इवनिंग वॉक पर निकले डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर का अपहरण, आंखों पर पट्टी बांधकर बनाया बंधक, चाकू दिखाकर UPI से कराए एक लाख ट्रांसफर, आरोपी गिरफ्तार

Degree college professor abducted while out for an evening walk; held captive after being blindfolded and forced to transfer ₹1 lakh via UPI at knifepoint; accused arrested.

इवनिंग वॉक पर निकले डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर का अपहरण, आंखों पर पट्टी बांधकर बनाया बंधक, चाकू दिखाकर UPI से कराए एक लाख ट्रांसफर, आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़ : रायगढ़ में अपराधियों ने अपहरण की एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया. जिसमें बंधक बनाए गए प्रोफेसर के मोबाइल और UPI को ही रकम ऐंठने का जरिया बना लिया गया. इवनिंग वॉक पर निकले डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपुरचंद गुप्ता को आरोपियों ने अगवा किया. उनकी आंखों पर पट्टी बांधी और चाकू की नोक पर मोबाइल का पासवर्ड और UPI से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली. इसके बाद उनके खाते से करीब एक लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए.
यह घटना रायगढ़ जिले के पुसौर थाना क्षेत्र के ग्राम जकेला की है. आरोपियों ने प्रोफेसर को मोटरसाइकिल से दूसरे थाना क्षेत्र में पहुंचाया और एक कमरे में बंधक बनाकर रखा. इस दौरान परिजनों को गुमराह करने के लिए प्रोफेसर से फोन भी करवाया गया. हालांकि, परिजनों को पूरे घटनाक्रम पर संदेह हो गया. उन्होंने अपने स्तर पर लोकेशन का पता लगाया और पंडरीपानी पहुंच गए. इसके बाद पुलिस की मदद से प्रोफेसर को सकुशल बरामद कर लिया गया.
इवनिंग वॉक के दौरान प्रोफेसर को बनाया निशाना
डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर कपुरचंद गुप्ता 5 अक्टूबर की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच डीपापारा और शोभा राइस मिल के आसपास इवनिंग वॉक कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें थकान महसूस हुई. वह सड़क किनारे डबरी के पास एक माइलस्टोन पर बैठकर आराम करने लगे. इसी दौरान दो युवक वहां पहुंचे. आरोपियों ने प्रोफेसर को पकड़ लिया और उन्हें डबरी की तरफ ले गए. इसके बाद उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई. चाकू दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई. इसके बाद प्रोफेसर को मोटरसाइकिल से भूपदेवपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंडरीपानी ले जाया गया.
पंडरीपानी पहुंचने के बाद आरोपियों ने प्रोफेसर के साथ मारपीट की. इसके बाद उनके मोबाइल फोन का पासवर्ड हासिल किया गया. आरोपियों ने Google Pay और BHIM App से जुड़ी जानकारी भी हासिल कर ली. यहीं से यह मामला सिर्फ अपहरण तक सीमित नहीं रहा. आरोपियों ने प्रोफेसर के डिजिटल भुगतान की जानकारी का इस्तेमाल रकम ट्रांसफर कराने के लिए किया. आरोपियों ने एक महिला से मोबाइल पर संपर्क किया और उसका QR कोड मंगवाया. इसके बाद प्रोफेसर के खाते से लगातार रकम ट्रांसफर कराई गई. पुलिस के मुताबिक, खाते की करीब एक लाख रुपये की निर्धारित सीमा खत्म होने तक रकम ट्रांसफर कराई गई.
प्रोफेसर को बंधक बनाए रखने के दौरान आरोपियों ने एक और तरीका अपनाया. उन्होंने प्रोफेसर को धमकाकर उनके घर फोन करवाया. उनसे परिवार को यह बताने के लिए कहा गया कि वह सुरक्षित हैं. आरोपियों का मकसद परिजनों को गुमराह करना था. ताकि उन्हें अपहरण की जानकारी न हो सके. लेकिन प्रोफेसर के परिजनों को पूरे घटनाक्रम पर शक हो गया. परिजनों ने अपने स्तर पर लोकेशन का पता लगाया और पंडरीपानी पहुंच गए. जैसे ही आरोपियों को परिजनों के वहां पहुंचने की भनक लगी, वे मौके से फरार हो गए. इसके बाद पुलिस को खबर दी गई.
खबर मिलते ही पुसौर थाना प्रभारी निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने प्रोफेसर को कमरे से सकुशल बरामद किया और उन्हें थाने लेकर आई. घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रोफेसर की सुरक्षित बरामदगी के निर्देश दिए. इसके बाद पुलिस टीम ने रातभर संभावित ठिकानों पर दबिश दी और आरोपियों की तलाश शुरु कर दी.
घटना के करीब 24 घंटे के भीतर ग्राम जकेला निवासी सुनील सारथी को हिरासत में लिया गया. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अन्य साथियों के साथ मिलकर अपहरण और UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कराने की साजिश में शामिल होना कबूल किया है. पुलिस ने अन्य आरोपियों की पहचान कर लेने का दावा किया है. उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है.
पुलिस ने मामले की जांच डिजिटल ट्रांजेक्शन के एंगल से भी शुरू कर दी है. जिस महिला के खाते में रकम ट्रांसफर कराई गई थी, उससे संपर्क किया गया. ट्रांसफर की गई रकम को सुरक्षित कराया गया है. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला के बैंक खाते और UPI का आरोपियों से क्या संबंध था. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इसी बैंक खाते या UPI माध्यम का इस्तेमाल पहले किसी अन्य अपराध में तो नहीं किया गया.
अपहरण के साथ डिजिटल ठगी का तरीका
रायगढ़ की इस वारदात में आरोपियों ने पहले प्रोफेसर को बंधक बनाया. इसके बाद उनके मोबाइल और डिजिटल भुगतान की जानकारी हासिल की. फिर UPI के जरिए रकम ट्रांसफर कराई गई. यानी इस मामले में अपहरण के साथ डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल रकम ऐंठने के लिए किया गया. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस वारदात के पीछे सिर्फ रकम ऐंठने की साजिश थी या आरोपियों का कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है. पीड़ित की शिकायत पर पुसौर थाने में धारा 140(3), 309(6), 142 और 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है. पुलिस अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ ही घटना में इस्तेमाल मोबाइल, बैंक खाते, QR कोड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी जांच कर रही है.
पुसौर पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर को सुरक्षित बरामद किया है. घटना में शामिल ग्राम जकेला निवासी सुनील सारथी को हिरासत में ले लिया हैं और उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. रायगढ़ की इस घटना में प्रोफेसर की सकुशल बरामदगी पुलिस के लिए राहत की खबर है. वहीं, वारदात में मोबाइल और UPI की जानकारी हासिल कर रकम ट्रांसफर कराने का तरीका भी सामने आया है. पुलिस अब अपहरण में शामिल सभी आरोपियों तक पहुंचने और डिजिटल ट्रांजेक्शन की पूरी कड़ी की जांच में जुटी है.
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