वकीलों का अधिवक्ता अमेंडमेंट बिल को लेकर कुरुद में विरोध प्रदर्शन जारी, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग
Lawyers continue to protest in Kurud against the Advocate Amendment Bill, demand for implementation of Advocate Protection Act
धमतरी : अधिवक्ता संघ कुरुद द्वारा एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने और एडवोकेट एक्ट में प्रस्तावित संशोधन बिल 2025 को निरस्त करने की मांग को लेकर न्यायालयीन कार्य का एक दिवसीय विरत रहने की सूचना देकर राज्यपाल छग शासन के नाम अनुविभागीय अधिकारी कुरुद को ज्ञापन सौपा.
जिसमे संघ के वरिष्ठ एवम कनिष्ठ अधिवक्ता गण बी डी साहू, आई एस परमार, लष्मीकांत द्विवेदी, गुणवंत सोलंके, रमेश सिन्हा, तरुण यदु, जे पी साहू, नरेश डिंगरे, यशवंत साहू, जीवराम ध्रुवंशी, मोहेंद्र चंद्राकर, महेंद्र साहू, हेमन्त सिन्हा, एम एस भरतद्वाज,गुलेश्वर साहू, ऐनेन्द्र साहू, हेमन्त निर्मलकर, प्रदीप यादव, सुमन ठाकुर, यजुर्वेद साहू, जालम साहू, राम खिलावन लहरी,तोष कुमार चक्रधारी, ममता सोनकर, भुनेश्वरी साहू, नीतू तोड़ेकर, ठाकुर राम सेन मौजूद रहे.
अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता संघ के सभी पदाधिकारी नए बिल का विरोध करते हैं क्योंकि अगर कोई व्यक्ति मुकदमा हार जाता है तो वकीलों पर मुकदमा कर सकता है. जिसका वकील पूरी तरह से विरोध करते हैं. पूर्व अधिवक्ता ने कहा कि देश में हर संस्थान को खत्म करने का काम केंद्र सरकार कर रही है.
काले कानून के विरोध में वकीलों का हड़ताल
अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता संशोधन बिल के विरोध में पूरे जनपद में अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं. काले कानून के विरोध में वकीलों ने हड़ताल की. सरकार की तरफ से बिल को होल्ड कर दिया है लेकिन अगर दोबारा से बिल को लागू करने की बात की जाती है तो वकील सड़कों पर आएंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे.
वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि भारत सरकार के इस काले कानून से अधिवक्ता सड़क पर हैं. यह धरना प्रदर्शन सांकेतिक विरोध है. उन्होंने बताया कि देश की सबसे ज्यादा सरकार को आर्थिक फायदा निबंधन कार्यालय से होता है. हमारा विरोध सरकार की आर्थिक इंकम को कम करके विरोध करना है और हम संकेत दे रहे हैं कि अधिवक्ता आपकी आय को, काला कानून वापस नहीं लिया तो कमजोर कर देंगे. देश की आजादी से लेकर हर तरह की लड़ाई अधिवक्ता लड़ता है और जरुरतमंदों को दिन रात मेहनत करके इंसाफ दिलाता है. लेकिन आज अधिवक्ता को ही कमजोर किया जा रहा है. जो निंदनीय है. सरकार को इस काले कानून को वापस लेना चाहिए.
अधिवक्ताओं का कहना है कि यह बिल पूरे देश के वकील समाज के साथ धोखा है. यह उनके अधिकारों का हनन करता है. वकीलों ने कहा कि वे न्यायपालिका के प्रमुख स्तंभ हैं. सरकार इस नियमावली के माध्यम से उनकी स्वतंत्रता पर प्रहार कर रही है.
ताजा खबर से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें
https://chat.whatsapp.com/CvTzhhITF4mGrrt8ulk6CI
कवर्धा : कवर्धा के अदालत में काम करने वाले वकीलों ने नए कानून के खिलाफ सख्त रूप अख्तियार कर लिया है. कोर्ट में काम बंद कर वकील कोर्ट के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. कबीरधाम जिला अधिवक्ता संघ के बैनर तले सभी वकील मोर्चा खोले बैठे हैं. इस दौरान वकीलों ने नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन का उद्देश्य केंद्र सरकार के प्रस्तावित नए कानून बिल के संशोधन का विरोध करना है.
नए कानून संशोधन बिल को वापस लेने की मांग: प्रदर्शन कर रहे वकीलों की मांग है कि नए कानून संशोधन बिल को वापस लिया जाए और कानून को यथावत रखा जाए. नए कानून के लागू होने पर वकीलों के अधिकारों में कमी आएगी. जिससे वे अपने पक्षकार की बात सही तरीके से अदालत में नहीं रख पाएंगे. प्रदर्शन कर रहे वकीलों का कहना है कि नया कानून लागू होने से केवल एलएलबी डिग्रीधारी व्यक्ति ही नहीं, बल्कि जो लोग निजी कंपनियों में काम करते हैं, वे भी अधिवक्ता के श्रेणी में आ जाएंगे. इस तरह के संशोधन से पेशेवर अधिवक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन होगा.
नया कानून लागू होने से वकीलों को एक फॉर्मेट के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य होना होगा. नए कानून से हमारे अधिकारों में कमी आएगी. हम अपने पक्षकार की बात सही से कोर्ट में नहीं रख पाएंगे- पोखराज सिंह, कवर्धा अधिवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष
वकीलों ने दी चेतावनी: नए कानून बिल के संशोधन और उसे लागू करने की सूरत में वकीलों ने सरकार को चेतावनी दी है. वकीलों ने कहा है कि अगर हमारी मांगें नहीं मानी गई तो हम सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे. इस सभी घटनाओं की जवाबदेही सरकार की होगी.



