वृंदावन दर्शन के लिए निकले बुजुर्ग की नदी में मिली लाश, श्रद्धा यात्रा बना आखरी सफर, इलाके में फैली सनसनी, जांच में जुटी पुलिस
The body of an old man who had gone to visit Vrindavan was found in the river, the Shraddha Yatra became his last journey, sensation spread in the area, police started investigation
बिलासपुर : बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंधी में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया. जब खारुन नदी के किनारे एक अधेड़ व्यक्ति की लाश संदिग्ध हालत में पड़ी मिली. मृतक की पहचान ग्राम मोहरा निवासी रामरतन साहू उम्र 72 साल पिता चोखाराम साहू के रुप में की गई है. जो दो दिन पहले घर से निकला था और तभी से लापता था. ग्रामीणों द्वारा लाश की खबर मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान कर परिजनों को खबर किया और मामले की जांच शरु कर दी है.
मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि रामरतन साहू शुक्रवार को अपने घर ग्राम मोहरा से वृंदावन मंदिर दर्शन के लिए जाने की बात कहकर निकले थे. इसके बाद वह घर नहीं लौटे. परिवार वालों ने इधर-उधर खोजबीन की. लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. दो दिन बाद रविवार को ग्राम पंधी में खारुन नदी किनारे एक अधेड़ की लाश मिलने की खबर जैसे ही फैली. मृतक के परिवारजन भी मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की.
घटनास्थल पर मौजूद लोगों और ग्रामीणों ने आशंका जताई कि रामरतन साहू का शव ग्राम मोहरा की तरफ से नदी में बहकर ग्राम पंधी तक पहुंचा होगा. यह भी चर्चा है कि वृद्ध संभवतः पैर फिसलने या असंतुलन की वजह से नदी में गिर गया होगा. लेकिन अब तक यह साफ नहीं है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई दूसरी वजह है.
घटना की खबर मिलते ही सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि रविवार दोपहर करीब 1 बजे ग्राम पंधी के कुछ ग्रामीण नदी किनारे गए थे. तभी उन्होंने एक अधेड़ व्यक्ति की लाश देखी. इसकी खबर थाना सीपत को दी. खबर के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा.
थाना प्रभारी ने बताया कि शव की शिनाख्त के बाद परिजनों को खबर कर दिया गया है. शुरुआती जांच में कोई चोट या बाहरी हिंसा के निशान नहीं मिले हैं. फिर भी मौत की वजह की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी. फिलहाल मामले में मर्ग कायम कर जांच कर रही है.
बड़े बेटे संजय साहू के मुताबिक रामरतन साहू सरल स्वभाव और धार्मिक प्रवृत्ति के थे. तीर्थ यात्रा पर अकेले निकल जाना उनके लिए आम बात थी. उनकी असामयिक मौत की खबर से गांव में गहरा शोक है. ग्रामीणों का कहना है कि वह स्वस्थ थे और किसी से कोई विवाद भी नहीं था.
गौरतलब है कि खारुन नदी रतनपुर क्षेत्र के खूंटाघाट जलाशय से निकलकर बिलासपुर की अरपा नदी में मिलती है. यह नदी कई ग्रामीण इलाकों से होकर बहती है और बरसात के मौसम में जलस्तर अचानक बढ़ जाने की संभावना रहती है. ऐसे में नदी किनारे घूमना या पार करना जोखिम भरा साबित हो सकता है. खासकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए.. रामरतन साहू की मौत भी इसी संदर्भ में देखी जा रही है कि कहीं वह पानी के बहाव में बह तो नहीं गया.
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