कक्षा प्रक्रियाओं में सुधार और बाल शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर, परियोजना बुनियाद के अंतर्गत बालवाड़ियों के संचालन एवं पालक सहभागिता को बढ़ावा

Emphasis on improving classroom processes and quality of child education, operation of kindergartens under Project Buniyaad and promotion of parent participation

कक्षा प्रक्रियाओं में सुधार और बाल शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर, परियोजना बुनियाद के अंतर्गत बालवाड़ियों के संचालन एवं पालक सहभागिता को बढ़ावा

गरियाबंद : नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अंतर्गत समावेशी, मूल्य आधारित एवं गुणवत्तापूर्ण बाल शिक्षा की दिशा में गरियाबंद जिले में महत्वपूर्ण पहल की गई है. इसी कड़ी में परियोजना बुनियाद (बालवाड़ी कार्यक्रम जिला गरियाबंद, छत्तीसगढ़) के अंतर्गत जिला मुख्यालय में प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई. यह कार्यक्रम राज्य शैक्षिक अनुसंधान संस्था (SSEPR) एवं आह्वान ट्रस्ट के सहयोग से क्रियान्वित है.
कार्यशाला में बालवाड़ी संचालन, कक्षा प्रक्रियाओं की गुणवत्ता सुधार एवं अभिभावक सहभागिता बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई. इस दौरान जिला मिशन समन्वयन शिवेश शुक्ला ने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चों के भविष्य की मजबूत नींव है. बालवाड़ी स्तर पर अक्षर, वर्ण एवं बुनियादी कौशल को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है. इस दिशा में शिक्षकों, अभिभावकों और संगठनात्मक टीम का सहयोग और सहमति बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बालक-शिक्षक-पालक की सशक्त साझेदारी ही गुणवत्तापूर्ण बाल शिक्षा का मूल आधार है. इसी दिशा में पालकों के लिए टॉप पेरेंट्स ऐप को एक प्रभावी शिक्षण संसाधन के रुप में उपलब्ध कराया जा रहा है. जिससे घर एवं विद्यालय के बीच सीखने की निरंतरता सुनिश्चित होगी.
जेंडर एवं वैल्यू आधारित शिक्षा पर ज़ोर
NEP 2020 के अनुरूप बालवाड़ी कक्षाओं में जेंडर संवेदनशील एवं वैल्यू आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देने पर बल दिया गया. इसमें समानता, सहयोग, आपसी सम्मान, सुरक्षा, जिम्मेदारी और सकारात्मक सामाजिक व्यवहार जैसे मूल्यों को कक्षा गतिविधियों के माध्यम से विकसित करने पर ज़ोर दिया गया.
जिला रिसोर्स टीम (DRT) का गठन
कार्यशाला में जिला रिसोर्स टीम (DRT) का गठन किया गया. जिसमें सभी विकासखंडों से चयनित DRG तथा अनुभवी शिक्षक प्रतिनिधियों को शामिल किया गया. टीम की प्रमुख भूमिकाएँ इस प्रकार निर्धारित की गईं..
बालवाड़ी शिक्षकों को नियमित शैक्षणिक मार्गदर्शन एवं ऑन-साइट सपोर्ट प्रदान करना.
कक्षा-अवलोकन आधारित फीडबैक के माध्यम से निरंतर सुधार सुनिश्चित करना.
जेंडर एवं वैल्यू आधारित गतिविधियों का कक्षा में प्रभावी क्रियान्वयन.
डेटा आधारित समीक्षा के आधार पर सीखने के परिणामों में सुधार सुनिश्चित करना.
जिले में आयोजित प्रशिक्षणों में प्रशिक्षक एवं संसाधन व्यक्ति की भूमिका निभाना.
मासिक समीक्षा बैठक का निर्णय
बालवाड़ी संचालन की गुणवत्ता को सतत सुदृढ़ करने हेतु यह निर्णय लिया गया कि हर माह जिला स्तर पर संसाधन टीम की नियमित समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी. इसमें प्रगति विश्लेषण, शिक्षण चुनौतियों के समाधान, डेटा समीक्षा एवं आगामी कार्य योजना पर चर्चा की जाएगी.
कार्यशाला में उपस्थित प्रतिनिधि
कार्यक्रम में राज्य समन्वयक सेवी शर्मा, जिला मिशन समन्वयन शिवेश शुक्ला, सहायक समन्वयक विल्सन पी. थॉमस, सभी विकासखंड बीआरसी, चयनित DRG शिक्षक, शिक्षक संकुल समन्वयक, तथा आह्वान टीम से समीर कसेर, विजय यादव, अश्विनी कुमार, एकलव्य साहू एवं भुवेन्द्र बघेल उपस्थित रहे.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/LEzQMc7v4AU8DYccDDrQlb?mode=ac_t