6 साल बड़ी शादीशुदा गर्लफ्रेंड को मोमोज खिलाकर उतारा मौत के घाट, पेट्रोल डालकर जलाया शव, खुद ही गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंच गया प्रेमी
A married girlfriend six years his senior was killed by feeding her momos, then doused her body with petrol and set it ablaze. The boyfriend then went to file a missing person report.
दुर्ग : दुर्ग के पुरई गांव में मिली अधजली महिला की लाश का रहस्य पुलिस ने 24 घंटे में सुलझा लिया. मृतका उर्मिला निषाद की हत्या उसके शादीशुदा प्रेमी विजय बांधे ने की थी. विवाह के दबाव और लगातार विवादों से परेशान विजय ने उसे मोमोज खिलाने के बहाने बुलाया। चापर से हमला कर पेट्रोल डाल आग लगा दी. बाद में शक हटाने वह खुद गुमशुदगी रिपोर्ट लिखवाने पहुंचा. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में एक प्रेम प्रसंग का अंत ऐसा हुआ. जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी. दो-तीन साल से साथ काम कर रहे दो शादीशुदा लोगों का रिश्ता मनमुटाव, तनाव और अविश्वास के बीच इस कदर बिगड़ा कि मामला सीधे हत्या तक पहुंच गया. कहानी शुरु होती है एक अधजली लाश से और खत्म होती है उसी व्यक्ति की गिरफ्तारी पर, जिसने हत्या करने के बाद खुद पुलिस थाने जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखाई थी.
दुर्ग जिले के उतई थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह ग्राम पुरई के पास करगाडीह पऊवारा नहर किनारे बने खेल मैदान में एक महिला का अधजला शव मिलने की खबर पूरे इलाके में सनसनी की तरह फैल गई. कोटवार केवलदास मानिकपुरी ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी. शुरुआती जांच में न तो पहचान हो पाई, न ही कोई गवाह मिला.
पुआल और पराली के बीच अधजला शव पड़ा था. इसलिए यह साफ था कि हत्या कहीं और नहीं, इसी जगह की गई है और पहचान छिपाने के इरादे से लाश जलाने की कोशिश भी की गई है. फील्ड यूनिट, एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे. लेकिन चूंकि महिला की पहचान स्पष्ट नहीं थी.
पुलिस ने इसे ‘ब्लाइंड मर्डर’ मानते हुए कई टीम गठित कीं. एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर छह विशेष टीमें रात भर जांच में लगी रहीं. आसपास के गांवों में गुमशुदगी की रिपोर्टों की पड़ताल हुई, कैमरे खंगाले गए, मोबाइल लोकेशन देखी गई और आख़िरकार धागा उस व्यक्ति तक पहुंच गया जिसने खुद को पीड़ित का परिचित बताकर सुपेला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी.
पता चला कि सुपेला इलाके की रहने वाली उर्मिला निषाद उम्र 30 साल की गुमशुदगी रिपोर्ट उसके परिचित और सहकर्मी विजय बांधे ने ही लिखाई है. पुलिस ने जब विजय को पूछने के लिए बुलाया। तो उसकी बातें शुरु से ही बेमेल लगीं. वह बार-बार बयान बदल रहा था और घटनाक्रम बताने में हिचक भी दिख रही थी. तकनीकी टीम ने जब उसका मोबाइल लोकेशन और मूवमेंट खंगाला, तो कई सवाल खड़े हुए. देर रात पूछताछ के दौरान पुलिस के सवालों का दबाव बढ़ा और आखिरकार विजय टूट गया. उसने पूरे मामले की कहानी साफ-साफ बता दी.
