केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी साई भगीरथ गिरफ्तार, POCSO में हाईकोर्ट से अंग्रिम जमानत रद्द होने के बाद पुलिस की कार्यवाही कार्रवाई
Union Minister of State for Home Affairs Bandi Sanjay Kumar's son Bandi Sai Bhagirath arrested; police action taken after High Court cancels anticipatory bail in POCSO case
तेलंगाना पुलिस ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार के बेटे बंडी साई भगीरथ को POCSO यानी नाबालिग बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण मामले में गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने शाम 8:15 बजे उन्हें पकड़ा. साइबराबाद के पुलिस आयुक्त एम. रमेश ने बताया कि भगीरथ को पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन ले जाया गया है. वहां उनका मेडिकल टेस्ट होगा और फिर उन्हें लोकल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा.
बंडी संजय कुमार ने कहा कि उनका बेटा अपनी मर्जी से पुलिस के सामने पेश हुआ है. हालाँकि पुलिस की यह गिरफ़्तारी की कार्रवाई तब हुई है जब तेलंगाना पुलिस ने शनिवार को दिन में भगीरथ के ख़िलाफ़ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया था. इससे पहले भगीरथ को तेलंगाना हाई कोर्ट ने गिरफ़्तारी के ख़िलाफ़ राहत देने से मना कर दिया था. यानी भगीरथ के सामने अब कोई भी रास्ता ही नहीं बचा था.
शिकायत के मुताबिक़ भगीरथ पर जून 2025 में एक 17 साल नाबालिग की लड़की से दोस्ती के बाद अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच बार-बार यौन शोषण का आरोप है. लड़की की मां ने 8 मई को पेटबशीराबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि भगीरथ ने लड़की का बार-बार यौन शोषण किया. भावनात्मक ब्लैकमेल किया. उसे अलग-थलग किया और उसकी पढ़ाई के फ़ैसलों पर भी नियंत्रण करने की कोशिश की.
तेलंगाना हाई कोर्ट ने शुक्रवार रात ही भगीरथ को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया था. उनके वकील सीनियर एडवोकेट एस. निरंजन रेड्डी ने दो घंटे से ज्यादा चली सुनवाई में कहा कि पुलिस को गिरफ्तारी न करने का निर्देश दिया जाए और सख्त शर्तें लगाई जा सकती हैं. लेकिन जस्टिस टी. माधवी देवी ने लड़की के बयान को देखते हुए कहा, 'इस स्टेज पर मैं कोई अंतरिम राहत देने के पक्ष में नहीं हूं.'
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सोशल मीडिया पर चल रहे 'स्मियर कैंपेन' पर नाराजगी जताई. जज ने कहा कि कुछ लोग यह अफवाह फैला रहे थे कि जज पर दबाव डाला गया है. कोर्ट ने साफ़ कहा कि वह इस मामले की सुनवाई से नहीं हटेगी. भगीरथ के वकील ने दलील दी कि मूल शिकायत में 'penetrative assault' का आरोप नहीं था. बाद में बयान में सुधार किया गया. उन्होंने कहा कि POCSO के कुछ मामलों में अंतरिम राहत दी गई है. इसलिए यहां भी दी जा सकती है. राज्य सरकार के वकील ने कहा कि पीड़िता नाबालिग है. POCSO मामले में अग्रिम जमानत नहीं मिल सकती है. साथ ही आरोपी का प्रभावशाली परिवार होने का जिक्र करते हुए पूछा, 'पीड़िता के मन में कितना डर होगा?'
भगीरथ ने भी लड़की के परिवार पर 5 करोड़ रुपये की मांग करने और जबरन शादी कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने इसे ब्लैकमेलिंग का मामला बताया. पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले भगीरथ के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था. उनके पिता के करीमनगर वाले घर, हैदराबाद के बंजारा हिल्स में रिश्तेदार के घर और यूसुफगुड़ा में दोस्तों के घरों पर छापेमारी की गई थी.
भगीरथ अब पुलिस हिरासत में हैं. आगे की जांच चल रही है. यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि आरोपी एक केंद्रीय मंत्री का बेटा है. पीड़िता पक्ष इंसाफ की उम्मीद जता रहा है.
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