स्टील प्लांट में ब्लास्ट, 7 मजदूरों की मौत, कई गंभीर, मृतकों के परिजनों में कोहराम, मुआवजे की मांग, प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

Blast at steel plant: 7 workers dead, several seriously injured; families of deceased grieving; demand for compensation; serious allegations against plant management; demand for fair investigation

स्टील प्लांट में ब्लास्ट, 7 मजदूरों की मौत, कई गंभीर, मृतकों के परिजनों में कोहराम, मुआवजे की मांग, प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग

बलौदा बाजार : छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले से गुरुवार सुबह बकुलाही गांव स्थित रियल इस्पात स्टील प्लांट में डीएससी कोयला भट्ठे के भीतर हुए जोरदार विस्फोट ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया. इस हादसे में 7 मजदूरों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. जबकि कई अन्य गंभीर रुप से झुलस गए. हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा तफरी मच गई और चारों तरफ चीख पुकार का माहौल बन गया.
मिली जानकारी के मुताबिक हादसे के समय मजदूर डीएससी कोयला भट्ठे की अंदरूनी सफाई का काम कर रहे थे. भट्ठा पूरी तरह ठंडा किए बिना ही काम शुरु कराया गया था. इसी दौरान अचानक तेज धमाका हुआ और आग की लपटों ने मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। गर्म कोयले और जहरीली गैसों के कारण कई मजदूरों को निकलने तक का मौका नहीं मिल सका.
मृतकों की शिनाख्त श्रवण कुमार उम्र 22 साल, राजदेव कुमार उम्र 22 साल, जितेन्द्र उम्र 37 साल, बदरी भुइयां उम्र 42 साल, विनय भुइयां उम्र 40 साल और सुंदर भुइयां उम्र 40 साल के रुप में हुई है. जबकि ये लोग मोटाज अंसारी उम्र 26 साल बढ़ई सेंटर- एमएस, सराफत अंसारी उम्र 32 साल बढ़ई- एमएस, साबिर अंसारी उम्र 37 साल बढ़ई- एमएस, कल्पू भुइया उम्र 51 साल- हेल्पर, रामू भुइया उम्र 34 साल- हेल्पर घायल हुए हैं.
विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि प्लांट के ऊपर काले धुएं का विशाल गुबार उठता दिखाई दिया। धमाके की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी. जिससे आसपास के गांवों में दहशत फैल गई. घटनास्थल पर जला हुआ कोयला, लोहे के टुकड़े और राख चारों ओर बिखरी पड़ी थी.
विस्फोट की सीधी चपेट में आए 7 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई. कई अन्य मजदूर गंभीर रुप से झुलस गए. जिन्हें फौरन अस्पताल पहुंचाया गया। कुछ मजदूरों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है.
हादसे की खबर मिलने के बाद पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने और घायलों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. प्लांट परिसर को पूरी तरह खाली कराया गया ताकि किसी और बड़े हादसे को रोका जा सके.
इस भीषण हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है. मजदूरों के पास पर्याप्त सुरक्षा उपकरण थे या नहीं, भट्ठे को ठंडा करने की प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं। इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. शुरुआती तौर पर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की आशंका जताई जा रही है.
हादसे की खबर मिलते ही मृत मजदूरों के परिजन घटनास्थल और अस्पताल पहुंच गए. परिवारों में कोहराम मचा हुआ है. परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उचित मुआवजे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
प्रशासन ने पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और अगर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और प्लांट प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
कांग्रेस असंगठित क्षेत्र एवं समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने संवेदना व्यक्त कर सरकार से पीड़ितों के लिए इंसाफ और मदद की मांग की है. मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि सरकार हर मृतक मजदूर के परिवार को 50 लाख रुपये और हर घायल को 20 लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करे.
प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष और अनुसूचित जाति एवं गुरु घासीदास साहित्य अकादमी छग की महिला प्रदेशाध्यक्ष धनेश्वरी डांडे ने कहा कि इस हादसे के जिम्मेदार दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस प्रयास किया जाए.! कुछ समय पूर्व भी प्रदेश के कारखानों में ऐसी घटनाएं हो चुकी है. घटनाओं से सरकार और उद्योगों के प्रबंधकों को नसीहत लेकर सुरक्षा के मुद्दे पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो. सरकार नया श्रम कानून लाकर सुरक्षा और मजदूरों के अधिकारों को मजबूत करे.
बिहार के मजदूर जोगेंद्र राम ने बताया कि हम लोग भागना चालू कर दिए. कुछ ऊपर जाकर रुके तो उनको भी भागने को कहा गया. हम लोग कुल 11 लोग थे. लेकिन अब सिर्फ 3 ही दिख रहे हैं. 8 लोग लापता हैं."-  
बिहार के मजदूर रामस्वरुप ने कहा कि "हमारा ठोकने वाला काम था तो ठोक रहे थे. गैस निकलने पर साहेब लोग बोले भागो तो हम लोग भागने लगे. लोग अलग-अलग हो गए. एक कूदकर भागा. बाद में पता चला कि कई लोग वहां से नहीं निकल सके. हम लोग 11 लोग थे. 8 गायब हैं."
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