रेंजर की नौकरी का झांसा देकर ठगे 8 लाख, दिया फेक ज्वाइनिंग लेटर, जॉब नहीं लगी तो पैसे लौटाने में करने लगे टालमटोल, तीन आरोपी गिरफ्तार
₹8 lakh swindled under the pretext of a Ranger job; fake joining letter issued; evasive tactics used regarding refund when the job failed to materialize; three accused arrested.
दुर्ग/भिलाई : वन विभाग में रेंजर की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 8 लाख रुपए ठगने के मामले में भिलाई भट्ठी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने प्रार्थी के बेटे को वन विभाग में रेंजर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था. इसके बदले उन्होंने अलग-अलग समय पर प्रार्थी से कुल 8 लाख रुपए लिए.
आरोपियों ने प्रार्थी को भरोसा दिलाने के लिए मंत्रालय से जारी होने की बात कहकर एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था. पुलिस ने फर्जी नियुक्ति पत्र के साथ मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य सामान जब्त कर जांच में लिया है.
रेंजर की नौकरी नहीं लगी तो पैसे मांगे, आरोपी करते रहे टालमटोल
जब नौकरी नहीं लगी तो प्रार्थी ने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इसके बाद आरोपी पैसे लौटाने के नाम पर लगातार टालमटोल करते रहे. काफी समय बीतने के बाद भी जब पैसे वापस नहीं मिले. तो प्रार्थी को ठगी का शक हुआ. इसके बाद उसने भिलाई भट्ठी थाने में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भारतेन्दु मेश्राम उम्र 36 साल निवासी एकता नगर, ठेलका बोर्ड, कांकेर, हनी श्रेष्ठ उम्र 42 साल निवासी कृष्णा ग्रैण्ड सिटी, आर्य नगर, कोहका, स्मृति नगर चौकी, थाना सुपेला, दुर्ग और भोजेन्द्र कुमार उम्र 32 साल निवासी ग्राम टिकरी अर्जुन्दा, थाना अर्जुन्दा, जिला बालोद को गिरफ्तार किया है.
2023 में हुई थी नौकरी दिलाने की बात
मिली जानकारी के मुताबिक सेक्टर-2 भिलाई के रहने वाले दिनेश कुमार ने 9 अगस्त 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई कि साल 2023 में आरोपियों ने उनके बेटे को वन विभाग में रेंजर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया था. आरोपियों की बातों में आकर दिनेश ने उन्हें कुल 8 लाख रुपए दे दिए. इस दौरान आरोपियों ने मंत्रालय से जारी नियुक्ति प्रमाण पत्र बताकर एक दस्तावेज भी दिया था. बाद में पुलिस की जांच में यह दस्तावेज फर्जी निकला. पुलिस अब ठगी की रकम के लेनदेन और मामले में आरोपियों की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है.
रकम लेने के बाद भी नहीं लगी नौकरी
प्रार्थी के बेटे की नौकरी नहीं लगी तो उसने आरोपियों से रकम वापस मांगी. पुलिस के मुताबिक आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर पैसे लौटाने से बचते रहे. कई बार मांग करने के बाद भी जब रकम वापस नहीं मिली तो प्रार्थी ने पुलिस से शिकायत की. शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
पुलिस ने भेजा जेल
पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उन्हें हिरासत में लिया. पूछताछ और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने 11 अगस्त को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया. जहां से तीनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.
आरोपी
भारतेन्दु मेश्राम उम्र 36 साल निवासी एकता नगर, ठेलका बोर्ड, कांकेर
हनी श्रेष्ठ उम्र 42 साल निवासी कृष्णा ग्रैण्ड सिटी, आर्य नगर, कोहका, स्मृति नगर चौकी, थाना सुपेला, दुर्ग
भोजेन्द्र कुमार उम्र 32 साल निवासी ग्राम टिकरी अर्जुन्दा, थाना अर्जुन्दा, जिला बालोद
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