साइंस कॉलेज में भारी विरोध, प्रशासन ने हटाई चौपाटी, हिरासत में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, व्यापारियों ने लगाया कारोबार ठप करने का आरोप

Massive protests erupt at Science College; administration removes promenade, former MLA Vikas Upadhyay detained; traders accuse him of disrupting business.

साइंस कॉलेज में भारी विरोध, प्रशासन ने हटाई चौपाटी, हिरासत में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, व्यापारियों ने लगाया कारोबार ठप करने का आरोप

रायपुर : शहर के जीई रोड स्थित एनआईटी के पास बने साइंस कॉलेज मैदान की चौपाटी को हटाने की कार्रवाई को लेकर मंगलवार देर रात से ही राजनीतिक घमासान शुरु हो गया. रात के समय तनाव तब और बढ़ गया जब रायपुर पश्चिम के विधायक राजेश मूणत के आवास के सामने कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हो गई. हालात कंट्रोल से बाहर न जाए इसलिए पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा.
शनिवार सुबह पुलिस बल और नगर निगम का अमला जेसीबी क्रेन तथा अन्य उपकरणों के साथ चौपाटी हटाने पहुंचे. पुलिस ने पहले इलाके को घेरा. फिर भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की. कांग्रेस समर्थकों ने जोरदार विरोध करते हुए नारेबाजी शुरु कर दी. चौपाटी हटाने की प्रशासनिक तैयारी की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता अपने समर्थकों और दुकानदारों के साथ मौके पर ही पहुंच गए और रात भर धरने पर बैठे रहे. कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को मनमानी बताते हुए तीखा विरोध दर्ज कराया.
मौके पर मौजूद दुकानदारों ने कहा कि यह चौपाटी साल से उनकी आजीविका का केंद्र रही है और अचानक बिना समुचित विकल्प दिए इसे हटाने का फैसला गलत है. उनका कहना था कि प्रशासन को पुनर्वास की व्यवस्था के बिना कार्रवाई नहीं करनी चाहिए.
 विकास उपाध्याय ने यह भी कहा कि एक नेता को जिद पर करीब 10 करोड़ रुपये के काम ख़त्म किये जा रहे हैं. अनपढ़ विधायक हैं. उन्हें नहीं पता कि स्टूडेंट्स को क्या चाहिए. 60-70 दुकानें थीं. उसे तोड़ दिया गया. हमारे साथी घायल हुए हैं. लेकिन हम डटे रहे. हमने भाजपा नेता के सामने हाथ तक जोड़े. लेकिन जिद्दी विधायक ने बात नहीं सुनी.
हालात बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग करते हुए उन्हें मौके से दूर खदेड़ना शुरु किया. विरोध का नेतृत्व करने पहुंचे पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया.
शिफ्टिंग की घोषणा के बाद इस विवाद में एक बड़ा मोड़ आ गया. रेलवे ने अचानक इस जमीन पर अपना दावा जताते हुए 32 दुकानदारों को नोटिस भेज दिया. इस ट्विस्ट के बाद नगर निगम और रेलवे के बीच जमीन के मसले पर बातचीत का दौर जारी है. जिससे शिफ्टिंग की प्रक्रिया और भी उलझ गई है.
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