विजय के मुताबिक वह केटरिंग का काम करता है. जहां उर्मिला पिछले कुछ सालों से काम कर रही थी. साथ काम करते-करते दोनों करीब आए और रिश्ता भावनात्मक होते-होते प्रेम संबंध तक पहुंच गया. हालांकि रिश्ता एकतरफा दबाव और मनमुटाव में बदलता गया. विजय शादीशुदा था और उसकी पत्नी गर्भवती थी. इसके बावजूद उर्मिला उस पर शादी का दबाव बना रही थी. इसी मुद्दे पर दोनों के बीच कई बार झगड़े हुए. पैसों को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया था. विजय ने पुलिस को बताया कि उर्मिला ने हाल के दिनों में उसे सार्वजनिक रुप से कई बार अपमानित किया। जिससे तनाव और बेइज्जती की भावना बढ़ती गई. इसी गुस्से और दबाव के चलते उसने कत्ल की साजिश रच ली.
रविवार की शाम विजय ने उर्मिला को काम के बहाने बाइक से अपने साथ बुलाया. दोनों उतई की तरफ निकले. रास्ते में उसने मोमोस और पकौड़ा पैक करवाया ताकि किसी को शक न हो कि वह उर्मिला को किसी बहाने सुनसान जगह ले जा रहा है. खेल मैदान को उसने इसलिए चुना क्योंकि शाम के समय वहां कोई नहीं रहता और पास ही नहर है. जहां आना-जाना कम होता है. जब दोनों मैदान पहुंचे। तो दोनों के बीच पहले से चल रहे विवादों पर बात शुरु हुई और थोड़ी ही देर में बहस गर्म हो गई. इसी बीच विजय ने अपने बैग में रखे धारदार चापर से अचानक उर्मिला पर वार कर दिए.
पहले गले पर, फिर शरीर पर कई बार हमला किया. उर्मिला वहीं गिर गई. इसके बाद जिस साजिश की तैयारी पहले से की गई थी. उसे अंजाम देने का वक्त आया. विजय बोतल में लाया पेट्रोल उर्मिला के शरीर पर उड़ेल दिया और आग लगा दी. पास की पराली भी उसने उसी आग में फेंकी। ताकि शव पूरी तरह जलकर पहचान मिट जाए. इसके बाद वह सीधे अपने गांव करगाडीह लौट गया. जैसे कुछ हुआ ही न हो.
अगले दिन सुबह विजय सुपेला थाने पहुंचा और उर्मिला के नहीं मिलने का नाटक करते हुए गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. उसका मकसद साफ था शक खुद से दूर करना और खुद को सहयोगी दिखाना. लेकिन पुलिस पहले से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी. जैसे ही थाने से बाहर निकला, तकनीकी और फील्ड टीम के इनपुट के आधार पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया. पूछताछ में उसके बयानों की उलझन, मोबाइल लोकेशन और घटना स्थल के सुबूतों ने पूरा सच खोल दिया. विजय ने आख़िरकार मान लिया कि उसी ने उर्मिला की हत्या की और शव को जलाकर पहचान मिटाने की कोशिश की.
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने विजय के घर और आस-पास तलाशी ली. उसके कपड़ों पर खून के निशान मिले, जिन्हें उसने छिपाने की कोशिश की थी. घटना में इस्तेमाल किया गया चापर बरामद हुआ. पेट्रोल डालने वाली बोतल और अन्य सामग्रियां भी पुलिस ने जब्त कीं. एफएसएल की टीम ने स्थल से मिले अवशेषों और आरोपी के कपड़ों का मिलान किया। जिससे पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हो गई.
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह मामला सिर्फ प्रेम प्रसंग का नहीं था. यह उस तनाव, असुरक्षा और अविश्वास का नतीजा है. जो लंबे समय से दोनों के बीच बढ़ता जा रहा था. विवाद इतने गहरे हो गए थे कि आरोपी ने अत्यधिक कदम उठाने का फैसला कर लिया. उसने न सिर्फ हत्या की, बल्कि सबूत मिटाने और खुद को निर्दोष दिखाने की तैयारी भी पहले से कर रखी थी.
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