देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ बारिश के बीच कांग्रेस पार्टी का हल्ला बोल, धरना प्रदर्शन कर सौपा ज्ञापन. फर्जी केस में फंसाने का लगाया आरोप
Amidst the rain Congress party protested and submitted memorandum against the arrest of Devendra Yadav Accused of being implicated in a fake case
रायपुर : विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के बाद से इन दिनों छत्तीसगढ़ की राजनीति काफी गरमाई हुई है. इस गिरफ्तारी के बाद से कांग्रेस लगातार भाजपा पर आरोप लगा रही है.
इसी बीच राजधानी रायपुर में कांग्रेस पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया. छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में जिला स्तरीय प्रदर्शन किया गया. यह प्रदर्शन देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ में किया जा रहा है. सभी कांग्रेसी नेता भाजपा पर विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने की आरोप लगाते हुए नजर आ रहे हैं. और सरकार पर बदले की कार्रवाई का आरोप भी बीजेपी पार्टी पर लगाया.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेलजब अपने भिलाई तीन निवास से निकलकर दुर्ग की तरफ आ रहे थे. इसी बीच बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने उनके काफीले को रोककर जबरदस्त नारेबाजी की. जिसके बाद भूपेश बघेल बहुत देर तक जाम में फंसे रहे.
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बताया कि जब वह सिरसा गेट चौक पहुंचे तो अचानक कुछ लोग सड़क पर आए और उनका रास्ता रोक दिया. गाड़ी रोकने के बाद नारेबाजी भी की गई और मेरे सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की भी की. दो बार मुझे भी गाड़ी से उतरना पड़ा और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मुझसे बदतमीजी भी की. मेरे पीछे वाली गाड़ी को तो रोक लिया. जिस तरह से छत्तीसगढ़ शासन ने मुझे सुरक्षा दी है. उसमें भारी सेंध लगाई गई. यह टारगेट कर कि मैं यहां ना आ सकूं. इसलिए वह लोग मुझे रोक रहे थे. सरकार इतनी डरी सहमी हुई है कि अब इस तरह से अपने कार्यकर्ताओं के द्वारा विपक्ष के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है. यह पहली बार ऐसा हुआ है,.जबकि चक्काजाम की खबर पहले से दे दी जाती है. अगर चक्काजाम की स्थिति थी. तो हमें पहले से बता दिया जाता है. तो हम दूसरे मार्ग से आते. लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. जैसे ही मेरी गाड़ी का सायरन बजा सभी लोग आ गए. एक तरह से उन्होंने बदतमीजी भी की और मेरे सुरक्षा अधिकारियों के साथ धक्का मुक्की भी की. बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के लोग निरंकुश हो चुके हैं. तो छत्तीसगढ़ की सरकार और प्रशासन मौन होकर देख रही है.
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गरियाबंद में कांग्रेस का हल्लाबोल,धरना प्रदर्शन कर सौपा ज्ञापन
गरियाबंद : बलौदाबाजार हिंसा मामले में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन जगह कगाह सभी जिलों में कांग्रेस नेताओं ने मोर्चा खोला. अलग-अलग जिलों में प्रदेश स्तरीय नेता शामिल हुए.
इसी कड़ी में पूर्व विद्यायक सेवनलाल चन्द्रकार और विद्यायक जनक धुर्व सहित कांग्रेसी लीडर इस धरना प्रदर्शन में गरियाबंद के गांधी मैदान में शामिल हुए और भाजपा के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाजी कर विद्यायक देवेन्द्र यादव की रिहाई की माँग रखते हुए कांग्रेस के नेताओ ने तहसीलदार को ज्ञापन सौपा.
गरियाबंद जिला प्रभारी सेवनलाल चंद्रकार ने कहा भाजपा अपनी आरकज़कता का परिचय दे रही है. जो ये FIR किए हैं ये तानाशाही रैवव्या है और ये लोकनतंत्र में नहीं चलता. विधायक देवेंद्र यादव जी को निशर्त रिहाई होनी चाहिए और साथ ही कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ जो FIR हुआ है. उसे भी हटाया जाना चाहिए. ये पूरे कांग्रेस पार्टी की मांग है.
विद्यायक जनक धुर्व ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा ये सारकर पूरी तरीके से नाकाम है. कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और समाज के लोगो के ऊपर जबरदस्ती FIR कर के जेल के सलाखों के पीछे डाला जा रहा है. भाजपा अपनी नकामी छुपाने के लिए इस तरह का काम कर रही है और कांग्रेस के कार्यकर्ताओ को बदनाम करने की साजिश की जा रही है.
