श्रमिकों से ज्यादा शुल्क लेने पर चॉइस सेंटर संचालकों के खिलाफ होगा कड़ा एक्शन, श्रम सचिव ने सख्त कार्रवाई का आदेश किया जारी
Strict action will be taken against Choice Center operators for charging higher fees from workers, Labor Secretary issued order for strict action
धमतरी : श्रमायुक्त सह श्रम सचिव द्वारा जारी निर्देशानुसार श्रम विभाग की योजनाओं के लिए श्रमिक पंजीयन एवं आवेदन प्रक्रिया में निर्धारित शुल्क से ज्यादा पैसा वसूल करने वाले चॉईस सेंटर (सीएससी) संचालकों पर कठोर कार्यवाही की जाएगी.
श्रम विभाग में पजीकृत निर्माणी एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। इसके तहत पंजीकृत श्रमिकों के विशेषकर नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना और नोनी सशक्तिकरण सहायता योजनाएं चल रही हैं.
श्रम पदाधिकारी ने बताया कि श्रमिक पंजीयन आवेदन के लिए ऑनलाईन पोर्टल में 30 रुपये और योजनाओं के आवेदन के लिए 20 रुपये का शुल्क ही निर्धारित है. इसके बावजूद कुछ चॉईस सेंटर संचालकों द्वारा पंजीयन और आवेदन के नाम पर श्रमिकों से 1000 से 1500 रुपये तक वसूल किए जाने की शिकायतें मिली हैं.
इस बारे में श्रमायुक्त ने साफ किया कि श्रमिकों के हितों की रक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है. इसलिए सभी सीएससी संचालकों को निर्धारित शुल्क ही वसूलने के निर्देश दिए गए हैं. किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर जांच के बाद संबंधित संचालक के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी. जिला स्तर पर मिली शिकायतों को कलेक्टर के संज्ञान में लाकर कठोर दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी.
श्रम विभाग द्वारा यह भी निर्देशित किया गया है कि ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर और सीएससी संचालकों के साथ समय-समय पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाए. साथ ही पंजीयन एवं योजना आवेदन की स्वीकृति या निरस्तीकरण की जानकारी का रेंडम आधार पर परीक्षण किया जाएगा. श्रमिकों और हितग्राहियों को “श्रमेव जयते” मोबाइल एप के जरिए योजनाओं की जानकारी देकर जागरुक किया जाएगा.
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