प्रशासन देता रहा आश्वासन, छोटे कारोबारी ने कर्ज लेकर बना दिया पुल, अब बच्चों को नहीं लगानी पड़ेगी मौत की छलांग, लोचन चक्रधारी ने किया 12 लाख का त्याग
Despite the administration's repeated assurances, a small businessman took out a loan to build a bridge; children will no longer have to risk a 'leap of death'—Lochan Chakradhari made a sacrifice worth ₹12 lakh.
गरियाबंद : गरियाबंद जिले के मैनपुर मुख्यालय से एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो एक ओर आम नागरिक की सामाजिक जिम्मेदारी को सलाम करती है तो दूसरी तरफ सालों से विकास के दावे करने वाली व्यवस्था पर कई सवाल भी खड़े करती है, फुलझर नाला पार कर अपने घरों तक पहुंचने वाले करीब 35 परिवारों के लिए आखिरकार राहत का रास्ता बन गया है, लेकिन यह राहत किसी सरकारी योजना या विभागीय पहल से नहीं, बल्कि एक छोटे व्यापारी की व्यक्तिगत पहल से संभव हुई,
मिली जानकारी के मुताबिक मैनपुर नगर से एक फुलझर नदी बहती है. नदी के उस पार ग्राम पंचायत मैनपुरकला के वार्ड नम्बर 1 के करीब 30-35 परिवार रहते है और इस मोहल्ले के लोग बारिश के दिनो मे जर्जर हो चुके 20 फीट गहरे जानलेवा स्टापडेम को आने जाने के लिए कूद-कूदकर छलांग लगाने मजबूर होते हैं. और तो और इस मोहल्ले के छोटे -छोटे स्कूली बच्चे जो मैनपुर के स्कूलो मे पढ़ते हैं. जान जोखिम मे डालकर आना जाना करते हैं. सबसे ज्यादा परेशानी किसी के तबीयत खराब होने पर या फिर गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाने मे उठानी पड़ती है.
कई बार ग्रामीणों ने मैनपुर नदी में पुल निर्माण की मांग को लेकर शासन प्रशासन से गुहार लगाकर थक चुके और तो और इस मामले को लेकर कई बार जनपद से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक ज्ञापन भी सौंपा गया. लेकिन ग्रामीणों के इस महत्वपूर्ण मांग की तरफ अब तक ध्यान नहीं दिया गया.
स्टापडेम मोहल्ले मे निवास करने वाला ग्रामीण मुर्गा व्यवसायी लोचन चक्रधारी ने अपने खुद के खर्च से करीब 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर अपने घर के सामने नदी में पुल का निर्माण कर दिया और पुल निर्माण कार्य लगभग आख़री चरण में है. आने वाले बारिश के मौसम में इसका फायदा इस मोहल्ले के लोगों को मिलेगा. मैनपुर के ग्रामीण लोचन चक्रधारी ने अपने खुद के लाखो रूपये खर्च कर मैनपुर नदी मे विशाल पुल का निर्माण कर जो ऐतिहासिक कार्य किया है. उसकी क्षेत्र के लोगों का द्वारा जमकर प्रशंसा की जा रही है.
पुल निर्माण कर मिशाल पेश करने वाले ग्रामीण लोचन चक्रधारी
स्टापडेम मोहल्ला के ग्रामीण लोचन चक्रधारी ने बताया कि कई बार शासन प्रशासन से मोहल्ले वाले पुल निर्माण की मांग कर रहे थे. लेकिन अब तक सरकार इस तरफ ध्यान नही दिया. जबकि यह तहसील मुख्यालय है. और यहां से महज 200 कदम की दूरी पर जनपद और एसडीएम कार्यालय है. बावजूद इस मोहल्ले के छोटे-छोटे बच्चे जान जोखिम मे डालकर स्कूल आना जाना करने मजबूर हो रहे थे. लोगों की समस्या और उनके परिवार की समस्याओं को देखते हुए उन्होंने मैनपुर नदी मे अपने खुद का करीब 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर पुल का निर्माण किया है. जिसमे उन्होंने दुकानदारों से कर्ज लिया है साथ ही उन्हे धीरे -धीरे कर्ज चुकाने की बात कहते हैं. पुल के एप्रोज मे मुरमीकरण कार्य बचा हुआ है.
जनपद के अफसरों को निवेदन करने के बाद भी झांकने नहीं पहुंचे
ग्रामीण लोचन चक्रधारी के बेटे डोलेश चक्रधारी और मोहल्ले के लोगों ने बताया कि उन्होंने अपने खुद के खर्च से पुल का निर्माण किया है. लेकिन पुल निर्माण के लिए डिजाइन, तकनीकी जानकारी के लिए जनपद पंचायत के कई अधिकारियो को मौके पर पहुंचकर सुझाव देने की गुहार भी लगाई. हद तो तब हुई कि इसके बावजूद भी कोई भी जिम्मेदार स्थानीय अधिकारी पुल निर्माण के लिए उन्हे सुझाव देने के लिए भी नही पहुंचा. जिसका मलाल इस ग्रामीण मे देखने को मिल रहा है. उन्होंने बताया कि आज सरकार कई योजनाओं का लाभ लोगो को दिला रही हैं. लेकिन जिम्मेदार अगर अपने कर्तव्यो का सही पालन करे तो ग्रामीणों को इसका लाभ मिलता. लेकिन जिम्मेदारों द्वारा जब ध्यान नहीं दिया जाता तो इसका खामियाजा लोगो को भुगतना पड़ रहा है.
ग्रामीण लोचन चक्रधारी के इस पहल का क्षेत्र के लोगों द्वारा किया जा रहा प्रशंसा
मैनपुर नदी मे पुल निर्माण की मांग सालों से करते थके ग्रामीण लोचन चक्रधारी के इस प्रयास का जमकर प्रशंसा कर रहे हैं. जिसने 10 से 12 लाख रूपये खर्च कर पुल का निर्माण किया है. नगर व क्षेत्र के लोगो ने गरियाबंद के कलेक्टर भगवान सिंह उइके एवं जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर से मांग किया कि ऐसे ग्रामीणों का सार्वजनिक मंच से सम्मान किया जाए. साथ ही पुल निर्माण में उनके योगदान को देखते हुए अन्य अधुरे कार्य को सरकार द्वारा पुरा करवाया जाए.
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