सुहाना मौसम होने पर गए नहाने गए नाबालिग लड़के की डैम में दर्दनाक मौत, कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, शव बरामद, परिवार में पसरा मातम

A minor boy who went to take a bath in the pleasant weather died a painful death in the dam, rescue operation lasted for several hours, body recovered, mourning spread in the family

सुहाना मौसम होने पर गए नहाने गए नाबालिग लड़के की डैम में दर्दनाक मौत, कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन, शव बरामद, परिवार में पसरा मातम

दुर्ग : भिलाई नगर के नेवई थाना क्षेत्र के मरोदा डैम में नाबालिग के डूबने से मौत हो गई. देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर एसडीआरएफ दुर्ग टीम के द्वारा बॉडी को बाहर निकाला गया.
मिली जानकारी के मुताबिक मृतक किशोर अरविंद कोसले पिता राजकुमार कोसले उम्र 17 साल अर्जुन नगर, वार्ड नंबर 24, कैंप 1 का रहने वाला था. मौसम सुहाना होने पर बुधवार शाम अरविंद कोसले अपने 3 दोस्तों के साथ नहाने गया था. इस दौरान 2 दोस्त गहराई में चल गए. देखते ही ग्रामीणों ने उन्हें बचाने की कोशिश की. एक को बचा लिया गया वहीं अरविंद डूब गया.
जिला सेनानी व एसडीआरएफ प्रभारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा दुर्ग को शाम को नेवई थाना क्षेत्र के मरोदा डैम में एक नाबालिग किशोर के डूबने की खबर मिली थी. जिस पर एसडीआरएफ टीम को तत्काल मौका स्थल के लिए रवाना किया गया. डैम में पहुंच कर डीप डाइविंग जवान राजकुमार यादव और नरोत्तम चंदेल ने कड़ी मेहनत से युवक के शव को पानी से बाहर निकाला और पुलिस को सौंप दिया.
एस.डी.आर.एफ टीम प्रभारी ईश्वर खरे, टीम सदस्य: राजू महानंद, भूपेंद्र सिंह, थानेश्वर, महेश गंधर्व, दिलीप कुमार, रमेश कुमार, विनय यादव का रेस्क्यू ऑपरेशन में सराहनीय योगदान रहा.

सवाल जो खड़े हो रहे हैं:
क्या डैम में सुरक्षा के कोई इंतजाम थे?
अगर डैम के आसपास कोई सुरक्षा गार्ड या चेतावनी बोर्ड होता. तो शायद यह हादसा टल सकता था.
क्या किशोर तैरना जानता था?
अगर वह तैराकी में दक्ष नहीं था. तो उसे पानी में जाना ही नहीं चाहिए था. अक्सर किशोर उत्साह में खतरों को नजरअंदाज कर देते हैं.
क्या किसी ने समय पर उसे बचाने की कोशिश की?
अगर मौके पर मौजूद लोगों ने फ़ौरन मदद की होती तो शायद जान बच सकती थी.

जनता के लिए सावधानी और संदेश:
डैम, नहर या नदी जैसे जलस्रोतों में बिना निगरानी या अनुमति के न जाएं.
नाबालिगों को कभी भी अकेले या दोस्तों के साथ ऐसे स्थानों पर नहीं जाने देना चाहिए.
स्थानीय प्रशासन को ऐसे खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने चाहिए.
जरुरी हो तो निगरानी के लिए CCTV कैमरे और सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएं.

परिवार में मातम, समाज में चिंता:
अरविंद कोसले के परिवार में इस घटना के बाद शोक की लहर है. एक हँसता-खेलता किशोर ऐसे अचानक इस दुनिया से चला जाएगा. किसी ने सोचा भी नहीं था. पड़ोसियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, अरविंद मिलनसार और होशियार था. उसकी मौत से इलाके में दुख और चिंता का माहौल है.

समाप्ति विचार:
इस घटना ने एक बार फिर हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमारी लापरवाही या जागरुकता की कमी कैसे किसी मासूम की जान ले सकती है. जरुरी है कि हम डैम, नदी या जलाशयों के पास जाते समय पूरी सतर्कता बरतें और प्रशासन से भी अपेक्षा करते हैं कि वो ऐसे स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करें
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