 बजे से शुरु होगा.
इस मौके पर देश के जाने माने गायक कैलाश खेर एवं साथियों द्वारा संस्कृति एवं देशभक्ति पर आधारित गीतों की सुमधुर प्रस्तुति दी जाएगी.
जोहार तिरंगा कार्यक्रम के भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां शुरु कर दी गई है. यह आयोजन छत्तीसगढ़ संस्कृति  विभाग के विशेष सहयोग से किया जा रहा है. ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ देशभक्ति की भावना को प्रोत्साहित करेगा बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को भी उजागर करेगा.
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