जंगल गए युवक पर तीन भालुओं ने किया हमला, सांस रोककर लेटने से बची जान, हालत नाजुक, दंतैल हाथी से बाल-बाल बची ग्रामीण की जान, 20 गांव में दहशत
Three bears attacked a youth who had gone to the forest his life was saved by lying down holding his breath condition critical villager narrowly escaped death from a tusker elephant panic in 20 villages
जंगल गए युवक पर तीन भालुओं ने किया हमला, सांस रोककर लेटने से बची जान, हालत नाजुक
कोरबा : कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्रों में जंगली जानवरों का आतंक एक बार फिर से बढ़ गया है. हाथी भालू की वजह से लोगों का जंगल जाना मुश्किल हो गया है. बांगो थाना क्षेत्र में निवास करने वाला एक ग्रामीण चंद्रशेखर भालू के हमले में गंभीर रुप से घायल हो गया. जिसे डायल 112 की मदद से अस्पताल में भर्ती किया गया है.
बताया जा रहा है कि जो चंद्रशेखर पिता उमेन्द्र सिंह उम्र 34 साल लकड़ी लेने पंडरीपानी कछार के जंगल गया हुआ था. वहीं तीन भालुओं ने उस पर हमला कर दिया. काफी देर तक दोनों के बीच संघर्ष चला. जिसके बाद चंद्रशेखर सांस रोककर लेट गया. मरा हुआ समझकर भालू उसे छोड़कर जंगल की तरफ चला गया. डायल 112 की सहासता से उसे अस्पताल में भर्ती किया गया है.
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दंतैल हाथी से बाल-बाल बची ग्रामीण की जान, 20 गांव में दहशत
कोरबा : कोरबा जिले से भटककर पंतोरा के कटरा जंगल में 20 दिनों घूम रहे दंतैल हाथी ने बुधवार की देर रात सीपत तहसील के बिटकुला गांव पहुंचकर कई किसानों की फसलों को नुकसान पहुँचाया. इसके बाद हाथी सोंठी के घने जंगलों की तरफ बढ़ गया है. हाथी की आमद से सोंठी, निरतु, अदराली, बिटकुला, आमानारा, पैंगवापरा, जेवरा, खोंधरा, कनई, जुहली, कुकदा, मड़ई, खम्हरिया, लुतरा, ऊनि, कुली और आसपास के बीस गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है. वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी हाथी की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं.
बिटकुला ग्राम पंचायत के आश्रित गांव पैंगवापरा के निवासी पंच कार्तिक राम ने रात करीब 1 बजे अपने घर के बाड़ी में लगी फसल को नुकसान होते देखा. जब वह बाहर निकले तो सामने विशाल दंतैल हाथी को भुट्टा और गन्ना खाते हुए देखा.
इस दृश्य से घबराए कार्तिक राम तुरंत मूर्छित हो गए और किसी तरह घर के अंदर भागकर अपनी जान बचाई. कटरा सर्किल में दंतैल हाथी ने तीन मवेशियों को भी जान से मार डाला है.
यह हाथी जांजगीर जिला के खिसोरा जंगल से निकलकर दो दिन पहले बलौदा वन परिक्षेत्र के नवापारा कटरा जंगल पहुंचा था और अब सीपत के सोंठी सर्किल के पास है. पिछले साल फरवरी 2023 में भी उड़ीसा से भटककर 11 हाथियों का दल रायगढ़, शक्ति और जांजगीर के रास्ते सीपत के सोंठी वन सर्किल पहुंचा था. इस दल ने सोंठी के जंगल में करीब 26 घंटे गुजारे थे और स्थानीय लोगों को इन 26 घंटों की दहशत आज भी याद है. वन विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा हाथी की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है.
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