चाची-भतीजी से 3 युवकों ने किया गैंगरेप, कहा- किसी को बताया तो तुम्हें मार डालेंगे, विवाहिता ने लगाई फांसी, ASI सस्पेंड, TI लाइन अटैच
Three youths gangraped an aunt and her niece, threatening to kill them if they told anyone. The married woman hanged herself, and an ASI was suspended and an TI was attached to the line.
अंबिकापुर : बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सनावल थाना क्षेत्र अंतर्गत निवासी चाची और नाबालिग भतीजी से गैंगरेप का मामला सामने आया है. 7 नवंबर की दोपहर झारखंड के 3 युवकों ने जंगल में लकड़ी लेने गए चाची-भतीजी से सामूहिक बलात्कार किया था. आरोपियों ने उन्हें धमकी भी दी थी कि यदि किसी को कुछ बताया जो जान से मार डालेंगे. उसी रात महिला ने डर की वजह से फांसी लगा ली थी. बाद में पति और नाबालिग के पिता ने सनावल थाने में मामले की शिकायत की थी. लेकिन पुलिस ने न तो एफआईआर दर्ज किया और न ही मामले की जांच की.
इसके बाद परिजन ने नवंबर माह में इसकी शिकायत आईजी से की. आईजी ने मामले की जांच कराई तो नाबालिग से गैंगरेप की पुष्टि हुई. इसके बाद इसमें 2 एफआईआर दर्ज की गई. इस मामले में लापरवाही बरतने पर आईजी ने सनावल एएसआई रोशन लकड़ा को सस्पेंड और थाना प्रभारी एसआई गजपति मिर्रे को लाइन अटैच कर दिया.
बताया जा रहा है कि 7 नवंबर को 25 वर्षीय महिला अपनी 14 वर्षीय भतीजी के साथ लकड़ी लेने जंगल गई थी. इस दौरान झारखंड के कुसुमियादामर निवासी सैयद अली (21), फैयाज अंसारी (22) और सोनू अंसारी (30) ने उनके साथ गैंगरेप किया. इसके बाद उन्होंने दोनों को धमकी दी कि अगर किसी को कुछ बताया तो हत्या कर देंगे। फिर महिला और भतीजी घर पहुंचे.
यहां रात में महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. 8 सितंबर को उसकी लाश घर के कोठार में मिली. खबर पर जबलपुर में काम करने गया उसका पति यहां आया और उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया. जब नाबालिग से पूछताछ की गई तो उसने गैंगरेप की बात बताई.
इसके बाद महिला के पति और नाबालिग के पिता ने इसकी शिकायत थाने में की. थाने में कोई कार्रवाई नहीं होने पर मृतका के पिता ने रामानुजगंज एसडीओपी से भी शिकायत की. उसने बताया कि आरोपियों ने फोन कर बेटी को जंगल बुलाया था. फिर गैंगरेप करने के बाद उसकी हत्या भी कर दी. लेकिन पुलिस ने मामले में न तो एफआईआर दर्ज की और न जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करना जरुरी समझा.
दो महीने तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर नवंबर माह में पीडि़ताओं के परिजन ने अंबिकापुर आकर आईजी दीपक कुमार झा से मामले की लिखित शिकायत की. इस पर आईजी ने मामले की जांच कराई तो नाबालिग से गैंगरेप की पुष्टि हुई. आईजी के निर्देश पर घटना के करीब 3 महीने बाद 3 दिसंबर को नाबालिग से गैंगरेप और महिला को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का अपराध दर्ज किया गया.
वहीं इतने गंभीर मामले में भी पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने को लेकर उनकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. मामले में आईजी ने विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं. वहीं पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है.
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