छत्तीसगढ़ में मरीजों की जान से फिर खिलवाड़, CGMSC ने सर्जरी के लिए भेज दिया जंग लगे सर्जिकल ब्लेड, ऑपरेशन थिएटर में मचा हड़कंप

In Chhattisgarh, the lives of patients were again played with, CGMSC sent rusty surgical blades for surgery, there was a commotion in the operation theatre

छत्तीसगढ़ में मरीजों की जान से फिर खिलवाड़, CGMSC ने सर्जरी के लिए भेज दिया जंग लगे सर्जिकल ब्लेड, ऑपरेशन थिएटर में मचा हड़कंप

रायपुर/महासमुंद : रायपुर: दवा निगम के अफसरों की लापरवाही अब मरीजों की जान पर भारी पड़ने लगी है. महासमुंद के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से ऑपरेशन थिएटर में उपयोग हो रहे सर्जिकल ब्लेड नंबर-22 में जंग और खराब पैकिंग की गंभीर शिकायत सामने आई है.
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के आरोपों से पहले से घिरे छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) ने इस बार लापरवाही की सारी हदें पार कर दी हैं. महासमुंद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों की सर्जरी के लिए जंग लगे सर्जिकल ब्लेड की सप्लाई कर दी गई. जिससे स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया.
यह चौंकाने वाला मामला महासमुंद मेडिकल कॉलेज के अस्पताल का है. जब ऑपरेशन थिएटर (OT) में सर्जरी की तैयारी चल रही थी. तो स्टाफ ने सर्जिकल उपकरणों का पैकेट खोला। पैकेट खोलते ही उनके होश उड़ गए. क्योंकि अंदर रखे सर्जिकल ब्लेड में जंग लगी हुई थी. इसके साथ ही सप्लाई किए गए ग्लव्स भी बेहद घटिया क्वालिटी के थे.
OT इंचार्ज ने फौरन इसकी खबर प्रबंधन को दी. अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. बसंत माहेश्वरी ने इस शिकायत की पुष्टि करते हुए कहा, “OT स्टाफ ने बताया कि ब्लेड में जंग लगी है और उनकी पैकिंग भी सही नहीं है. ऐसे ब्लेड का इस्तेमाल करने से मरीजों को सेप्टिक (संक्रमण) होने का जानलेवा खतरा है. इसलिए इनका उपयोग फौरन रोक दिया गया.
ये ब्लेड छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) द्वारा सप्लाई किए गए थे. ओटी इंचार्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, बैच नंबर जी-409 (एक्सपायरी मई 2029) वाले 500 ब्लेड में से 50 ब्लेड पूरी तरह जंग लगे हुए पाए गए. इनकी हालत इतनी खराब थी कि ऑपरेशन टेबल पर मरीज की जान जोखिम में पड़ सकती थी. संक्रमण और सेप्सिस का सीधा खतरा था. बता दें कि सीजीएमएससी ने मुंबई की कंपनी गोल्डविन मेडिकेयर लिमिटेड से वर्ष 2023 में सर्जिकल ब्लेड की आपूर्ति के लिए रेट कांट्रैक्ट किया था.

लापरवाही की लंबी लिस्ट: यह पहली बार नहीं
यह कोई पहली घटना नहीं है जब CGMSC की सप्लाई पर सवाल उठे हों। निगम का विवादों से पुराना नाता रहा है:
प्रेग्नेंसी किट: पहले भी अमानक प्रेग्नेंसी डायग्नोस्टिक किट की सप्लाई की शिकायतें आ चुकी हैं।
ग्लूकोज किट: ग्लूकोज चढ़ाने वाली ड्रिप किट भी घटिया क्वालिटी की पाई गई थी।
मिर्गी की दवा: मिर्गी के दौरे रोकने वाली दवा के भी अमानक होने का मामला सामने आया था।
ग्लूकोज साइड इफेक्ट: रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में CGMSC द्वारा सप्लाई किए गए ग्लूकोज से मरीजों को साइड इफेक्ट होने की शिकायतें भी मिल चुकी हैं, जिसके बाद ग्लूकोज को बदलना पड़ा था।
घोटालों और भ्रष्टाचार के साये में CGMSC

लगातार घटिया सप्लाई के पीछे कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं
660 करोड़ का घोटाला: CGMSC पहले से ही 660 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले की जांच का सामना कर रहा है, जिसमें EOW की जांच जारी है और आधा दर्जन अधिकारी गिरफ्तार हो चुके हैं।
अधिकारी पर कार्रवाई: हाल ही में, कुछ विशेष कंपनियों को फायदा पहुंचाने के आरोपों के चलते एक उपमहाप्रबंधक स्तर के अधिकारी को उनके मूल विभाग में वापस भेज दिया गया है.

राज्य भर के आंकड़े
प्रदेश के अस्पतालों से कुल 4,91,280 ब्लेड की मांग प्राप्त है.
अब तक 6,37,881 रुपये के 3,86,595 ब्लेड अस्पतालों को भेजे जा चुके हैं.
20,953 ब्लेड अप्रैल से अब तक विभिन्न अस्पतालों में वितरित हुए हैं.
28,005 ब्लेड फिलहाल सीजीएमएससी के गोदाम में रखे हैं.

मंत्रालय तक पहुंची शिकायत
महासमुंद अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए सीजीएमएससी से तत्काल ब्लेड बदलने की मांग की है. साथ ही शिकायत पत्र और साक्ष्यों के साथ स्वास्थ्य मंत्रालय, मेडिकल एजुकेशन विभाग सहित सात वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है. यह मामला सीजीएमएससी की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है.
अस्पताल में जंग लगे ब्लेड भेजने को लेकर सीजीएमएससी की प्रबंध संचालक पद्मिनी भोई साहू का कहना है कि दवा और ब्लेड अस्पतालों से वापस मंगवाए गए हैं. दोनों की गुणवत्ता की दोबारा जांच कराई जाएगी। संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी.
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