छत्तीसगढ़ में 3.36 करोड़ रुपए का धान गायब, तीन उपार्जन केंद्रों पर अनियमितता उजागर, घोटाला की नोटिस को हल्के में ले रहे खरीदी केंद्र प्रभारी!

Rs 3.36 crore paddy missing in Chhattisgarh, irregularities exposed at three procurement centres, procurement centre in-charge taking scam notice lightly!

छत्तीसगढ़ में 3.36 करोड़ रुपए का धान गायब, तीन उपार्जन केंद्रों पर अनियमितता उजागर, घोटाला की नोटिस को हल्के में ले रहे खरीदी केंद्र प्रभारी!

कबीरधाम : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के गृह जिला कबीरधाम के पंडरिया ब्लॉक में एक बड़ा घोटाला सामने आया है. कबीरधाम जिले के पंडरिया ब्लॉक में तीन करोड़ छत्तीस लाख रुपए मूल्य का धान कम पाया गया है. यह मामला कोदवागोड़ान, सरईसेत और बघर्रा उपार्जन केंद्र से जुड़ा हुआ है, जहां राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की संयुक्त जांच में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं.
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कोदवागोड़ान उपार्जन केंद्र में 8440 क्विंटल, सरईसेत में 497 क्विंटल और बघर्रा में 1906 क्विंटल धान की कमी पाई गई है. इस गड़बड़झाले पर पंडरिया एसडीएम संदीप ठाकुर ने संबंधित तीन उपार्जन केंद्र के खरीदी प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. मामला कोदवागोड़ान, सरईसेत और बघर्रा उपार्जन केंद्र से जुड़ा हुआ है.
राजस्व, खाद्य और मंडी विभाग की संयुक्त जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक कोदवागोड़ान में 8440 क्विंटल, सरईसेत में 497 क्विंटल और बघर्रा में 1906 क्विंटल धान की कमी पाई गई है. इस गंभीर अनियमितता पर पंडरिया एसडीएम ने खरीदी प्रभारियों को नोटिस जारी किया था. लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.  इस लापरवाही से प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
स्थानीय किसानों और जनप्रतिनिधियों में इस मामले को लेकर आक्रोश व्याप्त है. लोगों की मांग है कि दोषियों पर शीघ्र सख्त कार्रवाई हो और धान की हेरा-फेरी करने वालों को कानून के दायरे में लाकर दंडित किया जाए. यह मामला न सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है. बल्कि यह भी दर्शाता है कि खाद्यान्न उपार्जन प्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी की सख्त जरुरत है.
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