वर्दी कलंकित, चालान पेश करने मांगी 5 हजार रुपए की रिश्वत, फोन रिकॉर्डिंग करने पर पीड़िता को धमकी, प्रधान आरक्षक लाइन अटैच

Uniform tarnished, demanded bribe of Rs 5000 for presenting challan, threatened victim for recording phone call, head constable line attached

वर्दी कलंकित, चालान पेश करने मांगी 5 हजार रुपए की रिश्वत, फोन रिकॉर्डिंग करने पर पीड़िता को धमकी, प्रधान आरक्षक लाइन अटैच

जांजगीर : जांजगीर जिले में पदस्थ प्रधान आरक्षक को हटा दिया गया है. आरक्षक ने थाने पहुंची पीड़ित महिला से पैसे की मांग की थी. एसपी को शिकायत मिलते ही तत्काल प्रभाव से एक्शन लेते हुये प्रधान आरक्षक को हटा दिया गया है. निलंबित हेड कांस्टेबल का नाम अनिल सिंह अजगल्ले है.
मिली जानकारी के मुताबिक पीड़ित महिला खुद के साथ हुई मारपीट की शिकायत दर्ज कराने के लिए थाना बिर्रा पहुंची. इस दौरान वहां पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले ने पीड़ित महिला से पैसों की मांग की. पीड़िता से पैसे की मांग की शिकायत जांजगीर एसपी को हुई तो उन्होंने तत्काल एक्शन लेते हुये हेड कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया है। प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले को बिर्रा थाने से हटाकर लाइन भेजा गया है.
पीड़ित महिला ने बताया कि उसकी बहु ने फोन के जरिए धमकी देती रही कि मेरे पति को तुम लोग कही भगा दिए हो. तुम लोगों को झूठे केस में फंसने की धमकी देते हुए मानसिक प्रताड़ित कर रही थी. जिसे लेकर 14 अगस्त को अपनी बेटी के साथ ग्राम करही बहु के पास गए थे. तब दोनो पक्षों में विवाद होने पर झगड़ा मारपीट भी हुआ. जिसे लेकर बिर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। जहां पदस्थ प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले ने कोरे कागज में दस्तखत लिया और हमारे द्वारा लिखे आवेदन को नहीं लिया। वही दस्तखत लिए कागज में लिखा जिसका एक प्रति हमे दिया और रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पहले 7 हजार रुपए लिया। जिसके बाद कुछ रहेगा तो फोन के जरिए बताने की बात कही और हमे घर भेज दिया.
जिसके बाद 19 नवंबर को मेरी बेटी को प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले ने लगातार फोन कर बाकी रकम 5 हजार रुपए किसी अन्य व्यक्ति के खाते में फोन पे करने की बात कही. जिसका विरोध किया .कहा कि गरीब हैं पैसा कहां से देंगे. किसी तरह रोजी मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं.
वही फोन रिकॉर्डिंग कर रहे हो तुम लोगों को देख लूंगा ऐसी धमकी दी. साथ ही पैसे नहीं देने पर चालान न्यायालय में पेश नहीं करने की बात कही. वही चालान को दूसरे पुलिस वाले के साथ भेजा. जिसमें यह कहा कि चालान की डायरी में स्कूटनी करना है. कहते हुए वापस बिर्रा थाना ले गया.
20 नवंबर को चांपा न्यायालय आने को कहा. जहां से जमानत मिलने की बात कही. जब 20 नवंबर को वापस चांपा न्यायालय पहुंचे. जहां उसी पुलिस वाले अनिल सिंह अजगल्ले ने फिर से 5 हजार रुपए की मांग की. नहीं देने पर चालान पेश नहीं किया. हम इन्तेजार करते रहे. फिर से चालान को बिर्रा थाना लेकर चला गया.
एसपी विजय कुमार पाण्डेय से लिखित शिकायत मिलने पर पुलिस की छवि धूमिल करने पर प्रधान आरक्षक अनिल सिंह अजगल्ले को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर किया है. साथ ही उसके खिलाफ प्राथमिक जांच के निर्देश दिए हैं.
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