NHM के 25 लोगों की सेवा खत्म, बर्खास्तगी के विरोध में सामूहिक इस्तीफा, सैकड़ों कर्मियों ने सौंपा त्यागपत्र, पुतला दहन को लेकर हंगामा, हाईवे पर जाम

Services of 25 NHM employees terminated, mass resignation in protest against dismissal, hundreds of workers submitted resignations, ruckus over effigy burning, traffic jam on highway

NHM के 25 लोगों की सेवा खत्म, बर्खास्तगी के विरोध में सामूहिक इस्तीफा, सैकड़ों कर्मियों ने सौंपा त्यागपत्र, पुतला दहन को लेकर हंगामा, हाईवे पर जाम

गरियाबंद : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) छत्तीसगढ़ के अधिकारी-कर्मचारियों ने आज बर्खास्तगी की कार्यवाही के विरोध में सामूहिक इस्तीफा दे दिया. गरियाबंद में सैकड़ों की तादाद में एनएचएम कर्मी तिरंगा चौक पर पहुंचे. जहां पहले उन्होंने पुतला दहन कर जमकर नारेबाजी की. इसके बाद सभी आंदोलनकारी सीएमएचओ कार्यालय पहुंचे और करीब 450 कर्मचारियों ने एक साथ अपना इस्तीफा सौंप दिया.
मालुम हो कि एनएचएम अधिकारी–कर्मचारी 18 अगस्त 2025 से अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इससे पहले सरकार ने 10 में से 5 मांगों पर सहमति जताते हुए आदेश भी जारी किए थे. लेकिन हड़ताल जारी रखने पर सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया. इसी कार्रवाई से आक्रोशित होकर प्रदेशभर के 16 हजार कर्मियों ने आज सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लिया.
कर्मचारी संघ के अमृत राव भोसले ने कहा बर्खास्तगी के डर से आंदोलन बंद नहीं होगा. लड़ाई जारी रहेगी. बातचीत के दौरान बर्खास्तगी का आदेश आना शर्मनाक है.
गरियाबंद में एनएचएम कर्मियों का गुस्सा फूट गया. बर्खास्तगी के आदेश की प्रतियां जलाईं. आंदोलनकारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार के खिलाफ जताया. आक्रोश मांगें पूरी न होने तक संघर्ष तेज करने का ऐलान किया.
एनएचएम अधिकारी–कर्मचारी संघ ने प्रेस नोट जारी कर आरोप लगाया है कि सरकार और प्रशासन मांगों पर संवाद स्थापित करने के बजाय दमनकारी रवैया अपना रहे हैं. कहा कि  “आंदोलन के दौरान चेतावनी पत्र और बर्खास्तगी के आदेश जितनी तेजी से भेजे जा रहे हैं. अगर उतनी ही गंभीरता से मांगों पर विचार होता तो आज यह हालत नहीं आती. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सुबह संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की. और शाम तक कर्मचारियों को बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए गए.”
कर्मचारी संघ ने कहा कि प्रशासन खुद चाहता है कि कोई समाधान न निकले और सरकार का कर्मचारियों से संवाद न हो. उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सभी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता. तब तक आंदोलन और तेज किया जाएगा.
अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे एनएचएम संविदा कर्मचारी गुरुवार को सामूहिक इस्तीफा देने से पहले पुतला दहन करने निकले. लेकिन प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की. जिससे कर्मचारियों ने नेशनल हाईवे पर जाम की हालत बना दी.
कर्मचारियों का कहना था कि पुतला दहन उनके आंदोलन का हिस्सा है. और जब तक यह नहीं करने दिया जाएगा. वे धरना और चक्काजाम जारी रखेंगे. बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार प्रशासन ने पुतला वापस कर दिया. इसके बाद कर्मचारियों ने पुतला दहन किया और सामूहिक इस्तीफा देने के लिए आगे बढ़ गए.
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा 18 अगस्त 2025 से अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही थी. इससे पहले 13 अगस्त 2025 को आयोजित कार्यकारिणी समिति की बैठक में पेश 10 मांगों में से 5 मांगों पर सहमति व्यक्त कर आवश्यक आदेश जारी किए जा चुके थे. जबकि बाकी मांगों पर शासन स्तर पर विचार-विमर्श जारी था.
हड़ताल के दौरान विभिन्न स्तरों से बार-बार नोटिस जारी कर कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए कहा गया. सचिव, स्वास्थ्य विभाग अमित कटारिया ने 29 अगस्त को एक आदेश जारी कर सभी को काम पर वापस लौटने के निर्देश दिए थे.
जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा आंदोलनरत 25 अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म करने के आदेश जारी कर दिए गए. साथ ही बाकी मामलों पर भी जरुरी कार्रवाई की जा रही है.
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