छत्तीसगढ़ के 2,500 आधार केंद्रों में लगा ताला, हड़ताल पर गए ऑपरेटर, दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, आम जनता हो रही परेशान
2500 Aadhaar centers of Chhattisgarh locked operators went on strike warned of indefinite strike general public getting worried
रायपुर : छत्तीसगढ़ आधार सेवा समिति अपनी 7 सूत्रीय मांगों को लेकर तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर चली गई है. यह हड़ताल 18 से 20 नवंबर तक चलेगी. जिसके चलते जिले में आधार पंजीकरण और अपडेट सेवाएं पूरी तरह से बाधित हो रही हैं. हड़ताल से पहले जिले के आधार ऑपरेटरों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. जिसमें उन्होंने अपनी मांगों का उल्लेख किया. तीन दिनों तक आधार सेवाओं के बंद रहने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
इसकी वजह से आधार कार्ड से जुड़े काम पूरी तरह से बंद हो गए हैं, लिहाजा, आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है. संचालकों का कहना है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई. तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे
प्रशासन और UIDAI को ठहराया जिम्मेदार
2,500 आधार ऑपरेटरों का कहना है कि जनता को हो रही समस्याओं के लिए प्रशासन और UIDAI जिम्मेदार हैं. उनका आरोप है कि उनकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं किया जा रहा है. ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो यह आंदोलन तेज हो सकता है. जिससे आधार सेवाओं में लंबी अवधि तक रुकावट आ सकती है.
ऑपरेटरों की 7 मुख्य मांगें
आधार ऑपरेटरों ने अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर आवाज बुलंद की है. वे पिछले 7 साल से CHiPS एजेंसी के तहत आधार पंजीकरण और अपडेट का काम कर रहे हैं. लेकिन हाल ही में UIDAI की नई गाइडलाइन्स ने उनकी समस्याओं को बढ़ा दिया है.
1. शासकीय परिसरों में स्थानांतरण का आदेश: UIDAI ने सभी आधार केंद्रों को सरकारी परिसरों में संचालित करने का निर्देश दिया है. लेकिन CHiPS के पास पर्याप्त किट उपलब्ध नहीं हैं.
2. खुद की खरीदी किट का मुद्दा: कई ऑपरेटरों ने अपनी खरीदी हुई किट एजेंसी को मुफ्त सौंप दी है. लेकिन उन्हें कोई समर्थन नहीं मिला.
3. लंबित भुगतान: दिसंबर 2022 के बाद से कमीशन का भुगतान रुका हुआ है.
4. चॉइस सेंटर छोड़ने का दबाव: सरकारी परिसरों में केंद्र स्थानांतरित करने की वजह से ऑपरेटरों को अन्य काम छोड़ने पर मजबूर किया जा रहा है.
5. रोजगार संकट: नई गाइडलाइन्स के चलते ऑपरेटरों को अपने रोजगार के छिनने का डर सता रहा है.
6. अस्पष्ट निर्देश: ऑपरेटरों को एजेंसी या प्रशासन की ओर से साफ दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं.
7. आर्थिक स्थिति बिगड़ने का खतरा: रोजगार संकट के चलते ऑपरेटरों और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति खराब हो रही है.
आंदोलन की चेतावनी
आधार ऑपरेटर संघ ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे. इससे आधार सेवाओं में गंभीर रुकावट आ सकती है. उन्होंने सरकार और संबंधित एजेंसियों से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है. ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो और जनता को आधार सेवाओं में किसी तरह की असुविधा न हो.
हड़ताल का असर
जिले में तीन दिनों तक आधार पंजीयन, अपडेट और सुधार सेवाओं के बाधित रहने से आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. समिति का यह आंदोलन न सिर्फ ऑपरेटरों की मांगों को उजागर करता है, बल्कि आधार सेवाओं की सुचारु व्यवस्था बनाए रखने की जरुरत को भी रेखांकित करता है.
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