सरकारी बैंक खाते से 26 लाख का फाइनेंशियल फ्रॉड, कर्मचारी ने अधिकारी की ID इस्तेमाल कर निकाले पैसे, जांच के आदेश, बैंकिंग व्यवस्था उठे पर सवाल
Financial fraud of 2.6 million rupees from a government bank account. Employee uses official ID to withdraw money. Investigation ordered. Banking system questioned.
मुंगेली : कलेक्ट्रेट मुंगेली के पर्यावरण अधोसंरचना विकास उपकर खाते से 26 लाख 87 हजार रुपये के अनधिकृत ट्रांजेक्शन मामले में अब बड़ा प्रशासनिक मोड़ आ गया. ताज़ा अपडेट में कलेक्टर कुंदन कुमार ने स्वयं संज्ञान लेते हुए इसे बेहद गंभीर फाइनेंशियल फ्रॉड करार दिया है और कहा कि अगर शासकीय खाते से एक सेकंड के लिए भी बिना खाताधारक की अनुमति के राशि निजी खाते में जाती है. तो वह गंभीर धोखाधड़ी की श्रेणी में आती है. यह खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, शाखा मुंगेली में संचालित था. मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बैंक प्रबंधन से विस्तृत जवाब मांगा है.
कलेक्टर ने साफ कहा कि यह तर्क स्वीकार्य नहीं है कि बाद में राशि वापस खाते में जमा करा दी गई. सवाल यह है कि बिना खाताधारक की अनुमति 26 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ कैसे? जांच में सामने आया कि कुल तीन बड़े ट्रांजेक्शन (करीब 9 लाख, 8 लाख और करीब 6 लाख रुपये) किए गए. जबकि बैंक की ओर से कुल 6 ट्रांजेक्शन दर्ज हुए.
कलेक्टर ने इस पर गंभीर आपत्ति जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि के ट्रांजेक्शन में शाखा प्रबंधक की आईडी का उपयोग जरुरी होता है. ऐसे में सिर्फ एक कर्मचारी द्वारा वह भी “लंच टाइम” में ट्रांजेक्शन कर देने की दलील बचकानी और गैर-जिम्मेदाराना है.
उन्होंने कहा कि गोलमोल जवाब से बैंक प्रबंधन की भूमिका पर उठ रहे सवाल खत्म नहीं होते. अगर प्रबंधक की आईडी के बिना ट्रांजेक्शन संभव नहीं. तो जिम्मेदारी तय होना ही चाहिए.
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सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच अब विजिलेंस टीम द्वारा की जा रही है. प्रशासन द्वारा बैंक प्रबंधन से मांगे गए दस्तावेज़ और पूर्ण स्टेटमेंट अब तक संतोषजनक रुप से प्रस्तुत नहीं किए गए हैं. जिसे प्रशासन ने गंभीर अनियमितता माना है. कलेक्टर ने संकेत दिए हैं कि अगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला. तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई तय है.
यह मामला न सिर्फ शासकीय धन की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है. बल्कि बैंकिंग निगरानी तंत्र की विश्वसनीयता पर भी गंभीर चिंता उत्पन्न करता है. आने वाले दिनों में जांच की दिशा और प्रशासन की कार्रवाई इस पूरे मामले को और स्पष्ट करेगी.



