बेकाबू कार डिवाइडर से टकराकर चलती हाइवा के पीछे जा घुसी, चौथिया कार्यक्रम से लौट रहे परिवार के तीन लोगों की मौत, खुशियों में पसरा मातम

An out-of-control car collided with a divider and rammed into a moving highway, killing three members of a family returning from a Chauthia ceremony. A moment of joy was replaced by mourning.

बेकाबू कार डिवाइडर से टकराकर चलती हाइवा के पीछे जा घुसी, चौथिया कार्यक्रम से लौट रहे  परिवार के तीन लोगों की मौत, खुशियों में पसरा मातम

कोरबा : कोरबा जिले में सोमवार की देर रात भीषण हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. बताया जा रहा है कि कोरबा का सोनी परिवार चांपा में एक चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गया था, कार्यक्रम के बाद सोमवार देर रात 2 बजे परिवार के सभी सदस्य कार से वापस लौट रहे थे, इसी दौरान उरगा अंतर्गत फरसवनी टोल नाका के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलटने के बाद सड़क किनारे खड़ी हाइवा में जा घुसी, इस भीषण हादसे में कार में सवार ढाई साल की मासूम समेत मां-बेटे की मौत हो गयी, ये हादसा उरगा थाना क्षेत्र में सोमवार की देर रात हुआ. 
मिली जानकारी के मुताबिक बुधवारी निवासी सोनी परिवार सोमवार को चांपा एक चौथिया कार्यक्रम में शामिल होने गया था. जहां कार्यक्रम में शामिल होने के बाद परिवार कार से वापस कोरबा लौट रहा था. इसी दौरान ग्राम फरसवानी के पास अचानक तेज रफ्तार कार का नियंत्रण बिगड़ गया और बेकाबू कार सड़क पर बने डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गयी और सड़क किनारे खड़ी हाईवा में जा घुसी.
 टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई. मृतकों में मोंगरा सोनी उम्र 45 साल, बेटा देवेंद्र सोनी उम्र 22 साल और ढाई साल का मासूम प्रियांश शामिल हैं.
हादसे की खबर मिलते ही उरगा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया. घायलों को तत्काल चांपा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गयाए जहां उनका इलाज जारी है. जांच अधिकारी नवीन पटेल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन का संतुलन बिगड़ना हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.
यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों को उजागर करता है. एक खुशियों भरा पारिवारिक कार्यक्रम कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है.
जिला में अप्रैल महिना में अकेले सड़क हादसों में 26 लोगों की मौत हो चुकी है. लगातार हो रही इन हादसोंने सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग भी तेज हो रही है.
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