बारुद के ढेर पर शहर, दीवाली से पहले अवैध पटाखा गोदाम में भीषण आतिशबाजी, आग और धमाकों से दहला इलाका, मचा हड़कंप

The city is on a heap of gunpowder huge fireworks fire and explosions in the illegal firecracker warehouse before Diwali the area is shaken there is panic

बारुद के ढेर पर शहर, दीवाली से पहले अवैध पटाखा गोदाम में भीषण आतिशबाजी, आग और धमाकों से दहला इलाका, मचा हड़कंप

बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में बिलासपुर जिले के तोरवा का इलाका आज सुबह बम के धमकों से दहल उठा. रिहायशी इलाके में फटाखा फैक्ट्री में आगजनी की घटना घट गई. देखते ही देखते गोदाम से आग की लपटें निकलने लगी. लपटों के बीच धमाके सुनाई देने लगा. धमाकों की वजह से आसपास के लोग दहशत में हैं.
यह घटना मंगलवार सुबह बिलासपुर के तोरवा थाना क्षेत्र स्थिति जय गणेश ट्रेडर्स पटाखा दुकान में सुबह करीब पौने 12 बजे अचानक आग लगने से हुई. आखिरकार आग बुझा ली गई. इस घटना से कोई हताहत तो नहीं हुआ, पर लाखों का नुकसान हुआ है.
तोरवा थाना क्षेत्र के दयालबंद जगमल चौक में मुख्य मार्ग में फटाका दुकान और गोदाम स्थित है. आज अवैध तरीके से रखे गए पटाखों में आग लग गई. आग लगने के चलते धुंआ और लपटें उठने लगी. लोगों की खबर पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची. आग बुझाने की कोशिश में लगी रही.
जगमल चौक के पास मेन रोड में फटाका दुकान और गोदाम पिछले लंबे समय से संचालित है. दुकान का संचालन राजकिशोर नगर के निवासी जितेश तलरेजा, सुनील तलरेजा और रोहित तलरेजा करते हैं. दावा है कि दुकान और गोदाम के लिए उनके पास लाइसेंस है. लेकिन सवाल यह है कि मुख्य मार्ग पर बाजार में पटाखा दुकान और गोदाम के लिए लाइसेंस किन नियमों के तहत दिया गया.
मुख्यमार्ग पर बाजार पर जिस जगह आग लगी है. उसकी एक तरफ पुस्तक दुकान और दूसरी तरफ एक्सिस बैंक है. फायर ब्रिगेड की टीम के फौरन मौके पर पहुंचने के चलते आजू-बाजू में आग नहीं फैल पाई. बता दे रविवार रात को भी तोरवा थाना क्षेत्र के ही देवरीखुर्द में बारदाना गोदाम आग लगने के चलते पूरा गोदाम जल कर स्वाहा हो गया था. आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है. पुलिस जांच में जुटी हुई है.
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ये कुछ ऐसे मापदंड है जिसका पालन कर बेहद जरुरी और अनिवार्य शर्त में से एक है. दुकान में कम से कम 10 बोरी रेत रखना होगा. पटाखा गोदाम में कम से कम 50 बोरी रेत, दो बड़े ड्राम में चौबीस घंटे पानी भरा हाेना चाहिए. 6 फायर एक्सटिंग्यूसर सिलेंडर भी रखना जरुरी है.
. पटाखों की बिक्री या भंडारण पक्का शेड के अंदर होना चाहिए. शेड के निर्माण में बोरा, लकड़ी, पुआल आदि ज्वलनशील सामग्री के उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है.
. शेड पूरी तरह सुरक्षित होना चाहिए.
. हर शेड या दुकान की आपस में दूरी कम से कम तीन मीटर होना जरुरी है. पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी या अन्य ज्वलनशील या विस्फोटक की दुकानें पटाखा भंडारण स्थल से 15 मीटर दूर होनी चाहिए. मतलब साफ है ऐसी जगहों पर पटाख गोदाम की अनुमति नहीं मिलेगी.
. पटाखा दुकान में लैंप, गैस लैंप या नेकेड लाइट को बैन किया गया है. बिजली के तार या स्विच खुले या क्षतिग्रस्त अवस्था में ना हों.
. एक स्थान (कलस्टर) में अधिक से अधिक 50 दुकानें ही लगाई जा सकती हैं.
गोदामा के लिए यह सब जरुरी शर्तें
पटाखा फैक्ट्रियों में एक समय में सिर्फ 15 किलो के बारूद से ही पटाखा बनाने की अनुमति दी गई है. पटाखा फैक्ट्री में पटाखा बनाने के कुछ मिनटों में इसे गोदामा व दुकान में शिफ्ट करना होता है. इसके बाद फिर 15 किलोग्राम बारुद से ही पटाखा बनाना होगा.
घनी आबादी से दूर होना चाहिए गोदाम व कारखाना
0 पटाखा फैक्ट्री और दुकान आबादी के तकरीबन एक किलोमीटर दूर होने चाहिए.
0 बिजली सप्लाई के लिए लगाए गए हाइटेंशन तार, ट्रांसफार्मर के आसपास फैक्ट्री नहीं होनी चाहिए.
0 अग्निशमन विभाग और संबंधित थाना पुलिस की एनओसी जरुरी है.
0 फैक्ट्री या दुकान में दीवारों पर ध्रूमपान निषेध की सूचना बोर्ड, क्रेता का नाम लिखा होना जरुरी है.
0 फैक्ट्री संचालक, दुकानदार को आतिशबाजी का अनुभव प्रमाण पत्र जरुरी है.
0 फैक्ट्री कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्र चलाने की जानकारी होनी चाहिए.
0 मजदूरों के लिए दास्ताने, स्पेशल ड्रेस, मास्क सहित अन्य सुरक्षा के उपकरण होने चाहिए.
0 मौके पर प्राथमिक उपचार, फस्ट एड बाक्स होना चाहिए.
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