सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर छत्तीसगढ़ में बीजेपी विधायक कार्रवाई नहीं होने से हुईं नाराज, धरने पर बैठीं, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

BJP MLA in Chhattisgarh, upset over lack of action against encroachment on government land, staged protest and leveled serious allegations against the administration.

सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर छत्तीसगढ़ में बीजेपी विधायक कार्रवाई नहीं होने से हुईं नाराज, धरने पर बैठीं, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप

जशपुर : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है. कार्रवाई नहीं होने से नाराज जशपुर विधायक रायमुनी भगत ने शुक्रवार को सन्ना थाना क्षेत्र में मोर्चा खोलते हुए धरना शुरु कर दिया. विधायक सैकड़ों कार्यकर्ताओं और स्थानीय ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचीं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की.
पूरा मामला सन्ना पेट्रोल पंप के पास स्थित एक बेशकीमती सरकारी जमीन से जुड़ा है. आरोप है कि इस जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर निर्माण कार्य किया जा रहा है. यह विवाद पिछले करीब तीन महीनों से चल रहा है. लेकिन अब विधायक के धरने पर बैठने के बाद मामला और गंभीर हो गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक इस मामले में बगीचा अनुविभाग के एसडीओ द्वारा अनावेदक अशोक गुप्ता को स्पष्ट रुप से निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी किया गया था. इसके बावजूद शिकायत है कि आदेश की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया. जब प्रशासन की तरफ से कोई ठोस और कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो विधायक रायमुनी भगत ने खुद मैदान में उतरकर विरोध दर्ज कराया.
धरना स्थल पर मौजूद विधायक रायमुनी भगत ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष जताया.
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन भू-माफियाओं के खिलाफ नरमी बरत रहा है और सरकारी संपत्ति की रक्षा करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है. विधायक ने दो टूक कहा कि जब तक अवैध कब्जे पर प्रभावी और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे धरने से नहीं हटेंगी.
इधर विवाद के केंद्र में रहे अनावेदक अशोक गुप्ता ने प्रशासन और विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने दावा किया कि जिस भूमि पर सीमांकन और कार्रवाई की बात की जा रही है. वह उनकी सरकारी जमीन है. अशोक गुप्ता ने कहा कि वे अपनी जमीन किसी भी हालत में नहीं छोड़ेंगे और यह पूरा विवाद जानबूझकर खड़ा किया जा रहा है.
विधायक के धरने पर बैठने की खबर मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए. हालात को कंट्रोल रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है. फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और प्रशासन दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास कर रहा है.
पिछले तीन महीनों से चला आ रहा यह जमीन विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रुप ले चुका है. एक ओर विधायक का खुला विरोध है. तो दूसरी तरफ प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में प्रशासन क्या रुख अपनाता है, इस पर पूरे जिले की नजर टिकी हुई है.
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