पुलिस विभाग की भर्ती में आयु सीमा में 5 साल की छूट, 15 नवंबर को हर जिले में मनाया जाएगा जनजातीय गौरव दिवस, यूपीएससी में 135 सीटों की वृद्धि

5 years relaxation in age limit in police department recruitment Tribal Pride Day will be celebrated in every district on 15th November increase of 135 seats in UPSC

पुलिस विभाग की भर्ती में आयु सीमा में 5 साल की छूट, 15 नवंबर को हर जिले में मनाया जाएगा जनजातीय गौरव दिवस, यूपीएससी में 135 सीटों की वृद्धि

पुलिस विभाग के भर्ती में आयु सीमा में 5 साल की छूट

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार द्वारा पुलिस के पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया-2024 के अभ्यर्थियों को आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट देने का आदेश जारी कर दिया गया है.
यह छूट सूबेदार, उप निरीक्षक संवर्ग, प्लाटून कमाण्डर के पद पर नियुक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2024 में सिर्फ एक बार के लिए निर्धारित अधिकतम आयूसीमा में 5 साल (सभी छूटो को मिलाकर अधिकतम आयु सीमा 45 साल से ज्यादा नहीं होगी) का शिथिलीकरण करते हुए निर्धारित आयु सीमा में 5 साल की छूट प्रदान किया गया है.
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15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में मनाया जाएगा जनजातीय गौरव दिवस

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर 15 नवंबर को छत्तीसगढ़ के हर जिले में ’जनजातीय गौरव दिवस’ मनाने की घोषणा की है.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुण्डा की स्मृति में जनजातीय गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया है. इस वर्ष भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती है. छत्तीसगढ़ में भी इसे भव्य रूप से मनाया जाएगा.
जनजातीय समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है. यह सोचकर गर्व होता है कि अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों का जन्म जनजातीय समाज में हुआ. अपने देश के लिए संघर्ष करने की परम्परा जनजातीय समाज में प्रारंभ से रही है. शहीद वीर नारायण सिंह, गैंदसिंह, गुण्डाधूर जैसे अनेक महान नायकों ने अपना बलिदान दिया.
पूरी दुनिया आज जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है. ऐसे में प्रकृति का संरक्षण बहुत आवश्यक है. जनजातीय समाज ने हमें प्रकृति के संरक्षण का मार्ग दिखाया हैै. जो आज भी अनुकरणीय है. जनजातीय समाज में प्रकृति की पूजा की जाती है. पूर्वीं छत्तीसगढ़ में साल के पेड़ में जब फूल आते है तो सरहुल पर्व मनाया जाता है.
जनजातीय संस्कृति में गहरी आध्यात्मिकता छिपी है। प्रकृति को सहेजकर, प्रकृति के अनुकूल जीवन जीना. बड़े-छोटे, स्त्री-पुरुष में किसी तरह का भेदभाव नहीं। सब बराबर हैं और प्रकृति का उपहार सबके लिए है. ये बातें हमें इस समाज से सीखने की आवश्यकता है. वास्तव में जीवन जीने की कला जनजातीय समाज से सीखनी चाहिए. जनजातीय समाज में दहेज जैसी सामाजिक बुराई का अस्तित्व नहीं है. भगवान बिरसा मुण्डा का शौर्य हमें हमेशा जीवन में साहस की राह दिखाता है.
जनजातीय लोग कभी दिखावा नहीं करते, उनकी सरलता-सहजता मन मोह लेती है। जनजातीय समाज की खानपान की शैली बीपी-शुगर जैसी लाइफ स्टाईल से जुड़ी बीमारियों से दूर रखती है। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा ’जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत पर आयोजित यह कार्यशाला जनजातीय समाज के गौरव को पूरे समाज के सामने लाने में मील का पत्थर साबित होगी.
स्वागत भाषण उच्च शिक्षा विभाग के सचिव प्रसन्ना आर. ने दिया। वनवासी विकास समिति के अखिल भारतीय युवा कार्य प्रमुख श्री वैभव सुरंगे ने स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति में अनेक प्रगतिशील परम्पराएं हैं। भगवान से ये कुछ नहीं मांगते। वनवासी विकास समिति के सचिव डॉ. अनुराग जैन ने कहा कि जनजातीय समाज के गुमनाम महानायकों के योगदान से नई पीढ़ी को परीचित कराने की जरूरत है। कार्यक्रम में वनवासी विकास समिति के प्रांताध्यक्ष श्री उमेश कश्यप विश्व विद्यालय के कुलपति एवं प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री सहित अतिथियों ने इस अवसर पर जनजातीय समाज के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया.
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यूपीएससी तैयारी के लिए 135 सीटों की वृद्धि को वित्त से मंजूरी

रायपुर : दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने के इच्छुक छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर वित्त विभाग ने युवा उत्थान योजना के तहत ट्राइबल यूथ हॉस्टल में 135 सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.
युवा उत्थान योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रतिभाशाली युवाओं को दिल्ली में रहकर निःशुल्क यूपीएससी कोचिंग की सुविधा दी जाती है. युवाओं के रहने, खाने और पढ़ाई का खर्च भी सरकार उठाती है. पूर्व में ट्राइबल यूथ हॉस्टल में 50 नए और 15 रिपीटर बैच को यह सुविधा मिल रही थी. अब इस योजना में 135 सीटों की वृद्धि के बाद कुल 200 युवाओं को आवासीय सुविधा मिलेगी.
ट्रायबल यूथ हॉस्टल के अलावा अभ्यर्थी अपनी इच्छानुसार कोचिंग संस्थाओं के निकट आवासीय व्यवस्था भी कर सकेंगे. कोचिंग शुल्क के तहत अंग्रेजी माध्यम के लिए 2 लाख रुपये और हिन्दी माध्यम के लिए 1.5 लाख रुपये निर्धारित है. इसके साथ ही, आवास, मेस और अन्य सुविधाओं के लिए प्रति विद्यार्थी प्रति माह 12 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी.
वर्तमान में ट्रायबल यूथ हॉस्टल में अधिकतम 65 अभ्यर्थियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध थी। अब इस पहल के साथ छत्तीसगढ़ के युवा सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में अधिक समर्थ बन सकेंगे.
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