अवैध निर्माण तोड़ने पहुंची निगम टीम पर हमला, जोन आयुक्त पर 5 हजार घूस मांगने का आरोप, सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़; थाने में FIR दर्ज
A municipal team that arrived to demolish illegal construction was attacked, the zone commissioner was accused of demanding a bribe of 5,000 rupees, and a government vehicle was vandalized; an FIR was lodged at the police station.
दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई से नगर निगम की टीम पर हमला करने का एक मामला सामने आया है. यहां अवैध कब्जा हटाने पहुंची निगम की टीम पर कब्जाधारियों ने हमला कर दिया और गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की. वहीं कब्जा धारियों ने उल्टा जोन आयुक्त पर रिश्वत लेने का आरोप भी लगाया. जिसके बाद जोन आयुक्त ने इसकी शिकायत थाने में कर दी है. यह पूरा मामला सूपेला थाना क्षेत्र का है.
मिली जानकारी के मुताबिक नगर निगम की टीम जोन आयुक्त के साथ अवैध कब्जा हटाने पहुंची तो कब्जाधारियों ने बिना नोटिस के कार्रवाई का आरोप लगाते हुए सभी को घेर लिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ भी की. इतना ही नहीं उन्होंने जोन आयुक्त पर रिश्वत लेने का आरोप भी लगाया. इधर जोन आयुक्त ने आरोप को निराधार बताते हुए इसकी शिकायत थाने में की है.
नगर निगम भिलाई जोन 1 को कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि नेहरु नगर सेक्टर 9 के वार्ड क्रमांक 49/12 में पुष्पा तिवारी पति राधेश्याम तिवारी द्वारा अवैध निर्माण कराया जा रहा है. निगम की टीम ने भी बिना अनुमती के निर्माण करने पर पिछले 6 महीने में 7 नोटिस भेज चुकी थी. इसके बाद भी जब अवैध निर्माण नहीं रोका गया तो निगम की टीम तोड़ू दस्ता के साथ सोमवार को मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरु की.
आरोप है कि करीब पांच लोगों ने गाली-गलौज करते हुए जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत की सरकारी गाड़ी CG 07 AL 5334 का अगला शीशा ड्राइवर के सामने ही तोड़ दिया. घटना में किसी कर्मचारी के घायल होने की खबर नहीं है.
वहीं जब निगम की टीम ने अवैध निर्माण हटा दिया तो मकान मालिक के साथ ही 4 से 5 लोगों ने निगम की टीम और जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत को घेर लिया और उनपर 5 हजार रुपए लेने के आरोप लगाने लगे. वहीं जोन आयुक्त ने थाने पहुंचकर शिकायत की और उन पर लगे सभी आरोपो को निराधार बताया. साथ ही कब्जाधारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत ने कहा कि पिछले छह महीने से निर्माणकर्ता को नियमों के पालन के लिए समझाइश दी जा रही थी और कई नोटिस भी दिए गए. इसके बावजूद जब कार्रवाई करने पहुंचे तो अनु मिश्रा सहित कुछ लोगों ने गाली-गलौज की, टीम पर हमला किया और सरकारी वाहन तोड़ दिया. ऐसे माहौल में कैसे काम किया जा सकता है?
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