खुद को आग लगाकर महिला थाने में घुसने वाली युवती की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत, पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

The girl who set herself on fire and entered the women's police station died a painful death during treatment, questions are being raised on the police action

खुद को आग लगाकर महिला थाने में घुसने वाली युवती की इलाज के दौरान दर्दनाक मौत, पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

रायपुर : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महिला थाने में खुद को आग लगाने वाली महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. पति से तंग आकर महिला ने 10 सितंबर को महिला थाने में आग लगाई थी. महिला आग लगाने के बाद खुद ही थाने के अंदर दौड़ गई थी. जिसके बाद उसे डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया. इलाज के दौराान पांचवे दिन उसकी मौत हो गई. यह  मामला पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र का है.
पुलिस के मुताबिक वर्षा गोस्वामी की आग लगने से मौत हुई है. वर्षा गोस्वामी के खुद को आग लगाने के एक दिन पहले उसके पति शिवम गोस्वामी से झगड़ा हुआ था. पति ने मारपीट की थी. इसके बाद अगले दिन ही थाने पहुंची महिला ने खुद को आग लगाई और आग लगाने के बाद वह चीखते-चिल्लाते हुए दौड़कर थाने के अंदर घुस गई थी.
पुलिसकर्मियों ने किसी तरह महिला के ऊपर कपड़े और पानी डालकर आग पर काबू पाया था और फौरन महिला को डीकेएस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. महिला 70 फीसदी झुलस गई थी. 4 दिन तक ज़िंदगी और मौत से जूझने के बाद अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने आज रविवार को दम तोड़ दिया. 
मिली जानकारी के मुताबिक मृतका ने पति के खिलाफ 2024 में शिकायत की थी. कई बार काउंसिलिंग के लिए पति को बुलाया जा रहा था. महिला काउंसलिंग के लिए थाने पहुंची थी. लेकिन वह नहीं आया. 9 सितंबर की रात भी पति ने उसके साथ मारपीट की. जिसके बाद 10 सितंबर को महिला सुबह थाने पहुंची और खुद को आग लगा ली. दोनों ने 5 साल पहले प्रेम विवाह किया था. उनके दो बच्चे भी हैं. मामले की जांच शुरू कर दी गई है.
आरोप है कि  शिवम बाहर जुआ खेलता है. सट्टा खेलता है. घर आकर वर्षा से मारपीट करता है. कहता है तेरी बहन को चाकू मार दूंगा. भाई को चाकू मार दूंगा. घर में आग लगा दूंगा. आधी-आधी रात को वर्षा को घर से बाहर निकाल देता है. कहता है तुम लोग मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते.
साल 2020 में उसने वर्षा का सिर भी फोड़ दिया था. दिवाली के पहले पुरानी बस्ती थाना में शिकायत भी की थी. कोई कार्रवाई नहीं हुई. पुरानी बस्ती पुलिस कहती रही आएंगे-आएंगे. लेकिन कोई नहीं आया. मंगलवार की रात को वर्षा को घर से बाहर निकाल दिया था. गर्दन पर पैर रखकर बोला- तुझे मार दूंगा, तेरी बहन-भाई को चाकू मार दूंगा.
वर्षा ने कई बार महिला आयोग और पुलिस में गुहार लगाई. लेकिन समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया. इसी मायूसी में उसने यह खौफनाक कदम उठाया. अब वर्षा की मौत के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों बार-बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई? अगर समय रहते उचित कदम उठाए जाते, तो शायद वर्षा की जान बच सकती थी.
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि मृतका की शिकायतों और पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है. हालांकि महिला की मौत के बाद पुलिस पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं और प्रशासनिक लापरवाही की चर्चा हर जगह हो रही है.
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