न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का लाभ छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलना चाहिए- तेजराम विद्रोही, खाद्य सचिव के नाम मंत्रालय में दिया पत्र

The farmers of Chhattisgarh should get the benefit of the increase in the minimum support price- Tejaram Vidrohi, gave a letter to the Ministry in the name of the Food Secretary

न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी का लाभ छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलना चाहिए- तेजराम विद्रोही, खाद्य सचिव के नाम मंत्रालय में दिया पत्र

रायपुर : भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) छत्तीसगढ़ के महासचिव तेजराम विद्रोही एवं गरियाबंद जिला संयोजक मदनलाल साहू ने खाद्य सचिव, मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर, नवा रायपुर को एक पत्र सौंपकर छत्तीसगढ़ के किसानों को धान की बढ़ी हुई न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ प्रदान करने की मांग की है.
उक्त पत्र में उल्लेख किया गया है कि भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) और संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के नेतृत्व में देश भर के किसान सालों से सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की कानूनी गारंटी की मांग करते आ रहे हैं.
वर्ष 2014 में भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में वादा किया था कि केंद्र में सरकार बनने पर डॉ. एम.एस. स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरुप लागत मूल्य (C2) का डेढ़ गुना MSP किसानों को दिया जाएगा। लेकिन यह वादा अब तक पूरा नहीं हो सका है.
वर्ष 2018 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार ने किसानों से किया वादा निभाते हुए धान की खरीदी 2500 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के जरिए प्रति एकड़ 9000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी किसानों को चार किस्तों में प्रदान की. इसी कड़ी में वर्ष 2022-23 में पतला धान 2660 रुपये तथा मोटा धान 2640 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया. प्रत्येक वर्ष MSP में वृद्धि के कारण लगभग 600 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ किसानों को मिला.
वर्ष 2023 में प्रदेश में भाजपा सरकार के गठन के बाद 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदी की घोषणा की गई और उसी दर पर समर्थन मूल्य मिला. लेकिन खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार ने 117 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की थी. जिसका लाभ किसानों को नहीं मिल पाया. अब खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केंद्र द्वारा 69 रुपये प्रति क्विंटल की और वृद्धि की गई है. जिससे धान का समर्थन मूल्य 3286 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए.
लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी लगातार 3100 रुपये प्रति क्विंटल पर ही खरीदी की बात कह रहे हैं. जिससे किसानों के साथ घोर अन्याय हो रहा है. इस फैसले के कारण किसानों को प्रति क्विंटल 186 रुपये और प्रति एकड़ 3720 रुपये का प्रत्यक्ष नुकसान होगा.
भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ सरकार से मांग करती है कि इस विषय पर गंभीरतापूर्वक विचार कर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान की खरीदी बढ़ी हुई दर 3286 रुपये प्रति क्विंटल पर की जाए. जिससे किसानों को उनका उचित हक मिल सके.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB