पीएम आवास के नाम रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी, शिकायत के बाद भी कार्यवाही शून्य, राजिम में संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई, 11 हाइवा जब्त
Illegal sand mining continues unabated in the name of PM housing, no action taken despite complaints, major action by joint team in Rajim, 11 Hiwas seized.
पीएम आवास के नाम रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी
गरियाबंद : छत्तीसगढ़ में रेत के अवैध उत्खनन परिवहन में लगाम लगाना शायद शासन और प्रशासन दोनो के लिये असंभव कार्य साबित हो रहा है. आलम ये है कि इसी साल जुलाई महीने में विधानसभा के मानसून सत्र में रेत चोरी का मामला प्रमुखता से उठाया गया था. शून्य काल के दौरान विपक्ष ने इस मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया था और आरोप लगाया था कि पूरे प्रदेश में रेत माफिया पुरजोर सक्रिय हैं.
इसके बाद भी हाल के दिनों की हालत ये है कि गरियाबंद जिले के बड़े नदी-घाटों के अलावा अब रेत चोरों ने छोटी-छोटी नदी व नालों से भी रेत चोरी को अंजाम देना शुरु कर दिया है. इससे इन प्राकृतिक नदी-नालों का अस्तित्व खतरे में है साथ ही मृदातत्वों, प्राकृतिक सूक्ष्म जीव-जंतुओं के नष्ट होने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता.
गरियाबंद जिले के मैनपुर-गरियाबंद राष्ट्रीय राजमार्ग NH130 में धवलपुर के पास झापन नदी पर पिछले कई दिनों से खुलेआम दिन दहाड़े रेत चोरी का खेल चल रहा है. लेकिन जिम्मेदारों को खबर दिये जाने के बावजूद कार्यवाही शून्य है...
मामले की जानकारी ग्राम पंचायत धवलपुर के निर्वाचित प्रतिनिधियों सहित सचिव को दी गई. जिस पर उन्होंने कार्यवाही और संलिप्तता दोनो से हाथ खड़े कर लिये? किसी एक ने आवास के लिये रेत ले जाने की बात कही. लेकिन पुल पर खड़े एक बुजुर्ग ने खुद को ना सिर्फ दबंग घोषित किया बल्कि हमारे द्वारा उत्खनन की फोटो खींचने पर भी आपत्ति जताई और खुले तौर पर कबूल किया कि मैं रेत निकाल रहा हूँ, ये रेत ट्रेक्टर ट्रालियों में मैनपुर तक और आस पास के निजी निर्माण कार्यों में खपाई जा रही है.
इस छोटी प्राकृतिक नदी में धड़ल्ले से रेत निकालने के लिये मशीनरी का जुगाड़ किया गया है यहां ट्रैक्टर के आगे लोडर लगा दिया गया है जिससे काम आसान हो सके रेत निकालने के लिए ठीक पुल के नीचे खोद-खोदकर रेत इकठ्ठा की जाती है फिर लोडर से ट्रालियों में लोडिंग का खेल चलता है. ग्रामीणों का कहना है कि लगातार खुदाई से भविष्य में पुल का अस्तित्व खतरे में आ जाएगा.
शुक्रवार इस मामले की जानकारी मैनपुर अनुविभागीय अधिकारी ( रा ) तुलसीदास मरकाम को दी गई. उन्होंने कार्यवाही का आश्वासन भी दिया. लेकिन रेत उत्खनन और परिवहन शाम तक जारी रहा.
आपको बता दें कि ये जिले का मुख्यमार्ग है. इसी रास्ते जिले के कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारी लगातार मैनपुर-देवभोग क्षेत्र के दौरे पर आना-जाना कर रहे हैं. ऐसे में ठीक मुख्य सड़क किनारे चल रहा ये अवैध कारोबार उनकी नजरों में क्यों नहीं आ रहा समझ से परे हैं.
आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के ही धमतरी जिले की नदियों पर लगातार रेत उत्खनन किये जाने से हाराडुला पुल धंस गया. जिससे आवागमन बंद करना पड़ा और कई गांव प्रभावित हुए. खारुन नदी में लगातार अवैध रेत निकासी के कारण मेघा पुल के नीचे का हिस्सा कमजोर हुआ और लेंटर टूट गया. जिससे भविष्य में बड़े हादसे की आशंका है.
अब गरियाबंद जिले के एन एच 130 में स्थित झापन नदी पर बने पुल का अस्तित्व खतरे में है. इसके टूटने से आधे जिले की आधी आबादी का आवागमन अवरुद्ध हो सकता है. लेकिन जिम्मेदार मौन है. इस मामले की शिकायत उच्च स्तर पर किये जाने की तैय्यारी है.
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राजिम में संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई, 11 हाइवा जब्त
राजिम : राजिम क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध रेत उत्खनन पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई. राजस्व विभाग, पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी करते हुए कुल 11 रेत से भरे हाइवा वाहनों को पकड़ा है. सभी वाहनों को जप्त कर राजिम थाना परिसर में सुपुर्द किया गया है.
मिली जानकारी के मुताबिक राजिम के चौबेबांधा क्षेत्र में रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी था. खबर पर विभाग ने संयुक्त टीम बनाकर छापेमार कार्यवाही की. इस दौरान जब प्रशासन की संयुक्त टीम अचानक मौके पर पहुंची तो रेत माफिया सतर्क होते ही चैन माउंटेन मशीन को गरियाबंद जिले से धमतरी जिले की तरफ भगाकर ले गए. जिससे उत्खनन में उपयोग हो रही चैन माउन्टेन मशीन को टीम पकड़ नहीं पाई. लेकिन कुल 11 रेत से भरे हाइवा वाहनों को पकड़ा गया है. सभी वाहनों को जप्त कर राजिम पुलिस के सुपुर्द किया गया है.
टीम की कार्यवाही से कुछ समय के लिए अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया. हालांकि खनिज विभाग का कहना है कि वह समय-समय पर अवैध उत्खनन के खिलाफ अभियान चलाता है. लेकिन इसके बावजूद रेत माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते दिखाई दे रहे हैं.
वहीं स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रेत के अवैध उत्खनन से नदी का स्वरुप बिगड़ रहा है और नदी के तंत्र पर गंभीर असर पड़ रहा है. प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.
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