सौम्या चौरसिया ने अपने और परिवार के नाम पर बनाई 45 सम्पत्तियां, 8000 पन्नों का चालान पेश; EOW इतिहास में सबसे बड़ी कमाई वाला केस
Soumya Chaurasia acquired 45 properties in her and her family's name, presented an 8,000-page invoice; the highest-grossing case in EOW history.
रायपुर : आय से अधिक संपत्ति केस में ईओडब्ल्यू ने सौम्या चौरसिया के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में करीब 8 हजार पन्नों का चालान पेश किया है. ईओडब्ल्यू ने सौम्या पर 50 करोड़ की अवैध संपत्ति का आरोप लगाया गया है. एजेंसी ने इसे अब तक का सबसे बड़ा डिस्प्रोपोर्स्टिनेट एसेट्स केस बताया है.
EOW ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि, ब्यूरो के द्वारा अपराध क्रमांक 22/2024 धारा 13 (1) (बी), 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथासंशोधित 2018) के तहत् राज्य प्रशासनिक सेवा की अधिकारी सौम्या चौरसिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज किया गया था. कोयला, डी.एम.एफ. और दुसरे मामलों में शामिल रही तत्कालीन उप सचिव सौम्या चौरसिया के खिलाफ भ्रष्ट माध्यमों से अर्जित अवैध आय से संबंधित इस मामले में, ब्यूरो द्वारा आज विशेष न्यायालय (भ्र.नि.अ.) रायपुर में करीब 8,000 पृष्ठों का अभियोग पत्र (चार्जशीट) पेश किया गया है.
45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश का आरोप
अभियोग पत्र के मुताबिक सौम्या चौरसिया द्वारा अपने परिवार और दुसरे लोगों के नाम पर करीब 45 अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश किया जाना पाया गया है. ब्यूरो की जांच में यह प्रमाणित हुआ है कि सौम्या चौरसिया ने पद पर रहते हुए करीब 49,69,48,298/- (उनचास करोड़ उनहत्तर लाख अड़तालीस हजार दो सौ अट्ठानवे रुपये) की अवैध कमाई की है.
2008 बैच की अधिकारी हैं सौम्या चौरसिया
विदित हो कि वर्ष 2008 बैच की राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया की प्रथम पदस्थापना डिप्टी कलेक्टर, कार्यालय कलेक्टर जिला बिलासपुर में हुई थी. इसके पहले वे वर्ष 2005 में लेखाधिकारी के रुप में कार्यरत थीं. वर्ष 2019 में वे मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर पदस्थ हुई थीं. अपने 17 साल के सेवाकाल में सौम्या चौरसिया एवं उनके परिवार की वैध आय करीब 2,51,89,175/- (दो करोड़ इक्यावन लाख नवासी हजार एक सौ पचहत्तर रुपये) पाई गई. जबकि उनके द्वारा करीब 50 करोड़ रुपये की अवैध आय को कई संपत्तियों में निवेश करना पाया गया. इस तरह सौम्या चौरसिया द्वारा अपने पुरे सेवाकाल में 1872.86 प्रतिशत अधिक अवैध आय अर्जित की गई है.
ब्यूरो के इतिहास का सबसे बड़ा मामला
ब्यूरो के इतिहास में आय से अधिक संपत्ति का यह अब तक का सबसे बड़ा मामला है. जांच से यह भी साफ हुआ है कि सौम्या चौरसिया द्वारा संपत्तियों में अवैध धन का सर्वाधिक निवेश वर्ष 2019 से 2022 के बीच किया गया.
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