दरअसल बलौदाबाजार हिंसा मामले में देंवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस नेता आरपार के मूड में आ गए हैं. दीपक बैज प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं को वहां किसी ने नेताओं को देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन करने के निर्देश दिए थे. प्रदेश के सभी जिलों में जिला अध्यक्ष और वहां के सीनियर नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे हैं.
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बारिश के बीच नेहरु चौक में कांग्रेस का धरना प्रदर्शन, भिलाई विधायक को फर्जी केस में फंसाने का आरोप
बिलासपुर : भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में ज़िला कांग्रेस कमेटी ( शहर/ग्रामीण ) द्वारा नेहरु चौक में धरना-प्रदर्शन कर भाजपा सरकार की तानाशाही और बेकसूर देवेंद्र यादव को फर्जी केस में फंसाने पर कांग्रेसजनों खूब कोसा.
सुबह से ही पानी आंख मिचौली खेल रहा था. पानी के इस लुका छिपी में भी कांग्रेसजन भाषण देते रहे. एक बार तो ऐसी स्थिति बन गई कि शायद तेज बारिश होगी पर फुहार मार कर पानी निकल गया.
प्रभारी विधायक राम कुमार यादव धरना में शामिल हुए
सभा को सम्बोधित करते हुए राम कुमार यादव ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास का संदेश आज भी प्रासंगिक है. समाज मे एक जुटता बना रहे. शांति पूर्ण वातावरण हो. आपसी भाईचारा और सौहाद्र के लिए सतनाम पंथ की स्थापना की.
बाबा ने कहा कि मनखे मनखे एक समान पर आज उनके ही कर्मभूमि बलौदा बाजार में भाजपा सरकार द्वारा निर्दोष लोगों को जेल में डाला जा रहा है. जैत खम्भ तोड़ने वाले अपराधी आज भी गिरफ्तार नही किये जा सके. भाजपा का चरित्र जी उन्मादी है. जो स्वस्थ समाज मे शांति नही चाहती.
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शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि भाजपा सरकार किसी की आस्था के साथ खेल रही है. सतनामी समाज जैत खम्भ तोड़ने वाले अपराधियो को गिरफ्तारी की मांग कर रहा था. जब न्याय नही मिला शांति पूर्ण आंदोलन कर रहा था. जिसमे बुलाये जाने पर विधायक देवेंद्र यादव जी गए. लेकिन न तो मंच में थे और न ही भाषण दिए. मुश्किल से पांच मिनट ही रहे. लेकिन भाजपा सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए बिना सबुत के देवेंद्र यादव जी पर ऐसी ऐसी धारा लगाई गई है कि हास्यास्पद से ज्यादा कुछ नही है.
ज़िला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि कांग्रेस ने सरकार से पूछ रही है कि किन सबूतों के आधार पर देवेंद्र यादव जी को गिरफ्तार किया गया है? लेकिन पुलिस प्रशासन सबुत नही दे पा रही है. नागपुर से 250 से ज्यादा लोग बलौदा बाजार में आये थे. क्या पुलिस उनसे पूछताछ की है? आंदोलन के लिए किसने परमिशन लिया?
भीड़ की संख्या ज्यादा थी फिर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर क्यो थी ? पार्किंग व्यवस्था किसने की ?
आन्दोलन की फोटो ग्राफी कहाँ घूम हो गई ? जैसे कई सवालो पर पुलिस प्रशासन खामोश क्यो है?
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि
भाजपा ने जनता से झूठ बोल कर सत्ता में आई है. इन आठ महीनों में छत्तीसगढ़ अपराध का हब बन गया है. सिर्फ बिलासपुर में 62 चाकूबाजी हो गया है. पूरे छत्तीसगढ़ में नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार आम बात हो गई है. दूसरे प्रदेशों से फिरौती मांगी जा रही है. युवा वर्ग नशे में चूर है. भ्रष्टाचार, महंगाई, बेरोजगारी जैसे जन मुद्दा है. ऐसी अपनी विफलता और विपक्ष की आक्रामकता से घबराई साय सरकार कांग्रेस नेताओं को टारगेट कर रही है. ताकि विपक्ष चुप रहे और देवेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया. क्या किसी आंदोलन या फंक्शन में नेताओ का जाना गुनाह है? भाजपा और कठपुतली अधिकारी जान ले समय और परिस्थितियां बदलती है और समय हिसाब करता है.
मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि सतनामी समाज के युवा जो उस आंदोलन में थे नही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. जो निर्दोष और पढ़े लिखे युवा है. उनके भविष्य के साथ भाजपा सरकार ने बड़ा खिलवाड़ किया. उन्हें अब कौन नौकरी देगा? निर्दोष युवाओ को अपराधी बना दिया गया. जिनके माता-पिता अपने बच्चों की उज्ज्वल भविष्य की कल्पना कर रहे थे. उन्हें सरकारी नौकरी से भी वंचित होना पड़ेगा. समाज को भाजपा के कुटिलता को समझना है. हमारे समाज के ही कुछ भाजपा नेता अपने पद और प्रतिष्ठा के लिए सतनामी समाज के युवाओं को बर्बाद करने में लगे हुए हैं. हम समय रहते नही उनकी चाल नही समझेंगे तो आने वाला कल अंधकार हो जाएगा.
कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता ऋषि पांडेय ने और आभार जगदीश कौशिक ने किया.
इस धरने में प्रभारी और विधायक राम कुमार यादव, शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, ज़िला अध्यक्ष विजय केशरवानी, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, प्रदेश पदाधिकारी देवेंद्र सिंह, स्वप्निल शुक्ला,अनिल सिंह चौहान, सिद्धांशु मिश्रा, प्रेमचन्द जायसी,आशीष गोयल, अशोक राजवाल, अभय नारायण राय,पूर्व सांसद श्रीमती इंग्रिड मैकलाउड, पूर्व विधायक सियाराम कौशिक जगजीत सिंह मक्कड़, राजेन्द्र शुक्ला,राजेन्द्र साहू, रविन्द्र सिंह,प्रमोद नायक, नरेंद्र बोलर, राकेश शर्मा, महेश दुबे, शिवा मिश्रा, भुवनेश्वर यादव, ऋषि पांडेय, जगदीश कौशिक, समीर अहमद, जितेंद्र पांडेय, विश्वम्भर गुलहरे, ब्लॉक अध्यक्ष जावेद मेमन, बिहारी देवांगन,राजू साहू, लक्ष्मी नाथ साहू,झग्गर राम सूर्यवंशी, विनोद साहू, मोती ठारवानी, अरविंद शुक्ला, रमेश सूर्या, पिंकी बत्रा, सीमा घृतेश, शिल्पी तिवारी, स्वर्णा शुक्ला, सीमा पांडेय, अन्नपूर्णा ध्रुव, सुनीता यादव, अनुराधा राव, सुकृति कुर्रे, राजेश शुक्ला, जुगल किशोर गोयल, मनीष गडवाल, रामशंकर बघेल, श्याम पटेल, रामप्रकाश साहू, भरत कश्यप, राजेश जायसवाल, शिव बालक कौशिक, बिरझे राम सिंगरौल, गजेंद्र श्रीवास्तव, आदेश पांडेय, कमल गुप्ता, नीलेश मंडवार, गंगाराम लस्कर, यासीन अली, पुत्तन दुबे, राजू सूर्यवंशी, शेरु असलम, राजू यादव, रंजीत सिंह, मोहम्मद अय्यूब, करम गोरख, राजेश ताम्रकार, बबलू मगर आदि लोग मौजूद थे.
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मुंगेली : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में ज़िला कांग्रेस कमेटी ने अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा की अगुवाई में द्वारा एक दिवसीय धरना ज़िला मुख्यालय में दिया गया. इस धरने में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडेय को प्रभारी के रुप में भेजा गया.
हाल ही में बलौदा बाजार की घटना में छत्तीसगढ़ की साय सरकार की पुलिस द्वारा भिलाई के कांग्रेस के विधायक देवेंद्र यादव को कई झूठी धाराएँ लगाकर गिरफ्तार किया गया. इसको लेकर पूरे प्रदेश में विरोध हो रहा है. कि बीजेपी सरकार ने अपनी दमन नीति के कारण एक जनसेवक को परेशान करने के लिए जेल में डाल दिया. पुलिस ने कई धाराएँ लगाई. जिसका संबंध देवेंद्र से स्थापित नहीं होता है. मुंगेली के पड़ाव चौक में सभी कांग्रेस जन इकठ्ठा हुए और धरना दिया.
धरने में पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने कहा कि एक सच्चे जनसेवक का संबंध सीधा जनता से होता है और जनता के लिए वो पूरे समय समर्पित होता है. फिर चाहे जनता को कोई भी समस्या क्यों न हो और देवेंद्र यादव एक सच्चे जनसेवक है और उन्होंने सतनामी समाज द्वारा बलौदा बाज़ार में जो विरोध सरकार को लेकर था और उनके समाज के साथ जो अन्याय हुआ. उसको लेकर सतनामी समाज द्वारा ज़िला मुख्यालय में बड़ी तादाद में एकत्रित हुए थे. इस समस्या में विधायक देवेंद्र यादव केवल वहाँ जनता के समक्ष उपस्थित हुए थे तो फिर किस तरह से उन्होंने क़ानून तोड़ा. ये बात समझ के परे है और बीजेपी की सरकार द्वारा अपनी नाकामी छुपाने के लिए कांग्रेस विधायक को परेशान करना चाह रही है. ताकि जनता में भ्रम पैदा किया जा सके.
