कोयला एवं राखड़ परिवहन करने वाले 76 वाहनों पर बड़ी कार्रवाई, रेत के अवैध के उत्खनन मामले में चैन माउण्टेन मशीन एवं दो हाईवा जब्त
Major action on 76 vehicles transporting coal and gravel, chain mountain machine and two trucks seized in illegal sand mining case
रेत के अवैध के उत्खनन मामले में चैन माउण्टेन मशीन एवं दो हाईवा जब्त
गरियाबंद/बकली : चैन माउण्टेन मशीन दो हाईवा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही गरियाबंद कलेक्टर बीएस उइके ने में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला स्तरीय खनिज टॉस्क फोर्स समिति की संयुक्त टीम द्वारा कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं. इस पर पुलिस, राजस्व, वन एवं खनिज विभाग द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है.
इसी कड़ी में पुलिस एवं खनिज विभाग द्वारा 17 जून को रात 1 बजे से 3 बजे के बीच ग्राम बकली अंतर्गत महानदी क्षेत्र से एक नग चैन माउण्टेन मशीन थाना पाण्डुका की अभिरक्षा में एवं दो नग हाईवा जप्त कर थाना राजिम की अभिरक्षा में रखा गया है. इस तरह खनिज रेत के अवैध उत्खनन के मामले में एक नग चैन माउण्टेन मशीन दो हाईवा अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर मामला दर्ज कर नियमानुसार संयुक्त टीम के द्वारा कार्यवाही की जा रही है.
सहायक खनिज अधिकारी रोहित हित साहू ने बताया कि सभी वाहनों पर खान एवं खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम 1957 एवं छग गौण खनिज नियम 2015 के प्रावधानों के तहत् कार्यवाही की जाएगी. इस कार्यवाही के दौरान सहायक खनिज अधिकारी रोहित कुमार साहू, खनि सिपाही खिलेश्वर ध्रुव, नगर सैनिक भुवनेश्वर वर्मा और लाकेश साहू, वाहन चालक नंद कुमार साहू शामिल तथा पुलिस विभाग का विशेष योगदान रहा.
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कोयला एवं राखड़ परिवहन करने वाले 76 वाहनों पर बड़ी कार्रवाई
रायपुर : परिवहन विभाग ने रायपुर में कोयला एवं राखड़ का खुले रूप में परिवहन कर रहे वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया गया. जिसमें कुल 76 वाहनों पर ₹73,600 की चालानी कार्रवाई की गई. यह कार्रवाई रायपुर उड़नदस्ता टीम द्वारा परिवहन सचिव एवं आयुक्त एस. प्रकाश के निर्देश और अपर परिवहन आयुक्त डॉ. रविशंकर के मार्गदर्शन में की गई.
मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी के प्रमुख मार्गों पर कोयला एवं राखड़ ले जा रहे भारी वाहनों की बारीकी से जांच की गई. इस दौरान पाया गया कि बड़ी तादाद में वाहन बिना तिरपाल (कवर) के सड़कों पर दौड़ रहे थे. जिससे राख व कोयले की धूल उड़कर आमजन को असुविधा हो रही थी और वातावरण भी प्रदूषित हो रहा था. इस तरह की लापरवाही से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान होता है. बल्कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, जैसे कि सांस की बीमारियां, आंखो में जलन और स्किन एलर्जी जैसी शिकायतें भी बढ़ सकती हैं. इसके अलावा सड़क पर उड़ती राख और कोयले के कारण दृश्यता प्रभावित होती है. जिससे हादसों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है.
इस अभियान में कुल 76 ऐसे वाहनों की पहचान की गई. जो परिवहन नियमों का उल्लंघन करते हुए बिना तिरपाल के संचालन कर रहे थे. इन पर कुल ₹73,600 का जुर्माना लगाया गया. इसके साथ ही चालकों एवं परिवहन कंपनियों को सख्त हिदायत दी गई कि भविष्य में सभी वाहनों पर अनिवार्य रूप से तिरपाल लगाकर ही माल का परिवहन करें. साथ ही नो पार्किंग एरिया में अनुचित तरीके से खड़े वाहनों को भी चिह्नित कर चालकों को फटकार लगाई गई कि वे सड़कों पर यातायात में अवरोध उत्पन्न न करें. विभाग का यह भी कहना है कि इस तरह की दिशानिर्देशों की अवहेलना भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई का कारण बन सकती है.
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि पर्यावरणीय संरक्षण, सड़क पर आम लोगों की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान चलाए जाएंगे. विभाग यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि कोयला, राखड़, गिट्टी जैसे खुले माल के परिवहन में लगे सभी वाहन नियमित रूप से कवर का उपयोग करें और मानकों का पालन करें. परिवहन अधिकारियों का कहना है कि कई बार मालिकों व चालकों द्वारा लागत बचाने के मकसद से तिरपाल का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. लेकिन यह व्यवहार लंबे समय में भारी सामाजिक और पर्यावरणीय कीमत चुका सकता है. इसलिए अब विभाग इस दिशा में ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ अपना रहा है.
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