श्रम विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण, ग्रामीणों ने सुशासन त्यौहार में जिला कलेक्टर से लगाई मामले मे जांच की गुहार

Villagers are bearing the brunt of the negligence of the Labor Department, during the Sushasan festival, villagers appealed to the District Collector to investigate the matter

श्रम विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण, ग्रामीणों ने सुशासन त्यौहार में जिला कलेक्टर से लगाई मामले मे जांच की गुहार

गरियाबंद : गरियाबंद जिला के श्रमिक गजेश्वर साहू को श्रम विभाग की योजना का लाभ पाने के लिए पिछले पांच साल से विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं. पात्र होने के बावजूद उन्हें अब तक न तो सुरक्षा उपकरण किट मिले हैं और न ही कोई आर्थिक सहायता मिली है. जबकि विभागीय रिकॉर्ड में उन्हें वर्ष 2020 से लाभांवित बताया जा रहा है.
गजेश्वर साहू का कहना है कि पोर्टल में नाम होने के बावजूद धरातल पर उन्हें कुछ नहीं मिला है. वे लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं. लेकिन हर बार बजट न होने का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है. इससे आक्रोशित होकर उन्होंने श्रम विभाग पर भ्रष्टाचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर से मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है.
गजेश्वर साहू, पीड़ित हितग्राही ने बताया कि “मैं पिछले पांच साल से हर महीने दफ्तर जा रहा हूं. लेकिन न किट मिली न पैसे.. बस फाइल आगे बढ़ाने की बात होती है. अब तो समझ नहीं आता क्या करूं.”
एल.एम., श्रम पदाधिकारी गरियाबंद ने कहा कि “हमारे पास बजट स्वीकृति में देरी हो रही है. इसलिए कुछ लाभार्थियों को योजना के तहत लाभ नहीं मिल पाया है. संबंधित दस्तावेजों की फिर से जांच करवाई जाएगी.”
यह मामला न सिर्फ श्रमिक हितों की अनदेखी को उजागर करता है. बल्कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठाता है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LNzck3m4z7w0Qys8cbPFkB