प्रदेश में लचर क़ानून व्यवस्था की दोषी बीजेपी की सरकार है और वो अपने अधिकारियों पर या सत्ता के नेताओं पर कार्यवाही क्यों नहीं कर रही है. जिन्होंने समाज को आक्रोशित किया और उनको न्याय नहीं दिया और निर्दोष सामाजिक और राजनीतिक जनों पर अत्याचार को बंद करना चाहिए. बीजेपी की सरकार को और जनता से अपनी नाकामी की माफ़ी माँगनी चाहिए. समर्पित जनसेवक का कवच सिर्फ जनता ही होती है. इसलिए जनता से न्याय माँगने आये हैं.
इस कार्यक्रम में पिछड़ आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, मुंगेली के कांग्रेस प्रत्याशी संजीत बनर्जी, ज़िला अध्यक्ष स्वतंत्र मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष हेमेंद्र गोस्वामी, पूर्व विधायक चुरावन मंगेशकर, घनश्याम वर्मा और अन्य सभी नेताओं ने अपनी बातें और विचार रखे और सरकार के द्वारा जो अत्याचार किया जा रहा है और देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी पर नाराजगी जताई और आक्रोश जाहिर किया.
इस कार्यक्रम में सभी तादाद में कांग्रेस के सदस्य सभी ब्लॉक से धरने में शामिल हुए. जिसमे थानेश्वर साहू, संजीत बनर्जी, स्वतंत्र मिश्रा, हेमेंद्र गोस्वामी, चुरावन मंगेशकर, आत्माराम सिंह, रोहित शुक्ला, आदित्य दीक्षित, बिट्टू बाजपेयी, धर्मेंद्र वैष्णव, घनश्याम वर्मा, एजाज़ खोखर, दिलीप बंजारा, राजा ठाकुर, संजय यादव, संजय सिंह, खुशबू वैष्णव, उर्मिला यादव, सीरिया यादव, संजय जायसवाल, लोकराम साहू, रामचंद्र साहू, अभिलाष, देवेंद्र वैष्णव, अरविंद वैष्णव, मंजीत और राजेश एवं अन्य महिला कांग्रेस, युवक कांग्रेस, सेवा दल और एनएसयूई के सदस्य मौजूद थे.
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रायपुर : प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि वन विभाग के 7000 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी बीते कई दिनों से हड़ताल पर हैं. और हड़ताल के दौरान धरना स्थल पर तबीयत खराब होने की वजह से वन डिपो में काम करने वाले अनिल कुमार कटघोरा और फील्ड में काम करने वाले घनश्याम प्रधान मैनपुर की मौत हो गई है. सरकार दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को तत्काल नौकरी दे और दैनिक वेतन भोगियों की मांगों को पूरा करें. वन विभाग के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को 8-9 माह से वेतन नहीं मिला है.
उन्होंने कहा कि डिपो में सुरक्षा श्रमिकों से 24 घंटा ड्यूटी कराई जा रही है. दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की छटनी की जा रही है। कांग्रेस की सरकार ने दैनिक वेतन भोगी वन कर्मचारियों के लिए 4000 रु. श्रम सम्मान शुरु किया था और 280 करोड़ रुपए बजट में प्रावधान किया था. दुर्भाग्य की बात है भाजपा की सरकार बनते ही छत्तीसगढ़ राज्य लघुवनोपज संघ के 500 कर्मचारी और छत्तीसगढ़ राज्य वन विभाग निगम के 600 कर्मचारियों को श्रम सम्मान राशि नहीं दी जा रही है.
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने मोदी की गारंटी बता कर अनियमित कर्मचारियों को भाजपा की सरकार बनने पर 100 दिन के भीतर नियमित करने का वादा किया था. छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बने आठ महीने से ज्यादा हो गया है लेकिन अनियमित कर्मचारियों से किये वादा को पूरा करने की ओर ध्यान नही दिया जा रहा है. नियमित करने के बजाय उनकी छटनी की जा रही है. सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं कर रही है और हड़ताल खत्म करने इन पर दबाव डाला जा रहा है.
