अस्पताल का पंखा महिला के सिर पर गिरा, आई गंभीर चोट, इधर कलेक्टर ने प्रभारी चिकित्सक को हटाया, डॉक्टरों को दिया नोटिस
A hospital fan fell on a woman's head, causing serious injuries. Meanwhile, the collector removed the doctor in charge and issued notice to the doctors.
अस्पताल का पंखा महिला के सिर पर गिरा, आई गंभीर चोट
खैरागढ़ : खैरागढ़ जिले के गंडई अस्पताल में छत से पंखा अचानक गिर गया. इस हादसे से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद डॉक्टर ने फौरन महिला का इलाज शुरु किया. पूरा मामला खैरागढ़ जिले के गंडई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है.
घायल महिला 45 वर्षीय चंदा बाई देवांगन ग्राम कोगिया कला की रहने वाली है. वह अपनी बेटी की डिलीवरी के लिए अस्पताल आई थी और पोते की पेट का सेकाई कर रही थी. जैसे ही वह पंखे के नीचे बैठीं. पंखा सीधे उनके सिर पर आ गिरा. जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई.
घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने महिला का इलाज किया. महिला के सिर पर तीन टांके लगे हैं. महिला फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है. चश्मदीदों के मुताबिक पंखा तेज रफ्तार में था. जो अचानक गिरा और महिला के सिर के पीछे हिस्से में आकर टकराया. जिससे महिला मौके पर ही बेहोश हो गई. शुक्र है कि उनका पोता सुरक्षित रहा.
गंडई अस्पताल में यह पहला मामला नहीं है जब अव्यवस्थाएं सामने आई है. कभी दवाओं की कमी, कभी डॉक्टरों की गैरमौजूदगी और अब छत से गिरता पंखा यह सब दर्शाता है कि मरीजों की जान की कीमत यहां एक पुराने पुर्जे से भी कम समझी जाती है. क्या अस्पताल प्रबंधन को ये नहीं दिखता कि पंखे कबाड़ हो चुके हैं? क्या सालाना निरीक्षण केवल कागजों में होता है? इस हादसे ने साफ कर दिया कि यहां स्वास्थ्य सेवाओं से ज्यादा भरोसा किस्मत पर करना पड़ता है.
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कलेक्टर ने प्रभारी चिकित्सक को हटाया, डॉक्टरों को दिया नोटिस
मुंगेली : मुंगेली जिला के सरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की अव्यवस्था पर कलेक्टर भड़क उठे. दरअसल कलेक्टर कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल अचानक निरीक्षण पर पहुंचे. इस दौरान अस्पताल में गंदगी, अव्यवस्था और स्टाफ की लापरवाही सामने आई. जिससे अधिकारियों ने गहरी नाराज़गी जताई, निरीक्षण के समय प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शबाना परवीन ड्यूटी से गैरहाजिर पाई गईं. जबकि डॉ. सत्येंद्र जायसवाल अस्पताल में मौजूद थे. अस्पताल के पुरुष, महिला, इमरजेंसी और लेबर वार्ड सहित फार्मेसी तक फैली अव्यवस्था ने अधिकारियों को चौंका दिया.
स्थिति को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से डॉ. शबाना परवीन को प्रभारी पद से हटाने और डॉ. सत्येंद्र जायसवाल को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए. साथ ही, दोनों डॉक्टरों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सेवाओं और इलाज की स्थिति के बारे में फीडबैक लिया. उन्होंने मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल की व्यवस्था में फौरन सुधार लाया जाए. ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो. इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे.
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