उन्होंने कहा कि आंदोलनरत कर्मचारियों को डराया जा रहा है. नौकरी से निकलने की धमकी दी जा रही है. कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है अनियमित कर्मचारियों से किये वादा को पूरा करें. कर्मचारियों की छटनी बंद करें. कर्मचारियों को समय पर वेतन दें. लंबित वेतन का तत्काल भुगतान करें.
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दुष्कर्मियों के खिलाफ हो कठोर कार्यवाही -ज्योत्सना महंत
कोरबा : लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने देश के कई प्रदेशों समेत छत्तीसगढ़ में नाबालिग बालिकाओं और महिलाओं के साथ हो रहे दुष्कर्म पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओ और नाबालिग बच्चों से दुष्कर्म के मामले जब भी सुनने को मिलता है मन को विचलित कर देता है.
सांसद ने कहा कि दुष्कर्म का मामला चाहे बंगाल का हो या उत्तरप्रदेश का हो. चाहे महाराष्ट्र की घटना हो कहीं का भी मामला हो. निन्दनीय है. इस तरह से दरिंदगी करने वालों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही होनी चाहिये.
सांसद ने कहा कि अब तो छत्तीसगढ़ के रायगढ़, कोरबा व अन्य जिलों में जिस तरह दुष्कर्म के मामले सामने आ रहे हैं वह समाज के लिए चिन्ता का विषय है. सांसद ने कोरबा में नाबालिग बालिका से हुए दुष्कर्म के मामले पर भी गहरी चिन्ता जताई है. सांसद ने कहा कि दुष्कर्म के मामलों को फास्ट ट्रेक कोर्ट के जरिए सुना जाना चाहिए ताकि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दी जा सके.
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मध्य प्रदेश के छतरपुर में बुलडोजर एक्शन पर सियासत गरमा गई है. जिसको लेकर बीजेपी शासित राज्यों में अपराधियों के घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोला है. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार (24 अगस्त) को कहा कि बुल्डोजर न्याय पूरी तरह अस्वीकार्य है. यह बंद होना चाहिए. दरअसल, एमपी के छतरपुर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में आरोपी एक व्यक्ति के घर को गिरा दिया गया. जिसके लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट डाला है. प्रियंका गांधी ने कहा कि अगर कोई किसी अपराध का दोषी है तो उसका अपराध और उसकी सजा सिर्फ अदालत तय कर सकती है.
उन्होंने कहा आरोप लगते ही अभियुक्त के परिवार को सजा देना. उनके सिर से छत छीन लेना, कानून का पालन न करना, अदालत की अवहेलना करना और आरोप लगते ही घर ढहा देना, यह न्याय नहीं है.
प्रियंका गांधी ने आगे कहा, यह बर्बरता और अन्याय की पराकाष्ठा है. कानून बनाने वाले, कानून के रखवाले और कानून तोड़ने वाले में फर्क होना चाहिए. उन्होंने कहा, सरकारें अपराधी की तरह व्यवहार नहीं कर सकतीं. कानून, संविधान, लोकतंत्र और मानवता का पालन सभ्य समाज में शासन की न्यूनतम शर्त है. जो राजधर्म नहीं निभा सकता, वह न तो समाज का कल्याण कर सकता है, न ही देश का. बुलडोजर न्याय पूरी तरह अस्वीकार्य है, यह बंद होना चाहिए.
अगर कोई किसी अपराध का आरोपी है तो उसका अपराध और उसकी सजा सिर्फ अदालत तय कर सकती है. लेकिन आरोप लगते ही आरोपी के परिवार को सजा देना, उनके सिर से छत छीन लेना, कानून का पालन न करना, अदालत की अवहेलना करना, आरोप लगते ही आरोपी का घर ढहा देना- यह इंसाफ़ नहीं है. यह बर्बरता और अन्याय.
वहीं, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी शासित राज्यों पर निशाना साधा. एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने लिखा कि किसी के घर को ध्वस्त करना और उसके परिवार को बेघर करना अमानवीय और अन्यायपूर्ण दोनों है.
उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में अल्पसंख्यकों को बार-बार निशाना बनाया जाना बेहद परेशान करने वाला है. खरगे ने कहा कि कानून के शासन वाले समाज में ऐसी हरकतों की कोई जगह नहीं है.
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी भाजपा की राज्य सरकारों द्वारा संविधान की घोर अवहेलना करने और नागरिकों में भय पैदा करने के लिए बुलडोजर चलाने की रणनीति का इस्तेमाल करने की कड़ी निंदा करती है. उन्होंने कहा कि अराजकता प्राकृतिक न्याय की जगह नहीं ले सकती. खऱगे ने कहा कि अपराधों का फैसला अदालतों में होना चाहिए, न कि राज्य प्रायोजित दबाव के जरिए.
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